बीते दिनों अमेरिका ने वेनेजुएला की राजधानी कराकस पर हमला कर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया. इसी बीच इससे जोड़कर एक तस्वीर सोशल मीडिया वायरल हो रही है जिसमें मादुरो को ड्रग एनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन (DAE) के कब्जे में दिखाया गया है.
बूम ने वायरल हो रही तस्वीर की जांच की और पाया कि इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से निर्मित किया गया है.
गौरतलब है कि अमेरिकी सेना ने 3 जनवरी 2025 को 'ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व' के तहत वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में ले लिया, जिसके बाद उन्हें न्यूयॉर्क ले जाया गया. इस ऑपरेशन की घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर की और कहा कि जब तक वेनेजुएला में "सुरक्षित, उचित और विवेकपूर्ण सत्ता हस्तांतरण" सुनिश्चित नहीं हो जाता तब तक अमेरिका देश का संचालन करेगा. ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल अकाउंट पर भी खुद को 'एक्टिंग प्रेसिडेंट ऑफ वेनेजुएला' घोषित कर दिया है.
राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया ने 5 जनवरी को लोअर मैनहाटन स्थित एक संघीय अदालत में न्यायाधीश के समक्ष मादक पदार्थों की तस्करी और अन्य आरोपों में खुद को निर्दोष बताया है. इस बीच वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली है.
सोशल मीडिया पर क्या है वायरल?
फेसबुक पर वायरल हो रही तस्वीर में DAE के दो कमांडो विमान के बाहर निकोलस मादुरो का हाथ पकड़े हुए नजर आते हैं. इस तस्वीर को शेयर करते हुए एक यूजर ने कैप्शन में लिखा कि "अमेरिकी कमांडोज वेनेज़ुएला के सदर मादुरो के बेडरूम में घुसे और उन्हें अंडरवियर में ही गिरफ्तार कर लिया, तो अरब दुनिया के तमाम सदर पसीने में नहा गए और बोले, आज के बाद हम सोएंगे भी तो फॉर्मल सूट पहनकर." (आर्काइव लिंक)
इंडिया टीवी और रिपब्लिक वर्ल्ड समेत कुछ न्यूज आउटलेट्स ने भी निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी से संबंधित खबरों में इस तस्वीर का इस्तेमाल किया है.
पड़ताल में क्या मिला:
पड़ताल के दौरान हमने पाया कि यह तस्वीर अमेरिका द्वारा निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी की असली तस्वीर नहीं है.
हमने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और वाइट हाउस द्वारा आधिकारिक रूप से जारी की गई मादुरो की अबतक की तस्वीरों की जांच की तो पाया कि इनमें वायरल तस्वीर शामिल नहीं है.
रॉयटर्स की 5 जनवरी की एक रिपोर्ट में हमें DEA अधिकारियों के बगल में खड़े निकोलस मादुरो की तस्वीर मिली, तब उन्हें यूएस फेडरल हवाई जहाज से कस्टडी में ले जाया जा रहा है. हमने देखा कि यह तस्वीर भी वायरल तस्वीर से मेल नहीं खाती.
इसके अलावा अदालत में मादुरो की पेशी के दौरान सामने आए विजुअल्स भी वायरल तस्वीर से अलग हैं. ये तथ्य बताते हैं कि वायरल तस्वीर का कोई आधिकारिक स्रोत नहीं है.
एआई डिटेक्शन टूल्स की पुष्टि
पड़ताल के लिए हमने इस तस्वीर को Hivemoderation और Undetectable.ai जैसे AI डिटेक्शन टूल पर चेक किया. Hivemoderation ने तस्वीर के एआई की मदद से बनाए जाने की संभावना 97.3 प्रतिशत जताई. वहीं Undetectable.ai ने भी इसके रियल होने की संभावना केवल एक प्रतिशत बताई.
हमारे पूछने पर Synth ID ने इसका विश्लेषण कर बताया कि इस इमेज का ज्यादातर या पूरा हिस्सा Google AI से एडिट किया या बनाया गया है.
इसके एनालिसिस के मुताबिक इमेज में एक इनविजिबल SynthID वॉटरमार्क है, जिसे Google के Gemini जैसे AI टूल से बनाए गए या बदले गए कंटेंट में एम्बेड किया जाता है.
Ian Weber नाम के यूजर ने बनाई ये तस्वीर
हमें Ian Weber नाम के एक्स हैंडल पर यह तस्वीर मिली, जो 3 जनवरी को ट्रंप द्वारा मादुरो की तस्वीर जारी करने से पहले पोस्ट की गई थी. इसके कमेंट सेक्शन के एक रिप्लाई में भी- जो कि स्पेनिश भाषा में है, इस यूजर ने स्पष्ट किया था कि उन्होंने AI का इस्तेमाल करके फोटो बनाई थी जो दुनिया भर में वायरल हो गई. Ian Weber सोशल मीडिया पर खुद को AI आर्ट के शौकीन बताते हैं.
Ian Weber ने अंतर्राष्ट्रीय न्यूज एजेंसी एएफपी को बताया कि उन्होंने इसे बनाने में Gemini Image generator 'नैनो बनाना प्रो' का इस्तेमाल किया था और इसके कोने में दिखने वाले वॉटरमार्क को हटा दिया था. उन्होंने बताया, "मुझे उम्मीद नहीं थी कि यह तस्वीर दुनिया भर में सबसे ज्यादा शेयर की जाने वाली तस्वीर बन जाएगी. मेरा कभी यह दावा करने का इरादा नहीं था कि यह मादुरो की हिरासत में ली गई पहली तस्वीर है."


