HomeNo Image is Available
AuthorsNo Image is Available
CareersNo Image is Available
फैक्ट चेकNo Image is Available
एक्सप्लेनर्सNo Image is Available
फास्ट चेकNo Image is Available
अंतर्राष्ट्रीयNo Image is Available
बिहार चुनाव 2025No Image is Available
वेब स्टोरीज़No Image is Available
राजनीतिNo Image is Available
वीडियोNo Image is Available
HomeNo Image is Available
AuthorsNo Image is Available
CareersNo Image is Available
फैक्ट चेकNo Image is Available
एक्सप्लेनर्सNo Image is Available
फास्ट चेकNo Image is Available
अंतर्राष्ट्रीयNo Image is Available
बिहार चुनाव 2025No Image is Available
वेब स्टोरीज़No Image is Available
राजनीतिNo Image is Available
वीडियोNo Image is Available
फैक्ट चेक

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की आलोचना के दावे से पवन खेड़ा का एडिटेड वीडियो वायरल

बूम ने पाया कि कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा मूल वीडियो में अविमुक्तेश्वरानंद की नहीं बल्कि बीजेपी की आलोचना कर रहे थे. बूम से बातचीत में पवन खेड़ा ने बताया वीडियो को काट-छांट कर शेयर किया जा रहा है.

By -  Jagriti Trisha |

27 Jan 2026 1:55 PM IST

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद विवाद के बीच सोशल मीडिया पर कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा का एक वीडियो वायरल हो रहा है. इसके साथ दावा किया जा रहा है कि पवन खेड़ा ने अविमुक्तेश्वरानंद की आलोचना करते हुए उन्हें निर्लज्ज और घमंडी कहा.

बूम ने फैक्ट चेक में पाया कि कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा प्रेस कॉन्फ्रेंस वाले मूल वीडियो में बीजेपी की आलोचना कर रहे थे, अविमुक्तेश्वरानंद की नहीं. बूम से बातचीत में पवन खेड़ा ने स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो को काट-छांट कर भ्रामक तरीके से पेश किया जा रहा है.

शंकराचार्य विवाद तब शुरू हुआ जब 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के मौके पर प्रयागराज माघ मेला प्रशासन ने संगम स्नान के लिए जाते समय अविमुक्तेश्वरानंद की पालकी रोक दी. अविमुक्तेश्वरानंद के मुताबिक इस दौरान पुलिस ने उनके शिष्यों को धक्का दिया और उनके साथ बदसलूकी की. इसके बाद प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने मामले में नोटिस जारी करते हुए अविमुक्तेश्वरानंद से शंकराचार्य होने का सबूत मांगा जिससे संत समाज में नाराजगी बढ़ गई.

इसी बीच कांग्रेस अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में उतर आई. कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी और योगी सरकार पर निशाना साधा और उनकी आलोचना की.

सोशल मीडिया पर क्या है वायरल?

एक्स और फेसबुक पर वायरल हो रहे इस वीडियो की शुरुआत में पवन खेड़ा अविमुक्तेश्वरानंद की तारीफ करते हुए कहते हैं, "शंकराचार्य जो सनातन का सिरमौर माने जाते हैं, होते हैं. अविमुक्तेश्वरानंद सिर्फ इतना ही तो कह रहे हैं कि सनातन की परंपरा के अनुसार विधिवत उन्हें स्नान करने दिया जाए."

इस क्लिप के बाद अविमुक्तेश्वरानंद का एक वीडियो आता है जिसमें वह रिपोर्टर के सवाल पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की आलोचना करते हुए कहते हैं कि "हिंदू नहीं हैं वो (राहुल गांधी). घोषित रूप से हिंदू नहीं है. जो हिंदू शास्त्रों के प्रति गलत बयानी करता हो वो हिंदू कैसे हो सकता है?."

इसके बाद पवन खेड़ा का क्लिप फिर सामने आता है, जिसे कथित तौर पर अविमुक्तेश्वरानंद को सिरमौर बताने वाले उनके बयान से चार दिन पहले का बताया जा रहा है. इसमें वह कहते नजर आते हैं, "अब ये शंकराचार्य नहीं रहे. ये घमंड की पराकाष्ठा... इसको कहते हैं विनाशकाले विपरीत बुद्धि. आप हैं कौन? आपकी औकात क्या है? लानत है ऐसे लोगों पर. ये बेशर्मी है. ये बेहयाई है. ये निर्लज्जता है. उससे कम कुछ नहीं."

