सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो वायरल हो रहा है. इसके साथ दावा किया जा रहा है कि अमेरिका-इजरायल और ईरान के जारी संघर्ष के बीच बढ़ी LPG की किल्लत के मद्देनजर पीएम मोदी ने 12 मार्च से गैस सिलेंडर मुफ्त देने की घोषणा की है.
बूम ने पाया कि वायरल दावा फेक है. पीएम मोदी के इस वीडियो में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से फर्जी आवाज जोड़ी गई है. DeepFake-O-Meter और Hiya जैसे AI डिटेक्शन टूल्स भी इसकी पुष्टि करते हैं.
गौरतलब है कि अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण मध्य-पूर्व में हालात अस्थिर बने हुए हैं. इस तनाव ने भारत में LPG संकट को जन्म दे दिया है. भारत अपनी कुल जरूरत का लगभग 60-65 प्रतिशत LPG आयात करता है, जिसका बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आता है. इसकी अधिकांश खेप समुद्री मार्ग Strait of Hormuz के जरिए पहुंचती है, जो Iran और Oman के बीच स्थित है. मध्य-पूर्व में जारी तनाव की वजह से इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों के लिए जोखिम बढ़ गया है.
सोशल मीडिया पर क्या है वायरल?
वीडियो में पीएम मोदी लोगों को संबोधित करते हुए कहते नजर आ रहे हैं कि "12 मार्च से गैस सिलेंडर की कमी को देखते हुए हमारी सरकार ने एक बहुत बड़ा ऐलान कर दिया है. इस बार उज्ज्वला योजना के तहत सभी को फ्री में गैस सिलेंडर दिया जाएगा. सिलेंडर लेने के लिए जल्दी से आवेदन कर दो."
वीडियो के अंत में एक वॉयसओवर में फ्री गैस सिलेंडर पाने के लिए वीडियो को पांच लोगों के साथ शेयर करने और नीचे कमेंट करने जैसी सलाह दी रही है.
फेसबुक और इंस्टाग्राम पर लोग इस वीडियो को वास्तविक बताकर शेयर कर रहे हैं और 12 मार्च से मुफ्त गैस सिलेंडर मिलने का दावा कर रहे हैं. आर्काइव लिंक यहां और यहां देखें.
पड़ताल में क्या मिला:
मूल वीडियो 2019 का है
रिवर्स इमेज सर्च की मदद से हमें PMO इंडिया और संसद टीवी के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर इस वीडियो का मूल संस्करण मिला, जिसके विजुअल वायरल वीडियो से मेल खाते हैं. यह वीडियो 24 फरवरी 2019 को अपलोड किया गया था जो पुष्टि करता है कि इसका हालिया घटनाक्रम से कोई ताल्लुक नहीं है.
इस वीडियो में पीएम मोदी कहीं भी प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत एलपीजी सिलेंडर मुफ्त देने की घोषणा नहीं कर रहे हैं. पीएम मोदी का यह वीडियो उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में आयोजित एक जनसभा का है जहां उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का शुभारंभ किया था.
वीडियो में एक जगह पीएम मोदी उज्ज्वला योजना समेत कई सरकारी योजनाओं का नाम गिनाते हुए कहते हैं कि इन योजनाओं के जरिए देश में जन कल्याण और विकास की एक नई धारा का प्रवाह हुआ है.
वीडियो की आवाज AI जनरेटेड है
पड़ताल के लिए हमने DeepFake-O-Meter, Hive Moderation और Hiya जैसे AI डिटेक्शन टूल्स पर इस वीडियो का विश्लेषण किया. DeepFake-O-Meter के लिप-सिंक्ड डीपफेक डिटेक्शन मॉडल ने वीडियो को 99.1 प्रतिशत तक फेक बताया. वहीं इसके अधिकांश मॉडल ने वीडियो की आवाज को एआई जनरेटेड करार दिया.
इसके अलावा टूल Hive Moderation ने भी इस स्पीच के AI जनरेटेड होने की संभावना 97.4 प्रतिशत जताई.
पुष्टि के लिए हमने आवाज के कुछ हिस्सों को डीपफेक वॉयस डिटेक्टर टूल Hiya पर भी चेक किया. Hiya ने ज्यादातर हिस्सों को 11/100 का ऑथेंटिसिटी स्कोर दिया, जो इसके डीपफेक होने की संभावना को दिखाता है.
वायरल वीडियो के दावे प्रमाणिक नहीं हैं
इसके अलावा हमें ऐसी कोई मीडिया रिपोर्ट नहीं मिली जिसमें एलपीजी संकट के मद्देनजर उज्ज्वला योजना के तहत फ्री गैस सिलेंडर देने की बात कही गई हो. हमें पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय या उज्ज्वला योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर भी ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली. गौरतलब है कि इस योजना के तहत फ्री एलपीजी कनेक्शन और सब्सिडी का प्रावधान है, लेकिन फ्री सिलेंडर देने का उल्लेख नहीं है.


