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सुभाष चंद्र बोस को ख़ुद की मौत की ख़बर पढ़ते दिखाती यह तस्वीर एडिटेड है

वायरल तस्वीर शेयर करते हुए दावा किया गया है कि सुभाषचंद्र बोस की मौत के बारे में कांग्रेस ने भ्रामक जानकारी फैलाई थीं.

By - Mohammad Salman | 30 Sept 2021 2:40 PM IST

सुभाष चंद्र बोस को ख़ुद की मौत की ख़बर पढ़ते दिखाती यह तस्वीर एडिटेड है

सोशल मीडिया पर सुभाषचंद्र बोस (Subhas Chandra Bose) की अख़बार (Newspaper) पढ़ते हुए एक एडिटेड तस्वीर इस दावे के साथ वायरल है कि वो एक विमान दुर्घटना में अपनी ही मृत्यु (Death) की ख़बर पढ़ते हुए दिखाई दे रहे हैं.

बूम ने अपनी जांच में पाया कि वायरल तस्वीर के साथ किया गया दावा फ़र्ज़ी है. वायरल तस्वीर एडिटेड है.

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वायरल तस्वीर पर लिखा है, "23 अप्रैल, 1945 को नेताजी सुभाष चंद्र बोस विमान दुर्घटना में उनकी मौत की ख़बर अखबार में पढ़ रहे हैं. ब्रिटिश पालतू कुत्ते कांग्रेस का सबसे बड़ा झूठ"


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वायरल तस्वीर पहले बांग्ला में वायरल थी, जिसका हिंदी अनुवाद, "23 अगस्त, 1945 को सुपर एक्सप्रेस ने नेताजी की विमान दुर्घटना में मौत की ख़बर प्रकाशित की, वह खुद उनकी मौत की ख़बर पढ़ रहे थे."

(Original text - 23 শে আগস্ট 1945 সুপার এক্সপ্রেস পত্রিকায় নেতাজীর বিমান দুর্ঘনায় মৃত্যু সংবাদ প্রকাশিত হয় , নেতাজী নিজের মৃত্যু সংবাদ নিজেই খবরের কাগজে দেখছেন)


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हमारे हेल्पलाइन नंबर (7700906111) पर यही वायरल तस्वीर प्राप्त हुई, जिसमें तस्वीर की प्रामाणिकता के बारे में पूछताछ की गई थी.

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बूम ने पाया कि तस्वीर से छेड़छाड़ की गई है, और असल तस्वीर में सुभाष चंद्र बोस विमान दुर्घटना में उनकी मृत्यु की ख़बर नहीं पढ़ रहे हैं. उनकी मृत्यु की ख़बर वाले लेख को तस्वीर में एडिट किया गया है.

हमें अपनी जांच के दौरान 27 मई, 2018 को पोस्ट किए गए "Conundrum: Subhas Bose's Life after Death" के लेखक अनुज धर का एक ट्वीट मिला, जिसमें मूल तस्वीर थी.

अनुज धर ने तस्वीर के साथ ट्वीट करते हुए लिखा था, "सुभाष चंद्र बोस निप्पॉन टाइम्स (अब जापान टाइम्स) पढ़ रहे हैं, जो जापान का सबसे बड़ा और सबसे पुराना अंग्रेजी भाषा का दैनिक अख़बार है."

हम स्पष्ट रूप से देख सकते हैं कि अखबार में मूल लेख में बोस की तस्वीर या उनकी मृत्यु पर कोई शीर्षक नहीं है.

अनुज धर ने 18 अगस्त, 2019 के ट्वीट में इसे एडिटेड तस्वीर बताते हुए कहा कि इसे @BiplabC2 द्वारा बनाया गया था. ट्विटर हैंडल अब सस्पेंड कर दिया गया है. धर ने कैप्शन के साथ ट्वीट किया, "@ BiplabC2 द्वारा कुछ पुनर्कल्पना के साथ मूल तस्वीर"

वायरल और असल तस्वीर के बीच तुलनात्मक विश्लेषण करने पर हम पाते हैं कि दोनों तस्वीरों में अख़बार का नाम 'निप्पॉन टाइम्स' है. ओरिजिनल तस्वीर में, बोस की तस्वीर के साथ "मिस्टर सुभाष... बोस डेड" शीर्षक नहीं है, जिससे पता चलता है कि वायरल तस्वीर को एडिटेड किया गया है.


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