यूजर वीडियो को साझा करते हुए दावा कर रह हैं कि "कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा अब शंकराचार्य को सनातन का सिरमौर और संत शिरोमणि बता रहे हैं. इसी वीडियो मे 4 दिन पहले का इनका बयान सुनिए जब इन्ही शंकराचार्य को कह रहा था- कौन शंकराचार्य? आप कौन हो?आपकी औकात क्या है? बेशर्म है, बेहया है, निर्लज्ज है, घमंडी है. विनाश काले विपरीत बुद्धि." (आर्काइव लिंक)

पड़ताल में क्या मिला:

वीडियो प्रेस कॉन्फ्रेंस से लिया गया है

पड़ताल के दौरान हमें कांग्रेस के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर पवन खेड़ा की प्रेस कॉन्फ्रेंस का लाइव वीडियो मिला. 20 जनवरी 2026 को स्ट्रीम किए गए इस वीडियो के विजुअल वायरल वीडियो से मेल खाते हैं.

हमने पाया कि वायरल वीडियो इसी मूल वीडियो से काट-छांट कर तैयार किया गया है. पवन खेड़ा की दोनों क्लिप इसी वीडियो से ली गई हैं. करीब बीस मिनट के इस वीडियो में पवन खेड़ा शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की नहीं बल्कि बीजेपी और मुख्यमंत्री योगी की आलोचना करते हुए इसे बेशर्मी और निर्लज्जता बता रहे थे.

Full View


वायरल वीडियो एडिटेड है

प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में तीन मिनट के करीब पवन खेड़ा कहते हैं. "आधी रात को 12 बजे एक नोटिस आ गया उत्तर प्रदेश सरकार से. उस नोटिस में यह कहा जाता है कि साहब हम तो आपको शंकराचार्य नहीं मानते. यह घमंड की पराकाष्ठा. इसको कहते हैं विनाश काले विपरीत बुद्धि."

चार मिनट के टाइमस्टैम्प पर वह आगे कहते हैं, "अब शंकराचार्य जो सनातन के सिरमौर माने जाते हैं, होते हैं. कोई डीएम तय करेगा, प्रशासन तय करेगा, कोई मुख्यमंत्री तय करेगा कि वह शंकराचार्य हैं या नहीं है. आप हैं कौन? आपकी औकात क्या है? एक परंपरा होती है. गुरु शिष्य की अखंड परंपरा होती है. उस परंपरा के तहत शंकराचार्य चुने जाते हैं. आधी रात को आप नोटिस देकर पूछ रहे हैं कि आप शंकराचार्य नहीं है?" यहां स्पष्ट है कि पवन खेड़ा शंकराचार्य के पक्ष में शासन-प्रशासन पर सवाल उठा रहे हैं.

योगी सरकार पर उठाया था सवाल

इसी क्रम में वह कहते हैं, "जब प्रधानमंत्री नतमस्तक हुए इनके सामने तब ये शंकराचार्य थे. जब तक यह गोमांस पर भारतीय जनता पार्टी पर सवाल नहीं उठाते थे तब तक ये शंकराचार्य थे. जब आधे-अधूरे मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का विरोध नहीं करते थे तब तक ये शंकराचार्य थे. जब महाकुंभ के दौरान हुई अव्यवस्था और मौतों के सवाल नहीं पूछे तब तक ये शंकराचार्य थे. अब ये शंकराचार्य नहीं रहे. अब इनको मौनी अमावस्या के दिन स्नान करने से रोका गया. क्योंकि यह राजा के सामने नतमस्तक नहीं होते."

वीडियो के 6 मिनट 20 सेकंड पर पवन खेड़ा आगे कहते हैं, "...कल रात को 12 बजे आदित्यनाथ ने, अजय सिंह बिष्ट ने जो नोटिस भेजा है यह संविधान के आर्टिकल 25 और आर्टिकल 26 का उल्लंघन है. यह नैतिकता के पैमाने पर सही नहीं है. यह कानून के पैमाने पर सही नहीं है. संविधान के पैमाने पर सही नहीं है. यह बेशर्मी है. यह बेहयाई है. यह निर्लज्जता है. उससे कम कुछ नहीं है."

आगे वह कहते नजर आते हैं, "..और हिंदू समाज छोड़िए पूरा देश अजय सिंह बिष्ट की और मोदी के मौन को देख रहा है, माफ नहीं करेगा. अब स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी सिर्फ इतना ही तो कह रहे हैं कि सनातन की परंपरा के अनुसार विधिवत स्नान उन्हें करने दिया जाए."

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने की पुष्टि

पुष्टि के लिए हमने कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा से भी संपर्क किया. उन्होंने बूम से बातचीत में बताया कि वीडियो को काट-छांट कर चलाया जा रहा है. उन्होंने बीजेपी की आलोचना क्रम में ये बयान दिए थे.

वीडियो में मौजूद अविमुक्तेश्वरानंद की क्लिप 

न्यूज 18 के यूट्यूब चैनल पर हमें वायरल वीडियो में शामिल अविमुक्तेश्वरानंद का वही वीडियो मिला, जिसमें वह कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर टिप्पणी करते नजर आ रहे हैं. न्यूज 18 ने इस वीडियो को 15 जनवरी 2026 को यानी मौनी अमावस्या (18 जनवरी) के दिन हुए विवाद से पहले प्रीमियर किया था.



Tags:

Related Stories