उत्तर प्रदेश के वृंदावन में यमुना नदी में कालिया नाग दिखाई देने के दावे से सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है. वीडियो में पानी में कोबरा सांप जैसे दिख रहे जीव और नाव पर सवार कुछ लोगों को देखा जा सकता है.
बूम ने जांच में पाया कि वायरल वीडियो वास्तविक दृश्य का नहीं है, एआई डिटेक्टर टूल्स इसके एआई से बने होने की पुष्टि करते हैं.
क्या है वायरल दावा :
इंस्टाग्राम पेज से वीडियो को शेयर करते हुए लिखा है, 'यमुना नदी में फिर दिखाई दिया कालिया नाग, क्या यह कलयुग के बढ़ते प्रभाव का संकेत है?' आर्काइव लिंक
फेसबुक पर भी यह वीडियो शेयर किया जा रहा है. आर्काइव लिंक
पड़ताल में क्या मिला :
वीडियो की पुष्टि नहीं हुई
पहली बात तो ये है कि कालिया नाग (5 सिर वाला नाग) और शेषनाग (हजार सिर वाला नाग) जैसे जीव वास्तव में मौजूद नहीं हैं. यह पौराणिक कथाओं के काल्पनिक पात्र हैं. इसके अलावा हमें वायरल दावे की पुष्टि करने वाली कोई विश्वसनीय न्यूज रिपोर्ट भी नहीं मिली.
वीडियो में कई विसंगतियां मौजूद
वायरल वीडियो के कीफ्रेम को रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें यूट्यूब पर 14 जनवरी 2025 को फुल फ्रेम में अपलोड किया गया वीडियो मिला. इस वीडियो में सांपों का अस्पष्ट चेहरा, नाव में सवार व्यक्ति का विचित्र हाथ, नाव की बाहरी सतह से चिपकते पानी में गति का न होना, पानी का अप्राकृतिक बहाव, सांपों के निकट पानी की अनोखी गति और बैकग्राउन्ड में चल रहे वॉइस ओवर को सुनने पर हमें वीडियो को एआई से बनाए जाने की आशंका हुई.
एआई जनरेटेड है वीडियो
हमने वायरल वीडियो और इसके ऑडियो को एआई डिटेक्शन टूल Deepfake -O-Meter पर चेक किया. टूल के मॉड्यूल AASIST (2021), LFCC-LCNN (2021), RawNet2 (2021), RawNet3 (2023) और Whisper (2023) ने ऑडियो के एआई जनरेटेड होने की प्रबल संभावना बताई. इसके मॉड्यूल AVSRDD (2025) ने वीडियो के एआई जनरेटेड होने की प्रबल संभावना बताई है.
हमने वायरल वीडियो को एआई डिटेक्टर टूल Hive Moderation पर भी चेक किया, इसने वीडियो के एआई जनरेटेड होने की संभावना 99.2% बताई है.


