सोशल मीडिया पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का एक पुराना वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह किसी कानून पर बोलते हुए कहते हैं कि यह संसद का कानून है, सबको स्वीकार करना पड़ेगा. इस वीडियो को शेयर करते हुए यूजर्स दावा कर रहे हैं कि अमित शाह ने यह बयान यूजीसी की नई गाइडलाइंस के संदर्भ में दिया है.
बूम ने जांच में पाया कि वायरल वीडियो पुराना और अधूरा है. मूल वीडियो में अमित शाह यूजीसी के नियमों पर नहीं बल्कि वक्फ कानून पर बोल रहे थे. 2 अप्रैल 2025 को संसद में वक्फ बिल पर चर्चा के दौरान अमित शाह ने कहा था कि यह संसद द्वारा बनाया गया कानून है इसे सभी को स्वीकार करना होगा.
गौरतलब है कि 13 जनवरी को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव रोकने के उद्देश्य से नई इक्विटी गाइडलाइंस जारी की थीं. इसके तहत उच्च शिक्षण संस्थानों में इक्विटी सेंटर और 24*7 इक्विटी हेल्पलाइन बनाए जाने की बात कही गई थी.
इसके विरोध में सामान्य वर्ग के छात्र-युवा सड़कों पर उतर आए. इसके बाद 29 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने इन नियमों को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए यूजीसी के इस फैसले पर स्टे लगा दिया.
सोशल मीडिया पर क्या है वायरल?
यूजीसी के नए नियमों पर चल रहे विवाद के बीच अमित शाह का यह वीडियो खूब वायरल हो रहा है. इस 25 सेकंड के वीडियो में अमित शाह कह रहे हैं, "..स्वीकार नहीं करेगी... क्या धमकाना चाहते हो भाई? संसद का कानून है सबको स्वीकार करना पड़ेगा. स्वीकार नहीं करेंगे मतलब क्या? कैसे बोल सकते हैं! हम कानून को स्वीकार नहीं करेंगे... "
यूजर्स दावा कर रहे हैं कि अमित शाह ने ये बयान यूजीसी की नई गाइडलाइंस को लेकर दिया है. एक्स और फेसबुक पर इस वीडियो को साझा करते हुए यूजर्स ने कैप्शन दिया, 'तो यह क्या बोल दिया गृहमंत्री अमित शाह जी ने देखिए पूरा वीडियो....UCG par bole Amit Shah.' (आर्काइव लिंक)
पड़ताल में क्या मिला:
वायरल वीडियो पुराना है
पड़ताल के दौरान हमें अमित शाह के आधिकारिक फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट पर वायरल वीडियो का थोड़ा लंबा वर्जन मिला. फेसबुक पर अमित शाह ने इस वीडियो को 2 अप्रैल 2025 को पोस्ट किया था, जो बताता है कि वीडियो हाल का नहीं बल्कि पुराना है.
इसके कैप्शन में अमित शाह ने लिखा, "वक्फ पर संसद में जो कानून बन रहा है, वह भारत सरकार का कानून है, इसे सभी को स्वीकार करना ही पड़ेगा."
वीडियो को क्रॉप किया गया है
लंबे वर्जन वाले इस वीडियो में अमित शाह कहते हैं, "..मान्यवर, यहां एक सदस्य ने तो कह दिया कि माइनॉरिटी इस कानून को स्वीकार नहीं करेगी. क्या धमकाना चाहते हो भाई? संसद का कानून है सबको स्वीकार करना पड़ेगा. स्वीकार नहीं करेंगे मतलब क्या है? कैसे बोल सकता है कोई! हम कानून को स्वीकार नहीं करेंगे! ये कानून भारत सरकार का है और इसको स्वीकार करना होगा."
संसद टीवी के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध 2 अप्रैल 2025 के लाइव स्ट्रीम वीडियो में भी लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान अमित शाह का यह भाषण सुना जा सकता है.
वक्फ कानून पर बोल रहे थे अमित शाह
तब एनडीटीवी, नवभारत टाइम्स और रिपब्लिक भारत समेत कई आउटलेट ने अमित शाह के इस बयान से जुड़ी खबरें प्रकाशित की थीं. रिपोर्ट के मुताबिक 2 अप्रैल 2025 को लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए अमित शाह ने कहा था कि यह संसद का कानून है सबको स्वीकार करना होगा. उल्लेखनीय है कि 12 घंटे से अधिक चली इस चर्चा के बाद वक्फ संशोधन विधेयक लोकसभा से पारित हो गया था. इस विधेयक के पक्ष में 288 और विपक्ष में 232 वोट पड़े थे. दोनों सदनों से पारित होने और राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद यह विधेयक अब कानून बन चुका है.


