फैक्ट चेक

ईरान-इजरायल हमले से जोड़कर असंबंधित वीडियो को किया गया शेयर

बूम ने पाया कि वायरल वीडियो में तीन क्लिप्स हैं. तीनों क्लिप्स अलग-अलग जगहों से लिए गए हैं. वीडियो की पहली क्लिप सीरिया की है. दूसरी क्लिप अर्जेंटीना और तीसरी क्लिप अल-अक्सा मस्जिद में रमजान के मौके पर जुटी भीड़ की है.

By - Jagriti Trisha | 17 April 2024 7:14 PM IST

ईरान-इजरायल हमले से जोड़कर असंबंधित वीडियो को किया गया शेयर

सोशल मीडिया पर ईरान-इजरायल युद्ध से जोड़कर एक वीडियो वायरल है. इस वीडियो में तीन अलग-अलग क्लिप शामिल है. इसके साथ दावा किया जा रहा है कि यह 13 अप्रैल को इजरायल पर ईरान द्वारा किए गए हमले के बाद का वीडियो है.

बूम ने अपनी जांच में पाया कि वायरल दावा गलत है. वीडियो के तीनों क्लिप अलग-अलग जगहों से लिए गए हैं. वीडियो की पहली क्लिप सीरिया की है. दूसरी क्लिप अर्जेंटीना और तीसरी क्लिप अल-अक्सा मस्जिद में रमजान के मौके पर जुटी भीड़ की है. 

गौरतलब है कि एक अप्रैल को सीरिया के दमिश्क में ईरानी दूतावास पर इजरायल द्वारा किए गए हमले का जवाब देते हुए ईरान ने 13 अप्रैल 2024 को इजरायल को निशाना बनाते हुए सैकड़ों ड्रोन और मिसाइलें लॉन्च कर दीं. इस घटना के बाद से मिडिल ईस्ट में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है.

वायरल वीडियो में पहली क्लिप एक मिसाइल हमले की है, जिसके साथ वीडियो में लिखा गया है कि ईरान, इजरायल पर हमला करता हुआ. दूसरी क्लिप में एक सड़क पर लोग भागते नजर आ रहे हैं, जिसके साथ दावा किया गया कि हमले के बाद इजरायल के लोग घरों से बाहर निकल आए हैं. और तीसरी क्लिप में मस्जिद के बाहर भीड़ को नारे लगाते देखा जा सकता है.



सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म थ्रेड्स पर एक यूजर ने वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, 'लब्बैक या अक्सा.'

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फेसबुक पर भी इस वीडियो को इन्हीं दावों के साथ शेयर किया गया है. 


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फैक्ट चेक

बूम ने वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए वीडियो के तीनों क्लिप्स की अलग-अलग पड़ताल की.

क्लिप: एक

पहली क्लिप के की-फ्रेम को एन्डेक्स सर्च करने पर हमें Телеграф - канал (टेलीग्राफ-चैनल) नाम के यूट्यूब चैनल पर चार साल पुराना यही वीडियो मिला, इसमें इसे सीरिया का बताया गया था.

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हमें तुर्किश न्यूज ऑउटलेट हैबर 48 के वेबसाइट पर इससे जुड़ी एक खबर मिली. इस खबर में भी वायरल वीडियो को देखा जा सकता है. इस खबर में भी बताया गया कि यह वीडियो सीरिया का है.



हमने पाया कि यह वीडियो इससे पहले भी कुछ भ्रामक दावों के साथ वायरल था. तब अरब की फैक्ट चेकिंग एजेंसी मिसबार ने इन दावों का खंडन करते हुए इसे सीरिया का ही बताया था.

क्लिप: दो

दूसरी क्लिप इजरायल की नहीं बल्कि अर्जेंटीना की राजधानी बुएनुस आइरिस की है. बूम की इंग्लिश टीम ने इस वीडियो का अलग से फैक्ट चेक किया. इस पड़ताल के दौरान बूम ने पाया कि इसे गलत तरीके से ईरान-इजरायल युद्ध से जोड़ा जा रहा है. पूरी रिपोर्ट यहां पढ़ी जा सकती है.

क्लिप: तीन   

वीडियो के तीसरे क्लिप के की-फ्रेम को रिवर्स इमेज सर्च पर हमें इंस्टाग्राम पर Mustufa Kalaniya नाम के हैंडल पर क्लिप से मिलता-जुलता यह वीडियो मिला. इसके कैप्शन में बताया गया था कि 'मुसलमानों ने रमजान की 27वीं रात को मस्जिद अल अक्सा की रक्षा करने का संकल्प लिया.'

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पोस्ट का आर्काइव लिंक.

हमें pious.ummah_ नाम के इंस्टाग्राम हैंडल पर भी 6 अप्रैल का पोस्ट किया गया यह वीडियो मिला. जो कि इजरायल पर ईरान के हमले से पहले की तारीख है. इसके कैप्शन में भी बताया गया कि यह रमजान के आखिरी शुक्रवार को अल-अक्सा मस्जिद के प्रांगण में गाजा के लिए एक विशाल प्रदर्शन का वीडियो है.

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पोस्ट का आर्काइव लिंक.

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