फैक्ट चेक

नहीं, "आरएसएस के गुंडों" ने कश्मीरी मुस्लिम लड़की को 'सहरी' खिलाने पर हिन्दू महिला को नहीं मारा

बूम ने पाया की तस्वीरें असंबंधित हैं और घायल महिला की तस्वीर गुजरात से है|

By - Saket Tiwari | 6 May 2020 2:31 PM IST

नहीं, "आरएसएस के गुंडों" ने कश्मीरी मुस्लिम लड़की को सहरी खिलाने पर हिन्दू महिला को नहीं मारा

दो तस्वीरों के साथ एक कोलाज सोशल मीडिया पर फ़र्ज़ी कैप्शन के साथ वायरल हो रहा है| यह दावा दो महिलाओं को एक बताते हुए, दो अलग अलग घटनाओं को साम्प्रदायिक बनाने की कोशिश करता है|

एक तस्वीर में महिला एक लड़की के बगल में खड़ी दिखाई देती है| लड़की खाना खा रही है| दूसरी तस्वीर में एक महिला घायल नज़र आती है| उसके नाक से खून बह रहा है|

इस कोलाज के साथ कैप्शन फ़र्ज़ी दावा करता है की एक कश्मीरी मुस्लिम लड़की को खाना खिलाने पर आरएसएस के गुंडों ने हिन्दू महिला को पीटा|

बूम ने पाया की यह दोनों तस्वीरें दो अलग अलग महिलाओं की हैं| यह वायरल तस्वीर - जो दो तस्वीरों का कोलाज है - एक फ़र्ज़ी कैप्शन के साथ वायरल है: "हाल ही में एक हिन्दू महिला को एक कश्मीरी मुस्लिम लड़की को सहरी खिलाने पर आरएसएस के गुंडों ने पीटा| भारत आरएसएस के कब्जे में है| उनका मीडिया, लॉ एनफोर्समेंट, जुडिशरी और राष्ट्रिय सुरक्षा पर पूरा नियंत्रण है| क्या यह देश स्थिर रहेगा यदि ऐसा ही चलता रहा तो?"

एक तस्वीर महिला की एक लड़की को खाना खिलाते हुए ली गयी है जबकि दूसरी तस्वीर में महिला ने नाक के खून को रोकने के लिए हल्दी का इस्तेमाल किया है|


फ़ेसबुक पोस्ट यहाँ और इसका आर्काइव्ड वर्शन यहाँ देख सकते हैं|

कई फ़ेसबुक पेजों ने और ट्विटर हैंडल ने इसे शेयर किया है|

यह भी पढ़ें: लॉकडाउन तोड़ने का यह वीडियो सूरत का है दिल्ली का नहीं

फ़ैक्ट चेक

बायीं ओर की तस्वीर

बूम ने रिवर्स इमेज सर्च की और पाया की एक शख़्स ने इस तस्वीर को 25 अप्रैल 2020 को ट्वीट किया था| तस्वीर में एक समय बिंदु लिखी हुई है जो दर्शाती है की तस्वीर 25 अप्रैल 2020 को सुबह 3.41 बजे ली गयी है|

25 अप्रैल रमज़ान महीने का पहला दिन था| यह महीना उपवास के लिए इस्लाम में पवित्र माना जाता है| ट्विटर यूज़र ने इस तस्वीर का श्रेय परदुमन गोजा को दिया था| बूम ने गोजा का फ़ेसबुक प्रोफ़ाइल ढूंढा और हमें मिला भी| प्रोफाइल के अनुसार गोजा अनंतनाग जम्मू के निवासी हैं|

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हमनें प्रदुमन गोजा से फ़ेसबुक पर संपर्क किया जो अनंतनाग, जम्मू, में रहने वाले एक कश्मीरी पंडित हैं| बूम को उन्होंने बताया: "सहरी खिलाने वाला एक रूटीन पोस्ट हैं| तस्वीर में दिख रही लड़की मेरे दोस्त की बेटी है जो पढ़ाई के लिए हमारे साथ रहती है और लॉकडाउन के कारण रमजान के लिए अपने माता पिता से मिल नहीं सकी|"

हालांकि उन्होंने तस्वीर में दिख रही महिला, तस्वीर किसने ली और कब ली गयी, इन सवालों पर साफ़ जवाब नहीं दिया|

दायीं ओर की तस्वीर

एक रिवर्स इमेज सर्च में हमें पत्रकार राणा अय्यूब के ट्वीट पर एक रिप्लाई मिला जो 24 फ़रवरी 2020 को किया गया था| कमेंट सेक्शन में यह ट्वीट दरअसल चार तस्वीरों का एक सेट था| ट्विटर यूज़र ने लिखा: "खम्बात गुजरात में वह बहुसंख्यकों के धीरज की परीक्षा ले रहे हैं और एक तरफ़ा हिंसा शुरू कर रहे हैं| आपके जैसे लोग ऐसी घटनाओं के ज़िम्मेदार हैं| हमें पता था की आप अपने मकसद पूरा करने के लिए इस घडी का इंतज़ार कर रही थीं|"

(अंग्रेजी में: "#Khambhat Gujrat they are testing the patience of majority and initiating the one sided violence. people like u are responsible for such incident. we knew u r waiting for moment when reactions take place to capitalise ur agenda (Sic)."

इससे हमें संकेत मिले जिसके बाद यूट्यूब पर 'खम्बात' 'गुजरात' और हॉस्पिटल नाम से कीवर्ड्स खोज की| कई वीडिओज़ में से एक थंबनेल वायरल तस्वीर में घायल महिला से मेल खाता नज़र आया|


बूम ने टीवी9 गुजराती का यह वीडियो पूरा देखा और 1.40 मिनट पर वायरल तस्वीर में दिख रही महिला नज़र आयी| हमनें वायरल तस्वीर के साथ वीडियो के स्क्रीनशॉट की तुलना की| तुलना करने पर हमें कई समान बातें दिखी|


टीवी9 गुजराती का वीडियो नीचे देखें|

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कई न्यूज़ रिपोर्ट्स के अनुसार गुजरात के खम्बात में 23 फ़रवरी को हिंसा भड़की थी| यहाँ और पढ़ें|

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