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फैक्ट चेक

UGC नियम के विरोध में मोदी-शाह के पोस्टर पर स्याही के दावे से असंबंधित वीडियो वायरल

बूम ने पाया कि वायरल वीडियो कांग्रेस द्वारा छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 17 दिसंबर 2025 को किए गए प्रदर्शन का है.

By -  Jagriti Trisha
Published -  28 Jan 2026 4:20 PM IST
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    Unrelated video shared as protest against UGC rules

    विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों को लेकर देश में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है. वीडियो में लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के पोस्टर पर स्याही पोतते नजर आ रहे हैं.

    इसके साथ दावा किया जा रहा है कि यूजीसी के नए नियम के विरोध में सवर्ण समाज के लोग पीएम मोदी और अमित शाह की तस्वीर पर कालिख पोत रहे हैं.

    बूम ने फैक्ट चेक में पाया कि वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा गलत है. यह वीडियो 17 दिसंबर 2025 को कांग्रेस द्वारा छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में किए गए प्रदर्शन का है. इसका यूजीसी नियमों के विरोध में हो रहे हालिया प्रदर्शनों से कोई संबंध नहीं है.

    गौरतलब है कि 13 जनवरी को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations 2026 नाम का नया नियम लागू किया. इसके तहत उच्च शिक्षण संस्थानों में इक्विटी सेंटर और 24*7 इक्विटी हेल्पलाइन बनाए जाने की बात कही गई, जहां छात्र अपने साथ हुए भेदभाव की शिकायत दर्ज करा सकेंगे.

    इसका मुख्य उद्देश्य शिक्षण संस्थाओं में जातिगत भेदभाव को रोकना और समानता को बढ़ावा देना है. इन नए नियमों के सामने आने के बाद विवाद शुरू हो गया. इस विवाद की वजह जाति आधारित भेदभाव की परिभाषा में ओबीसी को शामिल करना है, जिसमें अबतक केवल अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति को रखा गया था.

    इसके बाद सवर्ण समुदायों के लोग इसके विरोध में उतर आए उनका मानना है कि ये नियम सामान्य वर्ग के लोगों के खिलाफ है.

    सोशल मीडिया क्या है वायरल?

    सोशल मीडिया वायरल हो रहे इस वीडियो में कुछ लोग पीएम मोदी और केंद्रीय मंत्री अमित शाह के पोस्टर पर काली स्याही डालते और मोदी विरोधी नारे लगाते नजर आ रहे हैं.

    इंस्टाग्राम और फेसबुक पर इसे यूजीसी नियम विरोधी प्रदर्शन का वीडियो बताते हुए दावा किया जा रहा है कि UGC Bill के विरोध में सवर्ण समाज ने मोदी-अमित शाह का पोस्टर जलाया और उनकी तस्वीरों पर कालिख पोती. (आर्काइव लिंक)

    पड़ताल में क्या मिला:

    वीडियो 17 दिसंबर 2025 का है

    रिवर्स इमेज सर्च के जरिए हमें पूर्व कांग्रेस विधायक विकास उपाध्याय के इंस्टाग्राम अकाउंट पर 17 दिसंबर 2025 का एक पोस्ट मिला, जिसमें वायरल वीडियो से मिलती-जुलती तस्वीर मौजूद थी. इससे स्पष्ट था कि यह वीडियो हाल का नहीं, यूजीसी के इस नियम के आने से पहले का है.

    इसके कैप्शन में दी गई जानकारी के मुताबिक 17 दिसंबर 2025 को नेशनल हेराल्ड मामले में अदालत के फैसले के बाद कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ के रायपुर में भाजपा के खिलाफ ये विरोध प्रदर्शन किया था.

    हमने पाया कि वायरल वीडियो में मोदी-शाह की तस्वीरों पर स्याही डालते शख्स कांग्रेस नेता विकास उपाध्याय हैं, जो रायपुर वेस्ट के विधायक रह चुके हैं. इनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर 17 दिसंबर 2025 के एक अन्य पोस्ट में वायरल हो रहे वीडियो का एक हिस्सा भी देखा जा सकता है.

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    रायपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के दौरान डाली थी स्याही

    आगे संबंधित कीवर्ड की मदद से हमें रायपुर में कांग्रेस द्वारा किए गए इस विरोध प्रदर्शन से जुड़ी कई मीडिया रिपोर्ट मिलीं. दैनिक भास्कर, एनडीटीवी, द प्रिंट, नवभारत टाइम्स और अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, नेशनल हेराल्ड मामले में दिल्ली की एक अदालत ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ ईडी की मनी लॉन्ड्रिंग वाले आरोपपत्र पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया जिसके बाद 17 दिसंबर 2025 को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रायपुर सहित कई स्थानों पर शक्ति प्रदर्शन किया.

    रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि रायपुर में प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के पोस्टर पर कालिख पोती थी.

    रायपुर में कांग्रेस ने भाजपा कार्यालय के घेराव का आह्वान किया था हालांकि पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया था. प्रदर्शन के दौरान प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तथा पूर्व विधायक विकास उपाध्याय समेत कई कांग्रेस नेता मौजूद थे.

    यूजीसी नियमों के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन

    इस बीच यूजीसी के नए नियमों के विरोध में सवर्ण समाज के छात्रों और युवाओं ने दिल्ली, लखनऊ, इलाहाबाद, वाराणसी और चंदौली समेत कई शहरों में प्रदर्शन किए. वाराणसी और चंदौली में पीएम मोदी और अमित शाह के खिलाफ नारे लगाए गए वहीं बिहार के नवादा में उनके पुतले फूंके गए.


    यह भी पढ़ें -फैक्ट चेक: क्या पीएम मोदी ने नितिन नबीन को कैमरे से हटाया? जानें वायरल क्लिप की सच्चाई


    Tags

    CongressChhattisgarhRaipurUGC
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    Claim :   UGC नियम के विरोध में सवर्ण समुदाय के लोगों ने पीएम मोदी और अमित शाह के पोस्टर पर कालिख पोती.
    Claimed By :  Social Media Posts
    Fact Check :  Misleading
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