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फैक्ट चेक

कतर के रास लफान LNG हब पर ईरानी हमले से जोड़कर असंबंधित वीडियो हुए शेयर

बूम ने जांच में पाया कि वीडियो ओमान और सऊदी अरब के हैं और इनका कतर के एलएनजी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हुए अटैक से संबंध नहीं है.

By -  Srijit Das |

20 March 2026 5:27 PM IST

दुनिया की सबसे बड़ी एलएनजी फैसिलिटी- कतर के रास लफान इंडस्ट्रियल सिटी पर ईरान की ओर से किए गए हमले के बाद दो असंबंधित वीडियो शेयर किए जा रहे हैं. भारतीय मीडिया समेत कई सोशल मीडिया यूजर इंडस्ट्रियल फायर और मिसाइल हमलों के वीडियो को भ्रामक दावे से शेयर रहे हैं.

BOOM ने पाया कि ये वीडियो सऊदी अरब और ओमान के हैं और 18-19 मार्च 2026 को कतर के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हुए ईरानी हमलों से संबंधित नहीं हैं.

रास लफान पर हमले से पहले इजराइली वायुसेना ने ईरानी जल क्षेत्र में स्थित साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमला किया था. इसके जवाब में तेहरान ने कतर के एनर्जी को निशाना बनाया.

कतर एनर्जी ने पुष्टि की कि 18 मार्च के हमले में पर्ल GTL (गैस-टू-लिक्विड) सुविधा को भारी नुकसान हुआ, जबकि 19 मार्च की सुबह हुए दूसरे हमले में कई एलएनजी सुविधाओं को निशाना बनाया गया, जिससे बड़े पैमाने पर आग लग गई और और अधिक नुकसान हुआ. अब तक किसी भी तरह के हताहत होने की सूचना नहीं है.

दावा 1: ईरान के रास लफान LNG सुविधा पर अटैक का वीडियो

The Times of India, NDTV, News 24, India TV, दैनिक जागरण और भारत के सरकारी मीडिया आउटलेट News On AIR सहित कई समाचार संस्थानों ने यह फुटेज साझा किया. साथ ही यह दावा किया कि यह 18 मार्च को ईरानी हमलों के कारण कतर की सबसे बड़ी एलएनजी सुविधा को हुए नुकसान को दिखाता है.

पत्रकार आदित्य राज कौल और राहुल शिवशंकर ने भी इस वीडियो को साझा किया और इसी तरह के दावे किए.

दावा 2: कतर के रास लफान इंडस्ट्रियल सिटी में आग लगने का वीडियो

राहुल शिवशंकर ने अपने X हैंडल पर दूसरा वीडियो भी साझा किया, जिसमें कैप्शन लिखा था:

“LATEST VERIFIED VISUALS: कतर के गृह मंत्रालय ने पुष्टि की है कि वह अभी भी रास लफ़ान औद्योगिक क्षेत्र में लगी आग से निपट रहा है। यह क्षेत्र देश में गैस उत्पादन और निर्यात का सबसे बड़ा केंद्र है.”

पोस्ट देखने के लिए यहां क्लिक करें और आर्काइव के लिए यहां देखें.

पड़ताल में क्या मिला: वीडियो 18 मार्च को कतर पर हुए हमले के नहीं हैं

वीडियो 1:

हमने वीडियो को की-फ्रेम में बांटकर रिवर्स इमेज सर्च किया, जिससे हमें 19 मार्च 2026 को तुर्की की समाचार एजेंसी Anadolu English के आधिकारिक X हैंडल पर किया गया एक पोस्ट मिला. इस पोस्ट में बताया गया कि वीडियो 18 मार्च 2026 को सऊदी अरब की राजधानी रियाद पर ईरानी मिसाइल हमले को दिखाता है.


अरबी में किए गए कीवर्ड सर्च से हमें एक पोस्ट मिला, जिसमें बताया गया था कि हमला सऊदी अरब के अरैमको ऑयल रिफाइनरी पर हुआ था. इस घटना से जुड़ा एक और विजुअल 19 मार्च 2026 को Al Jazeera द्वारा भी रिपोर्ट किया गया था.

Anadolu ने सऊदी रक्षा मंत्रालय के हवाले से बताया कि 18 मार्च की शाम रियाद को निशाना बनाकर दागी गई चार बैलिस्टिक मिसाइलों को एयर डिफेंस सिस्टम ने इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया, जिसके मलबे शहर के विभिन्न हिस्सों में गिरे.

कतर के गवर्नमेंट कम्युनिकेशंस ऑफिस (GCO) ने भी स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि यह वीडियो कतर में हुए किसी हमले को नहीं दिखाता है.

वीडियो 2:

वीडियो के की-फ्रेम का रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें 12 मार्च 2026 की तुर्की के आउटलेट Bursa Hakimiyet की एक रिपोर्ट मिली, जिसमें वायरल फुटेज का स्क्रीनग्रैब शामिल था और बताया गया था कि यह ओमान के सलालाह पोर्ट पर तेल भंडारण सुविधाओं पर ड्रोन हमले के बाद लगी आग को दिखाता है.

इस रिपोर्ट में स्रोत के रूप में तुर्की की समाचार एजेंसी İhlas Haber Ajansı (IHA) को क्रेडिट दिया गया था. 12 मार्च को तुर्की के कई अन्य मीडिया आउटलेट ने भी इसी तरह के वीडियो रिपोर्ट साझा किए, जो इस दावे की पुष्टि करते हैं.



न्यूज एजेंसी Reuters ने 11 मार्च 2026 को रिपोर्ट किया कि ओमान की सिविल डिफेंस सलालाह पोर्ट पर ईंधन टैंकों में लगी आग को नियंत्रित करने में जुटी थी, जो तेल भंडारण सुविधाओं पर ड्रोन हमलों के बाद लगी थी.

यह हमला ईरान और अमेरिका-इजरायल की सेनाओं में जारी सैन्य संघर्ष के कारण खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच हुआ.

कतर के रास लफान एलएनजी सुविधा पर हमले से जुड़ा वीडियो 19 मार्च 2026 को AFP  ने अपलोड किया था, जिन्हें यहां देखा जा सकता है.

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