प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के असम और केरल दौरे से जोड़कर दो तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. पहली तस्वीर में वह शूटिंग सेट जैसे माहौल में महिला कामगारों से बातचीत करते नजर आ रहे हैं. इसे बिहाइंड द सीन बताते हुए दावा किया जा रहा है कि पीएम मोदी कैमरे के सामने मजदूरों से नाटकीय तरीके से मुलाकात कर रहे हैं और उसका रील शूट करवा रहे हैं.
वहीं दूसरी तस्वीर में पीएम मोदी कैमरे के सामने केरल की पारंपरिक वेशभूषा पहने नारियल तोड़ते नजर आ रहे हैं.
बूम ने पाया कि पीएम मोदी की वायरल तस्वीरें वास्तविक नहीं है. AI डिटेक्शन टूल्स के नतीजे पुष्टि करते हैं कि ये तस्वीरें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करके बनाई गई हैं.
असम और केरल में 9 अप्रैल को विधानसभा चुनाव होने हैं. इसी के चलते प्रधानमंत्री मोदी लगातार असम और केरल में चुनाव प्रचार कर रहे हैं. एक अप्रैल को वह डिब्रूगढ़ के एक चाय बागान पहुंचे थे जहां उन्होंने असमिया पोशाक में महिला श्रमिकों से मुलाकात की थी. पीएम मोदी ने इस मुलाकात की झलकियां अपने सोशल मीडिया पर भी साझा की थीं जो खूब वायरल हुईं.
सोशल मीडिया पर क्या है वायरल?
1. एक्स पर शूटिंग क्रू और महिला मजदूरों के साथ वाली तस्वीर को साझा करते हुए एक यूजर ने दावा किया कि 1 लाख गरीबों के एक महीने के खर्च जितना पैसा प्रधानमंत्री मोदी की एक रील शूट होने में लग जाता है. (आर्काइव लिंक)
फेसबुक पर भी इस तस्वीर को शेयर करते हुए एक अन्य यूजर लिखा, 'दुनिया भर में भारत के चाय मजदूरों की स्थिति को लेकर 'गलत नैरेटिव' फैल रहा है? चिंता न करें! हमारे पास 100 करोड़ का कंटेंट बजट और विश्वस्तरीय 'प्रोडक्शन वैल्यू' है. तस्वीर गवाह है कि छवि सुधारने का अभियान कितना भव्य है- एक तरफ: करोड़ों के कैमरे, हाई-टेक टावर्स और 'नासा' को मात देता क्रू सेट. दूसरी तरफ: वो मजदूर जिनकी किस्मत आज भी ₹232 की दिहाड़ी पर टिकी है...' (आर्काइव लिंक)
पूर्व क्रिकेटर और तृणमूल कांग्रेस सांसद कीर्ति आजाद ने भी अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से इस एआई जनरेटेड तस्वीर को साझा करते हुए इसी तरह का दावा किया है. (आर्काइव लिंक)
2. कांग्रेस नेत्री अल्का लांबा ने दूसरी तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा, 'परिधान-मंत्री, रील बनवाते हुए. केरलम-केरलम.' (आर्काइव लिंक)
पड़ताल में क्या मिला:
हमने दोनों तस्वीरों की अलग-अलग पड़ताल की और पाया कि इन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से तैयार किया गया है.
1. चाय बगान वाली पीएम मोदी की तस्वीर
इस तस्वीर में कई तरह की विसंगतियां नजर आती हैं. उदाहरण के तौर पर क्लैपरबोर्ड और वैनिटी टेंट पर अंग्रेजी में लिखे शब्दों में स्पेलिंग की गलतियां हैं और वे अस्पष्ट हैं- जैसा कि आमतौर पर एआई से बनी तस्वीरों में देखा जाता है.
AI डिटेक्शन टूल्स ने की पुष्टि
हमने HiveModeration और Truth Scan जैसे एआई डिटेक्शन टूल्स की मदद से इस तस्वीर की जांच की. HiveModeration ने इसके एआई जनरेटेड होने की संभावना 99.9 प्रतिशत और Truth Scan ने इसके एआई जनरेटेड होने की संभावना 97 प्रतिशत जताई. इन दोनों के विश्लेषण से स्पष्ट है कि तस्वीर में AI जनरेटेड तत्व मौजूद हैं.
इसके अलावा पीआईबी की फैक्ट चेक इकाई ने भी इस तस्वीर का खंडन करते हुए इसे फेक और AI जनरेटेड बताया है.
2. कैमरे के सामने नारियल तोड़ते पीएम मोदी की तस्वीर
संबंधित कीवर्ड और रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें इस तस्वीर का कोई विश्वसनीय स्रोत नहीं मिला. पुष्टि के लिए हमें इसे भी HiveModeration और Undetectable.ai जैसे एआई डिटेक्शन टूल्स पर चेक किया.
टूल HiveModeration ने इसके एआई जनरेटेड होने की संभावना 99.9 प्रतिशत बताई. वहीं Undetectable.ai के अनुसार भी तस्वीर 96 फीसदी तक AI है.
गूगल AI की मदद से बनाई गईं तस्वीरें
आगे हमने दोनों तस्वीरों को गूगल के AI डिटेक्शन टूल SynthID पर चेक किया. इसके विश्लेषण में पुष्टि हुई कि तस्वीरें Google AI की मदद से एडिट या निर्मित की गई थीं.


