पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ लोग एक शख्स को दौड़ा-दौड़ाकर बेरहमी से पीटते नजर आ रहे हैं.
यूजर्स इस वीडियो को पश्चिम बंगाल का बताते हुए दावा कर रहे हैं कि पिटने वाला व्यक्ति तृणमूल कांग्रेस का कार्यकर्ता नजरुल इस्लाम है, जो मुर्शिदाबाद में हिंदू समुदाय के लोगों को वोट डालने के लिए धमका रहा था. इसी वजह से वहां के हिंदुओं ने उसकी पिटाई कर दी.
पश्चिम बंगाल में दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होना है, जबकि 4 मई को नतीजे घोषित किए जाएंगे. बता दें कि पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के बाद करीब 90 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, जिनमें सबसे अधिक नाम मुर्शिदाबाद जिले से हटाए गए हैं.
सोशल मीडिया पर क्या है वायरल?
एक्स और फेसबुक जैसे माध्यमों पर यूजर्स ने बंगाल चुनाव से जोड़ते हुए इस वीडियो को शेयर किया और लिखा, 'ये हैं नजरुल इस्लाम टीएमसी कार्यकर्ता, मुर्शिदाबाद में हिंदूओं को वोट के लिए धमका रहा था. कुछ हिंदूओं का ईमान जागा और नजरुल इस्लाम दुम दबाकर भागा. 4 मई दीदी गई.' आर्काइव लिंक यहां और यहां देखें.
पड़ताल में क्या मिला:
वीडियो 2022 का है
वीडियो के कीफ्रेम को रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें एक एक्स हैंडल पर यही वीडियो मिला. यहां यह वीडियो 17 जून 2022 को पोस्ट किया गया था, जिससे स्पष्ट होता है कि वीडियो हाल का नहीं बल्कि पुराना है.
वीडियो के कैप्शन में 'अग्निवीर' का जिक्र करते हुए बताया गया था कि बनारस में स्थानीय लोगों ने दुकानों को बंद कराने की कोशिश कर रही हिंसक भीड़ को पीट दिया.
वीडियो के स्पष्ट विजुअल में साइनबोर्ड पर 'टेलीफोन कॉलोनी, नगर निगम वाराणसी' लिखा देखा जा सकता है. गूगल मैप्स पर भी इस लोकेशन की पुष्टि होती है.
वाराणसी में अग्निपथ स्कीम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई थी घटना
यहां से हिंट लेकर इससे संबंधित मीडिया रिपोर्ट खोजने पर हमें अमर उजाला और नवभारत टाइम्स यूपी-उत्तराखंड की 17 जून 2022 की रिपोर्ट मिली. नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट में वायरल वीडियो वाला हिस्सा देखा जा सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में 17 जून को अग्निपथ स्कीम के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारी बलपूर्वक दुकानों को बंद कराने लगे तब दुकानदारों ने उनकी पिटाई कर दी और इसके बाद सभी को पुलिस के हवाले कर दिया.
साल 2022 में वाराणसी समेत देशभर में हुआ था प्रदर्शन
भारत सरकार ने 14 जून 2022 को अग्निपथ योजना की घोषणा की थी. इसके बाद बिहार और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में इस योजना के खिलाफ हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए. हालात को देखते हुए कई जगहों पर इंटरनेट सेवाएं भी बाधित करनी पड़ीं. इसी क्रम में वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन स्थित यार्ड के ट्रैक पर आगजनी की गई और शहर में करीब 36 वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया.


