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फैक्ट चेक

सीजफायर में पाकिस्तान की भूमिका पर आपा खोते न्यूज एंकर का वीडियो AI जनरेटेड है

वीडियो में दिखाई देने वाली विसंगतियां साफ तौर पर संकेत देती हैं कि इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से तैयार किया गया है.

By -  Archis Chowdhury |

9 April 2026 6:31 PM IST

सोशल मीडिया पर पाकिस्तान समर्थक हैंडल एक वीडियो शेयर कर रहे हैं, जिसमें अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर में पाकिस्तान की भूमिका को लेकर एक भारतीय न्यूज एंकर को लाइव प्रसारण के दौरान आपा खोते हुए दिखाया गया है.

बूम ने पाया कि वीडियो AI की मदद से जनरेट किया गया है. वीडियो के विजुअल में कई विसंगतियां दिखती हैं, जैसे नोटपैड का डेस्क में ब्लेंड होते हुए नजर आना या स्क्रीन पर दिख रहे टेक्स्ट का अस्पष्ट व अर्थहीन होना.

यह वीडियो 8 अप्रैल 2026 को अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के युद्धविराम पर सहमति बनने के बाद सामने आया, जिसमें पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच समझौते में एक अहम मध्यस्थ की भूमिका निभाई.

सोशल मीडिया पर क्या है वायरल?

वायरल हो रहे इस वीडियो में युद्धविराम की खबर बताते हुए न्यूज एंकर को मेज पर हाथ पटकते और आपा खोते हुए देखा जा सकता है. इस वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि पाकिस्तान की राजनयिक सफलता से भारतीय मीडिया में अफरा-तफरी मची हुई है.

एक भारतीय यूजर ने इसके साथ कैप्शन दिया, 'महामानव का खिताब तो शाहबाज शरीफ ने छीन लिया इस बार, अब मोदी जी के लिए कोई नई स्क्रिप्ट गोदी मीडिया को दी जाएगी.' (आर्काइव लिंक)

यह क्लिप पाकिस्तानी समर्थक हैंडल, पत्रकारों और यहां तक ​​कि पाकिस्तान के राष्ट्रपति के प्रवक्ता मुर्तजा सोलांगी द्वारा भी शेयर की गई है. (आर्काइव लिंक)

पड़ताल में क्या मिला:

1) वीडियो के विजुअल में मौजूद विसंगतियां

वीडियो में AI जनरेटेड कंटेंट में दिखने वाले खामियों की भरमार है. वीडियो के करीब 9 सेकंड पर जब एंकर अपना हाथ डेस्क पर पटकता है तो नोटपैड केवल गिरता नहीं है, इसके बजाय ऐसा लगता है कि उसके पिक्सल डेस्क में मर्ज हो रहे हैं.

कई जगहों पर एंकर की उंगलियां कागज के ऊपर टिकने की बजाय उसके आर-पार जाती दिखती हैं. साथ ही जैसे-जैसे उसके हाथ हिलते हैं, कागज एक रेक्टेंगुलर शीट से बदलकर एक छोटे, बिना आकार वाले सफेद रूप में बदल जाता है और फिर फ्रेम के निचले हिस्से के पास एक बिल्कुल अलग स्थिति में दोबारा दिखाई देता है.

2) स्क्रीन पर लिखे अस्पष्ट शब्द

स्क्रीन पर दिखने वाले ग्राफिक्स एआई जनरेटेड होने का स्पष्ट संकेत देते हैं. देवनागरी में 'लाहौर' को 'लायोर' लिखा गया है. 'पाकिस्तान' की स्पेलिंग भी अजीब है और स्क्रीन के नीचे बड़े लाल बैनर पर 'पाकिस्तान मुकाने' जैसा कुछ लिखा हुआ है. चैनल की ब्रांडिंग भी सही नहीं लगती- लोगो ABP न्यूज से मिलता-जुलता है लेकिन चैनल का नाम 'BIBW न्यूज' है, जबकि ऐसा कोई चैनल मौजूद नहीं है.



3) यह 'AI Slop' का एक उत्कृष्ट उदाहरण है

वीडियो "AI Slop" का एक सटीक उदाहरण है. यह AI टूल्स का इस्तेमाल करके बनाए गए लो-क्वालिटी, मास-प्रोड्यूस्ड कंटेंट के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला शब्द है, जो आमतौर पर विसंगतियों से भरे होते हैं और सटीकता की परवाह किए बिना प्रसारित किए जाते हैं.



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