अमेरिका-इजरायल और ईरान के जारी संघर्ष के बीच सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस सांसद शशि थरूर और रिटायर्ड आर्मी चीफ मनोज पांडे के डीपफेक वीडियो शेयर किए जा रहे हैं.
इन फर्जी वीडियो में उन्हें पश्चिम एशिया के मौजूदा संघर्ष के बीच ईरान विरोधी रुख अपनाते और भारत की डिफेंस व डिप्लोमेटिक स्ट्रैटजी पर बयान देते दिखाया गया है. इस तरह के अधिकांश एआई जनित वीडियो पाकिस्तान समर्थक एक्स हैंडल @InsiderWB द्वारा शेयर किए गए हैं.
पाकिस्तान समर्थक यह एक्स हैंडल इससे पहले 2025 में भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान भी इस तरह के कई फर्जी कंटेंट साझा कर रहा था. BOOM ने इस अकाउंट की पड़ताल की और करीब 10 ऐसे वीडियो को चेक किया, जिनमें भारतीय नेताओं, सैन्य अधिकारियों और अन्य प्रभावशाली हस्तियों के एआई जनरेटेड डीपफेक वीडियो शेयर कर भारतीय सरकार और सशस्त्र बलों के बारे में झूठे दावे किए गए थे. कानूनी कार्रवाई के बाद भारत में फिलहाल इस अकाउंट पर रोक लगा दी गई है.
हमने @InsiderWB द्वारा शेयर क गए तीन वीडियो का फैक्ट चेक किया.
1. पीएम मोदी के ईरान को "आतंकी राष्ट्र" बताने का वीडियो
वायरल वीडियो में पीएम मोदी ईरान को आतंकवादी राष्ट्र बताते हुए कहते हैं कि भारत मौजूदा युद्ध में इजरायल के साथ खड़ा है. आगे उन्हें कथित तौर पर यह भी कहते हुए दिखाया गया कि इजरायल और भारत दोनों एक जैसी ही आकांक्षा रखते हैं- इजरायल को ग्रेटर इजरायल बनना है और भारत को अखंड भारत.
साथ ही इस दौरान वह मंच से पाकिस्तान पर भी निशाना साधते हैं और कहते हैं कि भारत का मुख्य लक्ष्य पाकिस्तान है. (आर्काइव लिंक)
बाद में कई अन्य सोशल मीडिया यूजर्स ने भी इस वीडियो को हिंदी कैप्शन के साथ साझा करते हुए इसी तरह का भ्रामक दावा किया है. (आर्काइव लिंक)
फैक्ट चेक:
बूम ने फैक्ट चेक में पाया कि न्यूज एजेंसी एएनआई की मूल वीडियो रिपोर्ट और 12 मार्च 2026 को मोदी के लाइव भाषण के संबोधन में ऐसी कोई टिप्पणी मौजूद नहीं है.
यह मूल वीडियो NXT समिट का है, जिसमें पीएम मोदी युद्ध के कारण उत्पन्न वैश्विक और LPG संकट तथा इससे निपटने के उपायों पर बोलते नजर आ रहे हैं.
2. शशि थरूर का पाकिस्तान को भारत से बेहतर बताने का वीडियो
कांग्रेस नेता शशि थरूर का भी एक ऐसा ही वीडियो @InsiderWB ने शेयर किया और इसके अंग्रेजी कैप्शन में लिखा, "तिरुवनंतपुरम, केरल: अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा- मोदी ने जो किया है वह एक ऐतिहासिक भूल है. आप कमजोर होती शक्तियों से दोस्ती करके भारत की प्रगति की उम्मीद नहीं कर सकते. ग्लोबल साउथ एक वास्तविकता है, चीन, रूस और पाकिस्तान अब पहले से कहीं अधिक करीब हैं." (आर्काइव लिंक)
पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेगुलेटरी अथॉरिटी की महानिदेशक आयशा मंजूर वट्टू ने भी अपने एक्स हैंडल से इस पोस्ट को साझा किया है. (आर्काइव लिंक)
फैक्ट चेक:
संबंधित कीवर्ड सर्च करने पर हमें शशि थरूर के नाम से वायरल हो रहे इस बयान से जुड़ी कोई विश्वसनीय न्यूज रिपोर्ट नहीं मिली. रिवर्स इमेज सर्च मदद से हमें प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (पीटीआई) द्वारा 14 मार्च 2026 का पोस्ट किया गया मूल वीडियो मिला.
मूल वीडियो में कांग्रेस सांसद शशि थरूर कहीं भी पाकिस्तान की प्रशंसा करते या वायरल वीडियो वाला बयान देते नहीं दिखाई देते.
इस वीडियो में शशि थरूर कहते हैं कि ईरान काफी नुकसान झेल रहा है, ऐसे में वह तेल और शिपिंग चैनल रोककर ही दबाव बना सकता है. इसलिए Strait of Hormuz केवल युद्ध खत्म होने पर ही खोला जा सकता है.
हमने एआई डिटेक्शन टूल DeepFake-O-Meter के माध्यम से भी वीडियो का विश्लेषण किया. विश्लेषण में इस टूल के कई मॉडल ने पुष्टि की कि वीडियो में एआई की मदद से हेरफेर किए जाने के संकेत हैं.
3. मनोज पांडे का भारतीय सेना में विद्रोह की चेतावनी देने का वीडियो
इसी हैंडल द्वारा एक और वीडियो साझा किया गया जिसमें पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे (सेवानिवृत्त) नजर आते हैं. इस वीडियो में उन्हें यह कहते हुए दिखाया गया है कि मौजूदा हालात में भारतीय सेना को नैतिक बल के बजाय जातीय बल में बदला जा रहा है.
आगे वह संभावित विद्रोह की आशंका जताते हुए असम की स्थिति पर टिप्पणी करते हैं और सशस्त्र बलों के भीतर इजरायली प्रभाव का आरोप लगाते नजर आते हैं, जिससे सांप्रदायिक नफरत के कारण आंतरिक विद्रोह भड़क सकता है. (आर्काइव लिंक)
फैक्ट चेक:
पूर्व सेना प्रमुख के नाम से वायरल हुए भाषण से संबंधित कीवर्ड खोज करने पर हमें कोई विश्वसनीय समाचार रिपोर्ट नहीं मिली. रिवर्स इमेज सर्च के जरिए हमें पीटीआई द्वारा 14 मार्च 2026 को प्रकाशित मूल वीडियो रिपोर्ट मिली.
इस वीडियो रिपोर्ट में मनोज पांडे को मौजूदा चुनौतियों पर बात करते हुए और सशस्त्र बलों को भविष्य के लिए तैयार रहने की आवश्यकता बताते हुए दिखाया गया है. इसमें कहीं भी वह वायरल वीडियो वाला बयान देते नजर नहीं आ रहे हैं.
एआई डिटेक्शन टूल DeepFake-O-Meter द्वारा इस वीडियो का विश्लेषण करने पर इसमें भी हमें एआई से किए गए हेरफेर के संकेत मिले.


