ईरान में मौलवी को थप्पड़ मारने का पुराना और स्क्रिप्टेड वीडियो भ्रामक दावे से वायरल
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो 2021 से इंटरनेट पर मौजूद है. उस समय तेहरान पुलिस ने इस वीडियो को फर्जी और स्क्रिप्टेड करार दिया था, जिसमें मौलवी को थप्पड़ मारते हुए दिखाया गया था.

ईरान में जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक शख्स बहस के बाद एक मौलवी को थप्पड़ मारता नजर आ रहा है. भारतीय यूजर इस वीडियो को हालिया बताते हुए दावा कर रहे हैं कि ईरानी जनता अब धर्मगुरुओं के साथ मारपीट से भी पीछे नहीं हट रही.
बूम ने जांच में पाया कि वायरल वीडियो करीब पांच साल पुराना है. इसका ईरान में हो रहे सरकार विरोधी प्रदर्शनों से कोई वास्ता नहीं है. 2021 में तेहरान पुलिस ने इस वीडियो को स्क्रिप्टेड बताया था. इस संबंध में दो लोगों को गिरफ्तार भी किया था जो कि रिश्ते में बाप-बेटे थे.
ईरान में आर्थिक संकट को लेकर पिछले कई दिनों से सरकार विरोधी प्रदर्शन जारी हैं, जो वहां की इस्लामिक सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं. हालात को देखते हुए सरकार ने देश में एयरस्पेस और इंटरनेट सहित अन्य संचार के माध्यमों पर लगभग रोक लगा दी है.
एसोसिएटेड प्रेस की एक रिपोर्ट में ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट न्यूज एजेंसी के हवाले से बताया गया कि इन प्रदर्शनों में अब तक करीब 2500 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं सीबीएस ने ईरान के भीतर और बाहर मौजूद सूत्रों के आधार पर दावा किया है कि मृतकों की संख्या लगभग 12 हजार है.
सोशल मीडिया पर क्या है वायरल?
ईरान में इस्लामिक सत्ता को चुनौती देते प्रदर्शनों के बीच एक शख्स द्वारा मौलवी को थप्पड़ मारने का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. एक्स और फेसबुक जैसे माध्यमों पर इस वीडियो को शेयर करते हुए यूजर्स दावा कर रहे हैं कि ईरान में जनता की क्रांति इस कदर बढ़ चुकी है कि वह अब मौलानाओं की पिटाई करने से भी पीछे नहीं हट रही. (आर्काइव लिंक)
पड़ताल में क्या मिला:
वीडियो करीब पांच साल पुराना है
इसके कीफ्रेम को रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें न्यूज एजेंसी AVATODAY के इंस्टाग्राम पर यह वीडियो मिला. यहां यह वीडियो 17 अप्रैल 2021 को अपलोड किया था, जो बताता है कि वीडियो हाल-फिलहाल का नहीं करीब पांच साल पुराना है. इसके फारसी कैप्शन में इसे फर्जी वीडियो कहकर संबोधित किया गया था.
ईरान पुलिस के मुताबिक वीडियो स्क्रिप्टेड था
रिवर्स इमेज सर्च की मदद से ही हमें इससे जुड़ीं साल 2021 की फारसी भाषा की कई मीडिया रिपोर्ट मिलीं, जिनमें वायरल वीडियो के विजुअल मौजूद थे. बीबीसी फारसी ने अपने फेसबुक पर 19 अप्रैल 2021 को इससे मिलते-जुलते स्क्रीनशॉट को शेयर करते हुए सरकारी न्यूज एजेंसी IRNA और तेहरान पुलिस चीफ के हवाले से लिखा था, "यह क्लिप जिसमें एक आदमी एक मौलवी के चेहरे पर थप्पड़ मारता है वह नकली है."
तेहरान के तत्कालीन पुलिस चीफ हुसैन रहीमी के मुताबिक इस क्लिप के प्रोड्यूसर और पब्लिशर को गिरफ्तार कर लिया गया था. इस फेक क्लिप को बनाने के पीछे उनका उद्देश्य कुछ विदेशी सरकारों से शरण पाना था.
डीडब्ल्यू की रिपोर्ट में भी तेहरान पुलिस चीफ हुसैन रहीमी के हवाले से कहा गया कि यह वीडियो मनगढ़ंत था और इसके निर्माताओं को गिरफ्तार कर लिया गया था. साथ ही यह भी बताया गया कि इसे एक पिता और बेटे द्वारा बनाया था जो देश से भागने का इरादा रखते थे. तेहरान पुलिस के मुताबिक इनमें से मौलवी की वेशभूषा वाला शख्स एक सफाईकर्मी था, जो तेहरान के उत्तरी इलाके में काम करता था और थप्पड़ मारने वाला इसी सफाईकर्मी का बेटा था.
घटना पर मौजूद है कई मीडिया रिपोर्ट
इस घटना से संबंधित अन्य न्यूज रिपोर्ट यहां, यहां, यहां और यहां देखी जा सकती हैं. तब तस्नीम न्यूज एजेंसी ने भी सरकारी ईरानी ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन IRIB के हवाले से एक वीडियो पब्लिश किया था जिसमें हथकड़ी पहने दो लोगों का इंटरव्यू लिया गया था जो वायरल वीडियो के निर्माता होने का दावा कर रहे थे. एक अन्य एक्स पोस्ट में भी दोनों आरोपियों की तस्वीर देख सकते हैं.




