
Claim
बॉलीवुड अभिनेत्री और लोकसभा सांसद हेमा मालिनी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. वीडियो (आर्काइव लिंक) में वह इरेक्टाइल डिसफंक्शन के इलाज के लिए एक दवा का प्रचार करते दिख रही हैं.
Fact
बूम ने जांच में पाया कि हेमा मालिनी का यह वीडियो फेक है. इस वीडियों में AI वॉइस क्लोनिंग करके बनाई गई एक फर्जी आवाज प्रयोग की गई है. बूम ने इससे पहले भी AI वॉइस क्लोनिंग करके एडिट किए गए हेमा मालिनी के एक वीडियो का फैक्ट चेक किया था, जिसमें उन्हें डायबिटीज की दवा का प्रचार करते हुए दिखाया गया था.
हमने देखा कि हेमा मालिनी के इस वायरल वीडियो में उनकी आवाज होठों के मूवमेंट से मैच नहीं कर रही है. हमने हेमा मालिनी के इस मूल वीडियो की खोज की तो पाया कि यह वीडियो क्लिप उनके एक इंटरव्यू वीडियो से ली गई है. इस मूल वीडियो में हेमा मालिनी की ऑरिजनल आवाज हटाकर AI वॉइस क्लोनिंग से बनाई गई एक फर्जी आवाज जोड़ी गई है.
इसी तरह न्यूज एंकर सुधीर चौधरी को भी इरेक्टाइल डिसफंक्शन की दवा का प्रचार करते हुए दिखाया गया था. सुधीर चौधरी के इस वीडियो में भी AI वॉइस क्लोनिंग के जरिए ही एक नकली आवाज जोड़ी गई थी. पूरी रिपोर्ट नीचे पढ़ी जा सकती है.