IRIS Dena की लोकेशन लीक करने के दावे से आर्मी चीफ का डीपफेक वीडियो वायरल
BOOM ने पाया कि सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी के वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई है और इसमें एआई की मदद से बनाई गई फर्जी आवाज अलग से जोड़ी गई है.

हिंद महासागर में अमेरिकी हमले में डूबे ईरानी युद्धपोत IRIS Dena की घटना से जोड़कर सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस वीडियो में उपेंद्र द्विवेदी यह स्वीकार करते नजर आ रहे हैं कि भारत ने इजरायल से IRIS Dena की लोकेशन साझा की थी.
बूम ने फैक्ट चेक में पाया कि यह वीडियो डीपफेक है. DeepFake-O-Meter और Hiya जैसे AI डिटेक्शन टूल्स पुष्टि करते हैं कि उपेंद्र द्विवेदी के वीडियो में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल कर फर्जी आवाज जोड़ी गई है. रायसीना डायलॉग 2026 के इस मूल वीडियो में उपेंद्र द्विवेदी 'ऑपरेशन सिंदूर' जैसे मुद्दों पर बातचीत कर रहे थे.
गौरतलब है कि ईरान के साथ जारी टकराव के बीच अमेरिका ने 4 मार्च को श्रीलंका के दक्षिणी तट से करीब 40 समुद्री मील दूर गाले के पास अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में एक टॉरपीडो हमले में ईरान के युद्धपोत IRIS Dena को निशाना बनाया.
हमले के बाद यह युद्धपोत डूब गया और करीब 87 लोगों के मारे गए. युद्धपोत पिछले महीने भारतीय नौसेना द्वारा आयोजित सैन्य अभ्यास में हिस्सा लेने के बाद विशाखापत्तनम से वापस ईरान लौट रहा था. ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची ने कहा कि डेना 'इंडियन नेवी का मेहमान' था.
सोशल मीडिया पर क्या है वायरल?
अमेरिका द्वारा ईरानी युद्धपोत IRIS Dena पर किए इस हमले से जोड़कर आर्मी चीफ उपेंद्र द्विवेदी का यह वीडियो वायरल हो रहा है. करीब 56 सेकंड के इस वीडियो में उपेंद्र द्विवेदी अंग्रेजी में कहते नजर आ रहे हैं कि "हम ईरान के हालात पर करीब से नजर रख रहे हैं. इजरायल हमारा करीबी सहयोगी है. ईरानी नेवी का जहाज डूबना सच में बुरा है लेकिन यह इंटरनेशनल वाटर में हुआ."
वह आगे कहते हैं, "जब तक ईरानी जहाज भारतीय जलक्षेत्र में था वे सुरक्षित रहे लेकिन जब उन्होंने इंटरनेशनल वाटर पार किया तो स्ट्रेटेजिक सहयोगी होने के नाते यह हमारा फर्ज था कि हम अपनी नई स्ट्रेटेजिक डील के तहत इजरायल को उसकी सही लोकेशन के बारे में बताएं. इसलिए यह मानना गलत है कि ईरानी नेवी के जहाज भारतीय इलाके में तबाह हुए. इजरायल इंटरनेशनल वाटर में क्या करता है, यह उनका काम है."
आगे वह इजरायल-अमेरिका के इस संयुक्त हमले में भारत की भूमिका से नकारते हुए देश का फोकस पाकिस्तान पर होने की बात कहते दिख रहे हैं.
एक्स जैसे सोशल मीडिया माध्यमों पर ज्यादातर पाकिस्तानी अकाउंट्स इस वीडियो को शेयर करते हुए लिख रहे हैं कि भारत ने आधिकारिक तौर पर ईरान को धोखा देने और ईरानी जहाज की लोकेशन इजरायल के साथ साझा करने की बात स्वीकार कर ली है. (आर्काइव लिंक)
Voice Of Bangladeshi Muslims नाम के एक अकाउंट ने इसी दावे को दोहराते हुए लिखा कि ईरान को तुरंत भारत पर मिसाइल हमला कर देना चाहिए. (आर्काइव लिंक)
फेसबुक पर भी यह वीडियो हिंदी कैप्शन के साथ खूब वायरल है जिसमें कहा गया कि रायसीना डायलॉग के दौरान उपेंद्र द्विवेदी ने माना कि भारत ने ईरान के साथ धोखा किया और ईरानी युद्धपोत की लोकेशन इजरायल के साथ साझा की. (आर्काइव लिंक)
पड़ताल में क्या मिला:
मूल वीडियो में ऐसा कोई बयान नहीं है
मूल वीडियो 7 मार्च 2026 का है तब सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी रायसीना डायलॉग 2026 के दौरान अपनी बात रख रहे थे. हमने फर्स्टपोस्ट के एक्स और यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध इस बातचीत का पूरा वीडियो देखा. हमने पाया कि पूरे वीडियो में उपेंद्र द्विवेदी कहीं भी ईरानी युद्धपोत IRIS Dena पर हुए हमले या उसमें भारत की भूमिका का जिक्र करते नजर नहीं आ रहे.
इस वीडियो में वह ऑपरेशन सिंदूर, पाकिस्तान और युद्ध के भविष्य पर चर्चा करते दिखाई देते हैं. करीब 21 मिनट के इस वीडियो में 1 मिनट 20 सेकंड पर वायरल क्लिप जैसा हैंड मूवमेंट देखा जा सकता है.
एआई डिटेक्शन टूल्स ने की पुष्टि
वीडियो की पड़ताल के लिए हमने इसे एआई डिटेक्टर टूल DeepFake-O-Meter और Hivemoderation पर चेक किया. DeepFake-O-Meter के ड्यूल लेबल डीपफेक वीडियो डिटेक्शन और लिप-सिंक्ड डीपफेक डिटेक्शन मॉडल ने इस वीडियो को 99.9 प्रतिशत तक फेक बताया. इसके ज्यादातर मॉडल्स ने इसकी आवाज को भी एआई जनरेटेड करार दिया.
इसके अलावा टूल Hivemoderation ने भी वीडियो के स्पीच के एआई जनरेटेड होने की संभावना 99.9 प्रतिशत बताई.
पुष्टि के लिए हमने आवाज के कुछ हिस्सों को डीपफेक वॉयस डिटेक्टर टूल Hiya पर भी चेक किया. Hiya ने ज्यादातर हिस्सों को 1/100 का ऑथेंटिसिटी स्कोर दिया, जो इसके डीपफेक होने की संभावना को बताता है.


