फैक्ट चेक: बंगाल में प्रदर्शनकारियों पर सेना के एक्शन के दावे से वायरल वीडियो का सच
बूम ने अपनी जांच में पाया कि वायरल वीडियो बांग्लादेश के ढाका के हैं और दो अलग-अलग घटनाओं से संबंधित हैं.

पश्चिम बंगाल चुनाव से जोड़कर सोशल मीडिया पर बांग्लादेश के दो असंबंधित वीडियो वायरल हो रहे हैं. इन वीडियो में वर्दीधारी लोगों पर लाठीचार्ज करते दिखाई दे रहे हैं. दावा किया जा रहा है कि बंगाल में तैनाती के बाद भारतीय सेना तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर एक्शन लेते हुए उनके साथ मारपीट कर रही है.
बूम ने पाया कि वायरल हो रहे दोनों वीडियो पश्चिम बंगाल नहीं बल्कि बांग्लादेश की राजधानी ढाका के हैं. पहले वीडियो में बांग्लादेश आम चुनाव के दौरान तीन लोगों को हिरासत में लेते हुए दिखाया गया है.
वहीं दूसरा वीडियो एक प्रदर्शन के दौरान का है, जहां पुलिसकर्मियों ने सड़क पर खड़े लोगों को प्रदर्शनकारी समझकर उनपर लाठी चला दी थी.
पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं. इस बीच मालदा सहित कई जिलों में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में प्रदर्शन की खबरें भी सामने आई हैं. मालदा में प्रदर्शन के दौरान 7 न्यायिक अधिकारियों को बंधक बना लिया गया था. फिलहाल इस मामले की जांच NIA को सौंप दी गई है.
सोशल मीडिया पर क्या है वायरल?
वीडियो एक: पहले वीडियो में सुरक्षाकर्मी कुछ लोगों को पकड़कर पुलिस वाहन में बैठाते दिखाई दे रहे हैं.
फेसबुक पर इस वीडियो को शेयर करते हुए एक यूजर ने सांप्रदायिक दावा किया और लिखा, 'पश्चिम बंगाल में भारतीय सेना पहुंच चुकी है अब इन जिहादी *** का इलाज चुन-चुन कर होगा.' (आर्काइव लिंक)
वहीं कुछ यूजर इसे मालदा में हुई घटना से जोड़ते हुए लिख रहे हैं कि 'पश्चिम बंगाल पुलिस की जगह भारतीय सशस्त्र बलों ने मोर्चा संभाल लिया है. अब मालदा में तुष्टीकरण नहीं बस सेना के अंदाज में कार्रवाई होगी.' आर्काइव लिंक यहां और यहां देखें.
वीडियो दो: दूसरे वीडियो में सुरक्षाकर्मी सड़क किनारे कुछ लोगों पर लाठियां बरसाते नजर आ रहे हैं.
एक्स पर इस वीडियो को शेयर करते हुए यूजर्स दावा कर रहे हैं कि कमांडो पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस से जुड़े लोगों को सबक सिखा रहे हैं. एक यूजर ने इसके साथ कैप्शन दिया, 'बंगाल में ममता के गुंडों की कमांडो कर रहे सर्विस.. क्या बोलती पब्लिक..ये नजारा देखकर दिल को सुकून मिला..' (आर्काइव लिंक)
पड़ताल में क्या मिला:
1. लोगों को हिरासत में लेने का वीडियो
साइनबोर्ड पर बांग्लादेश का एड्रेस
वीडियो में ध्यान से देखने पर दो साइनबोर्ड दिखाई देते हैं जिन पर बांग्ला भाषा में "मानिक नगर मॉडल हाई स्कूल" और "मुगदा थाना स्वेच्छासेवक दल" लिखा हुआ है. बांग्ला में 'मानिक नगर मॉडल हाई स्कूल और मुगदा थाना' को गूगल सर्च करने पर पता चलता है कि यह जगह बांग्लादेश के ढाका में स्थित है.
बांग्लादेश आम चुनाव के दौरान की घटना
ऊपर मिली जानकारी के आधार पर यूट्यूब पर संबंधित कीवर्ड सर्च करने पर हमें एक स्थानीय बांग्लादेशी चैनल पर 12 फरवरी 2026 का अपलोड किया गया यही वीडियो मिला. इसके डिस्क्रिप्शन के मुताबिक वीडियो में ढाका-9 निर्वाचन क्षेत्र के मानिक नगर हाई स्कूल में तीन लोगों को गिरफ्तार करते हुए दिखाया गया है.
बांग्लादेश में लंबे राजनीतिक उतार-चढ़ाव और करीब 18 महीनों तक अंतरिम सरकार के शासन के बाद 12 फरवरी 2026 को आम चुनाव आयोजित किए गए थे. इस वीडियो रिपोर्ट में सुरक्षाबलों की वर्दी पर बांग्लादेश सशस्त्र बलों की 14वीं इंडिपेंडेंट इंजीनियर ब्रिगेड का बैज और ढाल पर 'बांग्लादेश आर्मी' लिखा देखा जा सकता है.
2. लोगों पर लाठियां बरसाती पुलिस का वीडियो
इस वीडियो के कीफ्रेम को रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें बांग्लादेशी न्यूज प्लेटफॉर्म ATN Bangla News के फेसबुक और यूट्यूब चैनल पर 6 फरवरी 2026 का पोस्ट किया गया एक वीडियो मिला, जिसके विजुअल वायरल वीडियो से मेल खाते हैं. इसके कैप्शन में इसे ढाका में हुए एक प्रदर्शन का वीडियो बताया गया था.
उस समय स्थानीय न्यूज चैनलों के साथ-साथ कई बांग्लादेशी सोशल मीडिया यूजर्स ने भी इस घटना के अलग-अलग वीडियो साझा किए थे. यहां, यहां और यहां देखें. वीडियो के साथ दी गई जानकारी के अनुसार ढाका में जमुना के पास प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने आंदोलनकारी होने के शक में राहगीरों पर भी लाठियां चला दी थीं. वीडियो में वायरल क्लिप में दिख रहे शख्स का बयान भी सुना जा सकता है.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक आम चुनाव से कुछ दिन पहले 6 फरवरी 2026 को ढाका में प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई. तब प्रदर्शनकारी बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के तत्कालीन सलाहकार मुहम्मद यूनुस के जमुना स्थित आवास की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे थे.
वीडियो में भी मौजूद है बांग्लादेश के साक्ष्य
वीडियो में पुलिस की वर्दी पर बांग्लादेश पुलिस का बैज देखा जा सकता है. इसके अलावा इसमें एक साइनबोर्ड पर बांग्ला में 'डेको व्यू कार डेकोरेशन' लिखा नजर आता है. हमने गूगल मैप्स पर 'डेको व्यू कार डेकोरेशन' की तालाश की तो पाया कि यह दुकान बांग्लादेश की राजधानी ढाका के New Eskaton Road पर स्थित है.
हमारी जांच में साफ है कि बांग्लादेश की अलग-अलग घटनाओं के वीडियो को गलत तरीके से पश्चिम बंगाल का बताकर गलत दावा किया जा रहा है.
(बूम के साथी श्रीजीत दास की अतिरिक्त रिपोर्टिंग के साथ)


