प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25-26 फरवरी 2026 को इजरायल के दो दिवसीय राजकीय दौरे पर थे, जहां उन्होंने इजरायली संसद (नेसेट) को संबोधित किया. इसी बीच इजरायल के विपक्षी सांसदों द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के भाषण का बहिष्कार किए जाने के दावे से एक वीडियो वायरल हो रहा है.
वीडियो में पीएम मोदी की उपस्थिति में कुछ नेता सदन से बाहर जाते नजर आ रहे हैं. यूजर्स इसके साथ लिख रहे हैं कि विपक्ष के नेताओं ने मोदी की इजरायल यात्रा का बायकॉट किया.
बूम ने पाया कि विपक्षी नेता इजरायली संसद के अध्यक्ष आमिर ओहाना और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के भाषण का बहिष्कार कर रहे थे.
विपक्ष के नेता यायर लैपिड अन्य नेताओं के साथ बहिष्कार बाद दोबारा नेसेट लौटे और उन्होंने पीएम मोदी का स्वागत करते हुए स्पष्ट किया कि इस विरोध का उनसे कोई संबंध नहीं है. यह वॉकआउट आमिर ओहाना के उस फैसले के खिलाफ था जिसमें सुप्रीम कोर्ट के अध्यक्ष Isaac Amit को विशेष सत्र में आमंत्रित नहीं किया गया था.
सोशल मीडिया पर क्या है वायरल?
पीएम नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में इजरायली संसद से विपक्षी नेताओं के बाहर जाने का यह वीडियो खूब वायरल है. एक्स पर एक यूजर ने इसे शेयर करते हुए लिखा, "जैसे ही मोदी इजरायल की संसद में बोलने उठे, विपक्षी सांसद बाहर चले गए. अगर यह सच है तो यह कूटनीति नहीं, सीधा अपमान है. एक भारतीय प्रधानमंत्री, विदेश की संसद में बहिष्कार का कारण बन जाए..यह वैश्विक छवि है या वैश्विक शर्मिंदगी?" (आर्काइव लिंक)
फेसबुक पर एक अन्य यूजर ने भी वीडियो के साथ ऐसा ही मिलता-जुलता दावा किया और लिखा. "इजरायल की संसद में भाषण देने के लिए जैसे ही मोदी जी का नाम पुकारा गया, विरोध में पूरा विपक्ष उठ कर बाहर चला गया!" (आर्काइव लिंक)
पड़ताल में क्या मिला:
विरोध प्रदर्शन प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ नहीं था
इजरायल में विपक्षी नेताओं द्वारा वॉकआउट करने से संबंधित कीवर्ड सर्च करने पर हमें 25 फरवरी 2026 की इजरायली आउटलेट द टाइम्स ऑफ इजरायल की इस घटना से जुड़ी की एक रिपोर्ट मिली.
रिपोर्ट में कहा गया है कि विपक्ष ने इजरायली सर्वोच्च न्यायालय के अध्यक्ष Isaac Amit को भाषण से बाहर रखे जाने का विरोध किया. हालांकि वे 25 फरवरी 2026 की शाम को मोदी के भाषण में शामिल होने के लिए वापस लौटे, जहां विपक्ष के नेता यायर लैपिड ने उनका स्वागत किया और स्पष्ट किया कि यह विरोध प्रदर्शन भारतीय प्रधानमंत्री से जुड़ा नहीं था.
इजरायल सरकार के प्रेस कार्यालय के यूट्यूब चैनल पर 25 फरवरी 2026 को स्ट्रीम किए गए कार्यक्रम के लाइव वीडियो में 28 मिनट 5 सेकंड पर विपक्षी सांसदों को संसद छोड़कर जाते हुए देखा जा सकता है, जहां वे इजरायली संसद के अध्यक्ष आमिर ओहाना और नेतन्याहू के भाषणों को बीच में ही छोड़ते नजर आते हैं.
वीडियो के 1 घंटे 4 मिनट के करीब नेतन्याहू का भाषण समाप्त होने के बाद वे वापस लौटते हैं. इसके तुरंत बाद 1 घंटे 4 मिनट 56 सेकंड पर विपक्षी नेता यायर लापिड मोदी के पास पहुंचते हैं, उनसे हाथ मिलाते हैं और स्पष्ट करते हैं कि विरोध प्रदर्शन का "आपसे कोई लेना-देना नहीं है."
इजरायल में विपक्ष ने क्यों किया विरोध?
टाइम्स ऑफ इजरायल की 25 फरवरी 2026 की एक रिपोर्ट के मुताबिक कई विपक्षी दलों ने पहले ही घोषणा की थी कि वे नेतन्याहू के संबोधन में शामिल नहीं होंगे. यह फैसला स्पीकर आमिर ओहाना द्वारा पीएम मोदी की यात्रा के दौरान शाम के सत्र में सुप्रीम कोर्ट के अध्यक्ष Isaac Amit को आमंत्रित न करने के जवाब में लिया गया था.
रिपोर्ट में विपक्षी दल Yesh Atid और Yisrael Beiteinu के बयानों का हवाला दिया गया. इस बयान में Amir Ohana द्वारा सुप्रीम कोर्ट के अध्यक्ष न्यायमूर्ति Isaac Amit का बहिष्कार करने और उन्हें भारत के प्रधानमंत्री के साथ औपचारिक बैठक में आमंत्रित न करने के फैसले को, स्थापित प्रक्रियाओं के विपरीत और शर्मनाक बताया गया. इसी के मद्देनजर विपक्ष द्वारा उनके बहिष्कार का हिस्सा न बनने के लिए पूर्ण सत्र से बाहर रहने के निर्णय को बरकरार रखने की बात कही गई.
रिपोर्ट में आगे यह भी कहा गया कि विपक्षी दलों ने यह स्पष्ट किया था कि वे भारतीय प्रधानमंत्री के भाषण के लिए लौटेंगे ताकि दोनों देशों के बीच साझेदारी का सम्मान किया जा सके और इजरायल के प्रति प्रधानमंत्री मोदी के रुख का आभार व्यक्त किया जा सके.


