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फैक्ट चेक

पीएम मोदी और जशोदाबेन की शादी से संबंधित इंडियन एक्सप्रेस की वायरल पेपर कटिंग फर्जी है

BOOM ने पाया कि इंडियन एक्सप्रेस ने ऐसी कोई खबर प्रकाशित नहीं की थी. वायरल पेपर कटिंग को डिजिटली एडिट करके तैयार किया गया है.

By -  Anmol Alphonso |

11 Feb 2026 5:00 PM IST

साल 2015 में इंडियन एक्सप्रेस के पहले पन्ने पर प्रकाशित खबर के दावे से एक कथित पेपर कटिंग सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसमें कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी अलग रह रही पत्नी जशोदाबेन से शादी के सारे सबूत मिटा दिए हैं.

बूम के फैक्ट चेक में पाया गया कि स्क्रीनशॉट में उल्लेखित 30 नवंबर 2015 के अंक में इंडियन एक्सप्रेस ने ऐसी कोई खबर प्रकाशित नहीं की थी. वायरल हो रही यह पेपर क्लिपिंग डिजिटली एडिट करके तैयार की गई है. इंडियन एक्सप्रेस ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से भी खंडन करते हुए इसे फेक बताया है.

सोशल मीडिया पर क्या है वायरल?

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पेपर क्लिप में मौजूद तारीख के अनुसार इंडियन एक्सप्रेस ने यह खबर 30 नवंबर 2015 को छापी थी, जिसका शीर्षक था- "मोदी ने हमारी शादी के सभी सबूत नष्ट कर दिए: जशोदाबेन"

एक्स पर कई यूजर जशोदाबेन के इस कथित बयान वाली पेपर कटिंग को सच मानते हुए शेयर कर रहे हैं. (आर्काइव लिंक)



पड़ताल में क्या मिला:

1. इंडियन एक्सप्रेस ने किया पेपर क्लिप का खंडन 

इंडियन एक्सप्रेस ने 9 फरवरी 2025 को अपने आधिकारिक एक्स से इस फर्जी स्क्रीनशॉट का खंडन करते हुए बताया कि यह मनगढ़ंत है. अखबार द्वारा इस तरह का कोई लेख प्रकाशित नहीं किया गया.

2. इंडियन एक्सप्रेस का 30 नवंबर 2015 का आर्काइव 

हमने 30 नवंबर 2015 के इंडियन एक्सप्रेस के पुराने अंक खंगाले, लेकिन हमें वायरल हो रहे दावे से मेल खाती कोई हेडलाइन या खबर नहीं मिली. उस दिन के मूल मुखपृष्ठ पर अन्य खबरें थीं. कहीं भी नरेंद्र मोदी और जशोदाबेन की शादी से जुड़ी कोई खबर या उनके किसी साक्षात्कार पर आधारित कोई रिपोर्ट मौजूद नहीं थी, जैसा कि वायरल पेपर क्लिपिंग में दावा किया गया है.

3. वायरल पेपर क्लिप के स्क्रीनशॉट में मौजूद है हेरफेर के संकेत

वायरल स्क्रीनशॉट में वेबसाइट के नाम के पास छपे एड्रेस में एक स्पष्ट गलती नजर आती है- इसमें "WWW.INDIANEXPRES.COM" लिखा है, जिसमें एक 'S' गायब है.

इसके अलावा स्क्रीनशॉट में पहले पन्ने पर दिखाई दे रहे अन्य शीर्षक- जैसे "सीबीआई ने पीटर से लाई टेस्ट में क्या पूछा" और "द पेरिस टेम्पलेट", उस दिन के द इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित खबरों से मेल खाते हैं. इससे पता चलता है कि न्यूजपेपर के मूल पेज के साथ डिजिटली छेड़छाड़ की गई है और उसमें एक मनगढ़ंत लेख को जोड़कर उसे इंडियन एक्सप्रेस के मुखपृष्ठ की तरह प्रस्तुत किया गया है.

हमने 'मोदी', 'जशोदाबेन', 'शादी', और 'सबूत' जैसे कीवर्ड्स भी सर्च किए लेकिन हमें वायरल स्क्रीनशॉट से मेल खाती इंडियन एक्सप्रेस कोई रिपोर्ट नहीं मिली.



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