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फैक्ट चेक

कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर के हवाले से वायरल जातिसूचक बयान फर्जी है

बूम ने पाया कि एनबीटी के लोगो वाला यह ग्राफिक पूरी तरह से फर्जी है. मीडिया आउटलेट नवभारत टाइम्स और देवकीनंदन ठाकुर ने भी वायरल दावे का खंडन किया है.

By -  Rohit Kumar |

20 Jan 2026 2:45 PM IST

न्यूज आउटलेट नवभारत टाइम्स (NBT) वाला एक ग्राफिक सोशल मीडिया पर वायरल है, इसमें कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर के हवाले से लिखा गया, ‘शूद्र जातियों के लोग सम्भोग द्वारा बच्चे पैदा करते हैं जबकि ब्राह्मण शादी के बाद बिना सम्भोग के अपने मंत्रों की शक्तियों से बच्चा पैदा करते हैं.'

बूम ने जांच में पाया कि यह एनबीटी के लोगो वाला ग्राफिक पूरी तरह से फर्जी है. देवकीनंदन ठाकुर ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है. नवभारत टाइम्स और देवकीनंदन ठाकुर ने भी इस वायरल दावे का खंडन किया है.

सोशल मीडिया पर क्या है वायरल?

सोशल मीडिया पर वायरल इस ग्राफिक में एनबीटी न्यूज वाला एक लोगो है और इसमें देवकीनंदन ठाकुर की एक फोटो भी लगी है. यह ग्राफिक फेसबुक (आर्काइव लिंक), एक्स (आर्काइव लिंक) और इंस्टाग्राम (आर्काइव लिंक) पर वायरल है.

पड़ताल में क्या मिला:

बूम ने इस वायरल ग्राफिक की पड़ताल की तो पाया कि यह फर्जी है. हमें देवकीनंदन ठाकुर के इस बयान की पुष्टि करने वाली कोई भी विश्वसनीय न्यूज रिपोर्ट नहीं मिली.

हमने नवभारत टाइम्स न्यूज की वेबसाइट, यूट्यूब चैनल और सोशल मीडिया हैंडल को भी देखा, पर वहां भी हमें देवकीनंदन ठाकुर के इस बयान की पुष्टि करने वाली कोई न्यूज रिपोर्ट नहीं मिली बल्कि हमें नवभारत टाइम्स के फेसबुक हैंडल पर 13 जनवरी 2026 को शेयर किया गया देवकीनंदन ठाकुर के एक अन्य बयान वाला ग्राफिक मिला, जिसमें उनके हवाले से लिखा गया, ‘अगर अपनों को बचाना नफरत है, तो हमें मंजूर.’

इसी ग्राफिक को एडिट कर फर्जी बयान गढ़ा गया है. नवभारत टाइम्स ने 17 जनवरी 2026 को अपने एक्स हैंडल से एक पोस्ट शेयर कर वायरल ग्राफिक को फर्जी बताया है.

देवकीनंदन ठाकुर ने भी अपने फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट पर 17 जनवरी 2026 को एक पोस्ट शेयर किया इस फर्जी दावे का खंडन किया. इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए अपने वीडियो में देवकीनंदन ठाकुर कहते हैं कि मैंने ऐसा कभी नहीं बोला.



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