चेतावनी: इस रिपोर्ट में नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या से जुड़ी संवेदनशील जानकारी शामिल है.
सोशल मीडिया पर पुलिस और कुछ लोगों की मौजूदगी में एक शख्स द्वारा नदी से एक बच्ची का शव निकालने का वीडियो वायरल हो रहा है. इस वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि मोहम्मद अकरम नाम के एक व्यक्ति ने अपनी नाबालिग भतीजी की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी और उसकी लाश को नदी में फेंक दिया.
बूम ने फैक्ट चेक में पाया कि वीडियो में दिख रही घटना उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले की है. श्रीरामपुर थाना क्षेत्र में सात वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के इस मामले में आरोपी चाचा का नाम विद्यासागर यादव है. सोशल मीडिया पर आरोपी का नाम मोहम्मद अकरम बताकर फर्जी सांप्रदायिक दावा किया जा रहा है.
सोशल मीडिया पर क्या है वायरल?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे करीब एक मिनट के इस वीडियो एक व्यक्ति नदी से बच्ची का शव निकालता नजर आ रहा है. वीडियो में भारी संख्या में भीड़ और पुलिस भी मौजूद है. इस वीडियो को शेयर कर यूजर्स इसके साथ सांप्रदायिक दावा कर रहे हैं और आरोपी की पहचान मुस्लिम बताते हुए लिख रहे हैं कि मोहम्मद अकरम ने अपने ही भाई की नौ साल की बेटी के साथ रेप किया और फिर उसे नदी में फेंक दिया. (आर्काइव लिंक)
एक्स पर एक यूजर ने लिखा, 'इस्लाम क्या है? सुनना है तो सुनो. मोहम्मद अकरम ने अपनी सगे भाई की बेटी जोकि 9 साल की थी उसे घर में अकेला देखा तो उसके अंदर का मोहम्मद जाग उठा. उसने अपनी सगे भाई की बेटी के साथ बलात्कार किया फिर उसे मार डाला और शव नदी में फेंक दिया.' (आर्काइव लिंक)
पड़ताल में क्या मिला:
घटना उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले की है
संबंधित कीवर्ड और रिवर्स इमेज सर्च की मदद से हमें वीडियो से जुड़े कई पोस्ट मिले. फेसबुक और इंस्टाग्राम पोस्ट में इस वीडियो को शेयर करते हुए सात वर्षीय बच्ची के साथ हुई दरिंदगी के आरोपी का नाम विद्यासागर बताया गया था. इन पोस्ट के मुताबिक घटना यूपी के देवरिया जिले की है.
'ट्रू स्टोरी' नाम के न्यूज प्लेटफॉर्म और न्यूज 24 के एक पत्रकार ने 14 फरवरी को इस वीडियो के साथ-साथ आरोपी की एक तस्वीर भी साझा की और बताया कि देवरिया पुलिस ने भतीजी की रेप के बाद हत्या करने वाले आरोपी चाचा विद्यासागर को गिरफ्तार कर लिया है.
आरोपी का नाम मोहम्मद अकरम नहीं है
हमने देवरिया की इस घटना से संबंधित खबरों की भी तलाश की. अमर उजाला, हिंदुस्तान, दैनिक जागरण और दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक घटना देवरिया के श्रीरामपुर थाना क्षेत्र की है. 11 फरवरी को प्रतापपुर में पट्टीदारी के चाचा ने अपनी नाबालिग भतीजी के साथ खेत में दुष्कर्म के बाद उसकी गला दबाकर हत्या कर दी. इसके बाद लाश को 'झरही' नदी के किनारे फेंक दिया.
गांव के प्राथमिक स्कूल में कक्षा दो में पढ़ने वाली बच्ची जब घर नहीं पहुंची तो उसकी खोजबीन शुरू हुई. नदी में शव मिलने के बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया. पुलिस ने आरोपी विद्यासागर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया. रिपोर्ट के अनुसार विद्यासागर बच्ची को घर के लिए शैंपू व कुछ जरूरी सामान खरीदने के बहाने ले गया था.
दैनिक भास्कर की एक अन्य रिपोर्ट में बताया गया कि बच्ची के साथ रेप और हत्या का यह केस फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेगा. घटना के 5 दिन बाद एसपी संजीव सुमन ने श्रीरामपुर के तत्कालीन एसएचओ महेंद्र कुमार का तबादला कर दिया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि बच्ची की मौत दम घुटने से हुई थी. पुलिस के अनुसार आरोपी चाचा ने दुष्कर्म के बाद उसका मुंह और नाक दबा दिया था जिसके चलते उसकी जान चली गई.
देवरिया पुलिस ने किया खंडन
देवरिया पुलिस के आधिकारिक एक्स हैंडल पर घटना से जुड़ी एक पेपर क्लिपिंग शेयर की गई है, जिसमें घटना की विस्तृत जानकारी के साथ गिरफ्तार आरोपी का नाम विद्यासागर ही बताया गया है.
पुष्टि के लिए हमने श्रीरामपुर थानाध्यक्ष विनोद कुमार सिंह से संपर्क किया. उन्होंने वायरल दावे का खंडन करते हुए स्पष्ट किया कि आरोपी मुस्लिम नहीं है. वह हिंदू समुदाय से आता है और रिश्ते में पीड़िता का चाचा है. उसका नाम विद्यासागर यादव है.


