सोशल मीडिया पर एक फ्लाईओवर के गिरने का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. 'विकसित भारत' के मॉडल पर सवाल उठाते हुए इसके साथ दावा किया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के लखनऊ में पलक झपकते एक निर्माणाधीन पुल भरभराकर गिर गया. वहीं कुछ लोगों ने इस वीडियो को मुंबई मेट्रो पिलर हादसे से भी जोड़कर शेयर किया है.
बूम ने पाया कि फ्लाईओवर के गिरने का यह वीडियो किसी वास्तविक घटना का नहीं है. एआई डिटेक्शन टूल्स Deepfake-O-Meter और Hivemoderation इसके एआई जनरेटेड होने की पुष्टि करते हैं.
इसके अलावा हमें उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हाल में वायरल वीडियो जैसे किसी फ्लाईओवर के भरभराकर गिरने की कोई विश्वसनीय रिपोर्ट नहीं मिली.
गौरतलब है कि मुंबई के मुलुंड में बीती 14 फरवरी को निर्माणाधीन मेट्रो पिलर का एक हिस्सा अचानक गिर गया. इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि कई अन्य लोग घायल हो गए.
सोशल मीडिया पर क्या है वायरल?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही करीब 10 सेकंड की इस क्लिप में एक सड़क पर कई गाड़ियां गुजरती नजर आती हैं तभी अचानक ऊपर से एक ओवरब्रिज गिर जाता है. वीडियो में पीछे लोग फ्लाईओवर गिरने के बारे में बातचीत करते भी सुनाई दे रहे हैं.
इंस्टाग्राम पर एक यूजर ने इस वीडियो को उत्तर प्रदेश के लखनऊ का बताते हुए लिखा, "लखनऊ में आज एक बड़ा हादसा हो गया जहां एक निर्माणाधीन ओवरब्रिज का हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया. वीडियो में देखें कैसे धूल का गुबार छा गया और लोग अपनी जान बचाकर भागने लगे. प्रशासन और बचाव दल मौके पर." (आर्काइव लिंक)
एक्स और फेसबुक पर भी कई यूजर्स ने वीडियो को वास्तविक मनाकर शेयर किया और सरकार पर निशाना साधते हुए लिखा, "विकसित हो रहे भारत का एक और बड़ा कारनामा .यह केवल एक ब्रीज खोखला नहीं है, यह हमारी उम्मीद है जो ऐसे कामों के बाद दिन प्रतिदिन खोखली होती जा रही है." (आर्काइव लिंक)
पड़ताल में क्या मिला:
वीडियो में मौजूद विसंगतियां
सबसे पहले हमने उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हुई ऐसी किसी घटना से संबंधित खबरों की तलाश की लेकिन हमें वायरल वीडियो से जुड़ी कोई विश्वसनीय रिपोर्ट नहीं मिली.
वीडियो को गौर से देखने पर हमें इसमें कुछ विसंगतियां नजर आईं. उदाहरण के तौर पर इसमें दिख रही एक गाड़ी पर लिखावट स्पष्ट नहीं है. इसके अलावा पुल गिरने के बाद भी वीडियो के अंत तक उसकी संरचना लगभग जस की तस बनी रहती है जबकि उसे क्षतिग्रस्त दिखना चाहिए था.
वीडियो में सुनाई देने वाली आवाजें भी बनावटी और काल्पनिक प्रतीत होती हैं. आम तौर पर ऐसी घटनाओं के बाद जिस तरह की अफरा-तफरी और प्रतिक्रियाएं देखने को मिलती हैं, वैसी यहां नजर नहीं आती. इन संकेतों से हमें संदेह हुआ कि यह किसी वास्तविक घटना का वीडियो नहीं है.
एआई डिटेक्शन टूल्स ने की पुष्टि
जांच के लिए हमने वीडियो और इसकी आवाज को एआई डिटेक्टर टूल DeepFake-O-Meter पर चेक किया. इस टूल के ड्यूल लेबल डीपफेक वीडियो डिटेक्शन मॉडल ने इसके एआई जनित होने की 100 प्रतिशत संभावना जताई. DeepFake-O-Meter के ज्यादातर मॉडल्स ने आवाज को भी एआई जनरेटेड करार दिया.
पुष्टि के लिए हमने वीडियो को टूल Hivemoderation पर भी चेक किया. Hivemoderation ने भी 99.8 प्रतिशत स्कोर के साथ इसमें एआई जनित या डीपफेक कंटेंट मौजूद होने की संभावना व्यक्त की.
वीडियो शेयर करने वाले अकाउंट ने बताया एआई
रिवर्स इमेज सर्च के जरिए हमें sphereofai नाम के इंस्टाग्राम हैंडल पर 9 फरवरी 2026 का शेयर किया गया यही वीडियो मिला. इस वीडियो के कैप्शन में इसे एआई जनरेटेड वीडियो बताया गया था.
इंस्टाग्राम पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक 'sphereofai' नाम का यह अकाउंट रणवीर सिंह नामक यूजर का है, जो एक एआई क्रिएटर हैं. इनके इंस्टाग्राम पर इस तरह के कई एआई जनित वीडियो देख सकते हैं.


