फैक्ट चेक

फ़ैशन डिज़ाइनर की तस्वीर को JNU से जोड़कर किया जा रहा फ़र्ज़ी दावा

बूम ने अपनी जांच में पाया कि वायरल तस्वीर में दिख रहे शख्स का संबंध जेएनयू से नहीं है.

By -  Runjay Kumar |

15 Dec 2022 3:04 PM IST

फ़ैशन डिज़ाइनर की तस्वीर को JNU से जोड़कर किया जा रहा फ़र्ज़ी दावा

बीते दिनों नई दिल्ली स्थित जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय के दीवारों पर लिखे गए आपत्तिजनक नारों की वजह से हुए विवाद के बाद एक सोशल मीडिया पोस्ट काफ़ी वायरल हो रहा है, जिसमें एक मॉडल साड़ी पहने हुए दिख रहा है. इस तस्वीर को शेयर करते हुए यह दावा किया जा रहा है कि इसमें मौजूद शख्स जेएनयू का छात्र हैं.

हालांकि बूम ने अपनी जांच में पाया कि वायरल तस्वीर में दिख रहे का शख्स का संबंध जेएनयू से नहीं है.

इस महीने की शुरुआत में जेएनयू की दीवारों पर ब्राम्हण और बनिया समुदाय के खिलाफ़ नारे लिखे जाने की तस्वीरें सामने आई थी. जिसके बाद कई समूहों ने इसकी निंदा की थी. इस मामले को लेकर दिल्ली पुलिस से भी शिकायत की गई थी. वहीं जेएनयू की वीसी प्रो शांतिश्री ने नोटिस ज़ारी कर इसे गंभीरता से लेने की बात कही थी. साथ ही उन्होंने इसकी निंदा भी की थी. 

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वायरल तस्वीर को डॉ निधि-नेशनलिस्ट नाम के एक फ़ेसबुक पेज से एक कैप्शन के साथ शेयर किया गया है, जिसमें लिखा हुआ है "JNU का एक होनहार लड़का देश बदलने की राह पर। अवतार लो प्रभु #JNU खतरे में है".


कई अन्य सोशल मीडिया यूज़र्स ने इस पोस्ट को ज्यों का त्यों अपने अकाउंट से शेयर किया है.

फ़ैक्ट चेक

बूम ने वायरल हो रहे तस्वीर की पड़ताल के लिए रिवर्स इमेज सर्च किया तो हमें यह तस्वीर करण विग ऑफिशियल नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट पर मिली. इंस्टाग्राम अकाउंट से इस तस्वीर को 8 दिसंबर 2022 को अपलोड किया गया था.


इस अकाउंट पर हमें कई और तस्वीर भी मिली, जिनमें वही शख्स मौजूद हैं जो वायरल तस्वीर में भी देखे जा सकते हैं. इनमें से कई फ़ोटो में उन्होंने महिलाओं की तरह ही कपड़े पहने हुए हैं. इंस्टाग्राम अकाउंट पर दी गई जानकारी के अनुसार करण विग एक फैशन डिज़ाइनर हैं. इस पेज पर उनके द्वारा दिए गए एक टेड टॉक का यूट्यूब लिंक भी है, जिसमें उन्होंने लोगों से अपने फैशन डिज़ाइनर बनने की कहानी साझा की है.


अपनी जांच के दौरान हमने करण विग से भी संपर्क किया तो उन्होंने वायरल दावे का खंडन करते हुए साफ़ कहा कि उनका जेएनयू से किसी प्रकार का कोई संबंध नहीं रहा है. न ही शैक्षणिक और न ही गैर शैक्षणिक. साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि वायरल तस्वीर में वे ख़ुद ही मौजूद हैं.

हमने अपनी जांच में यह भी पाया कि इस तस्वीर को पहले बुड़बक नाम के एक फ़ेसबुक पेज से ग़लत दावों के साथ 13 दिसंबर को शेयर किया गया था. वायरल तस्वीर में नीचे की ओर बुड़बक का लोगो भी मौजूद है.


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बूम ने पिछले दिनों ऐसे कई तस्वीरों का फ़ैक्ट चेक किया है, जिसे जेएनयू से जोड़कर वायरल किया जा रहा था. लेकिन वास्तव में ये तस्वीरें जेएनयू से संबंधित नहीं थीं.

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