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फैक्ट चेक

ईरान में प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाने के दावे से सीरिया का वीडियो वायरल

बूम ने पाया कि यह वीडियो सीरिया के अलेप्पो शहर का है, जब 6 से 11 जनवरी 2024 के बीच कुर्द-बहुल इलाकों में सीरियाई सेना और कुर्दिश-नेतृत्व वाली सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेस के बीच झड़प हुई थीं.

By -  Rohit Kumar |

16 Jan 2026 4:35 PM IST

सड़क पर सैन्य वाहन से फायरिंग का एक वीडियो सोशल मीडिया पर इस दावे से वायरल है कि ईरान में हिजाब से आजादी के लिए प्रदर्शन कर रहे लोगों पर सरकार गोलियों की बौछार कर रही है.

बूम ने जांच में पाया कि यह वीडियो सीरिया का है. सीरिया के अलेप्पो शहर के कुर्द-बहुल इलाकों में 6 से 11 जनवरी 2024 के बीच सीरियाई सेना और कुर्दिश-नेतृत्व वाली सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेस (SDF) के बीच झड़प हुई थीं, जिसमें कम से कम 23 लोगों की मौत हो गई और 104 से ज्यादा लोग घायल हो गए. इस वीडियो का ईरान से कोई संबंध नहीं है.

गौरतलब है कि ईरान में 28 दिसंबर 2025 से बड़े पैमाने पर बिजली-पानी की कटौती, महंगाई, इंटरनेट सेंसरशिप और ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के शासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. कई मीडिया आउटलेट ने इन प्रदर्शन में 12000 से अधिक लोगों के मारे जाने की आशंका व्यक्त की है. कई अंतरराष्ट्रीय ग्रुप्स जैसे ह्यूमन राइट वॉच और एमेनेस्टी इंटरनेशनल इसे Crimes against humanity और Mass acute killings कह रहे हैं. इसी संदर्भ में यह वीडियो भ्रामक दावे से वायरल है.

सोशल मीडिया पर क्या है वायरल?

एक्स पर एक यूजर (आर्काइव लिंक) ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, ‘ईरान में हिजाब से आजादी के लिए प्रदर्शन किया जाता है और उन पर गोलियों से बौछार हो रही है. मियां खिलाफ और रिहाना चुप क्यों है.’

फेसबुक (आर्काइव लिंक) और इंस्टाग्राम (आर्काइव लिंक) पर भी इसी दावे से यह वीडियो वायरल है.

पड़ताल में क्या मिला?

बूम ने दावे की पड़ताल के लिए वायरल वीडियो के कुछ कीफ्रेम को गूगल लेंस से सर्च किया तो पाया कि यह वीडियो सीरिया का है. हमें सोशल मीडिया पर कई यूजर (यहां, यहां और यहां) द्वारा शेयर किया गया यह वीडियो मिला, जिन्होंने इसे सीरिया के अलेप्पो शहर का बताया.

अलेप्पो के शेख मकसूद में रहने वाले एक शख्स ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, 'एक अविश्वसनीय दृश्य: गोलीबारी के समय एक आम नागरिक की कार सड़क पार कर रही.' 

FRANCE24 के रिपोर्टर वासिम नसर ने अपने एक्स हैंडल पर 10 जनवरी 2026 को इस वीडियो को शेयर करते हुए युद्धग्रस्त इलाके में दैनिक जीवन की आवश्यकता की विडंबना को प्रदर्शित करते हुए लिखा - (फ्रेंच से हिंदी अनुवादित), ‘सीरिया के अलेप्पो शहर में एक ZU-23 की मौजूदगी भी ट्रैफिक को नहीं रोक पा रही है.’ ZU-23 एक एंटी-एयरक्राफ्ट गन है, जो आमतौर पर एक पिकअप ट्रक पर माउंट होती है.

दरअसल 6 जनवरी 2026 से अलेप्पो के कुर्द-बहुल इलाकों (खासकर शेख मकसूद और अशरफिया के आसपास) में सीरियाई सेना और कुर्दिश-नेतृत्व वाली SDF के बीच झड़प शुरू हो गई थीं. इसमें कम से कम 30 लोगों की मौत हो गई, 104 से ज्यादा लोग घायल हो गए और लगभग 1.5 लाख लोगों का विस्थापित होना पड़ा.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, 11 जनवरी 2026 को सीरियन ट्रांजिशनल सरकार और एसडीएफ के बीच सीजफायर एग्रीमेंट हुआ. अलेप्पो के गवर्नर अज्जाम अल गरीब और SDF कमांडर मजलूम अवदी ने इसकी पुष्टि की. इसके बाद 11 जनवरी 2026 तक SDF के आखिरी सभी लड़ाकों को बसों से शहर के बाहर उत्तर-पूर्व के क्षेत्र में भेजा गया.

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