सोशल मीडिया पर एक एआई जनरेटेड वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें ईरान द्वारा अमेरिकी सैनिकों को बंदी बनाए जाने का दावा किया गया है.
बूम ने फैक्ट चेक में पाया कि वायरल वीडियो असली नहीं है. वीडियो में मौजूद विसंगतियों के अलावा DeepFake-O-Meter जैसे AI डिटेक्शन टूल्स इसके एआई से बने होने की पुष्टि करते हैं.
सोशल मीडिया पर क्या वायरल?
एक्स जैसे सोशल मीडिया माध्यमों पर इस वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया गया कि इसमें ईरानी सैनिकों द्वारा अमेरिकी सैनिकों को बंधक बनाकर रखने का दृश्य दिखाया जा रहा है. (आर्काइव लिंक)
एक यूजर ने इसके साथ हिंदी कैप्शन दिया जिसमें कहा किया गया कि अमेरिकी सैनिक ईरानियों के सामने घुटनों के बल बैठे हैं. (आर्काइव लिंक)
पड़ताल में क्या मिला:
एआई डिटेक्शन टूल ने क्या बताया
हमने एआई डिटेक्शन टूल DeepFake-O-Meter का उपयोग कर इस वीडियो का विश्लेष्ण किया. इस टूल ने वीडियो को AI जनरेटेड बताते हुए इसके 100 प्रतिशत फेक होने की संभावना जताई.
वीडियो में है विसंगतियां
जांच के दौरान हमें वीडियो में कई विसंगतियां दिखाई दीं. मसलन एक दृश्य में ईरानी सैनिक अमेरिकी सैनिकों की ओर राइफल ताने हुए दिखता है, लेकिन हथियार का आकार और उसे पकड़ने का तरीका काफी अस्वाभाविक लगता है. AI जनरेटेड वीडियो में आमतौर पर इस तरह की गड़बड़ियां देखने को मिलती हैं, जहां चीजें और गतिविधियां अवास्तविक लगती हैं.
ऐसी किसी घटना से संबंधित कोई मीडिया रिपोर्ट नहीं है
इसके अलावा इस रिपोर्ट के लिखे जाने तक हमें ऐसी कोई विश्वसनीय न्यूज रिपोर्ट नहीं मिली है जो इस बात की पुष्टि करती हो कि ईरानी सेना द्वारा अमेरिकी सैनिकों को बंधक बना लिया गया है.
Reuters की 10 मार्च 2026 की एक रिपोर्ट के अनुसार ईरान के साथ युद्ध में अब तक 150 अमेरिकी सैनिक घायल हो चुके हैं. वहीं Pentagon ने खुलासा किया है कि आठ अमेरिकी सैन्यकर्मी गंभीर रूप से घायल हैं.


