राष्ट्रीय स्वयंसेवक के प्रमुख मोहन भागवत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. इसमें वह कह रहे हैं, “मैंने मोदी से साफ कह दिया है कि अगर वह 2028 तक भारतीय सेना से 50% से ज्यादा नॉन कास्ट हिंदुओं को नहीं निकालते हैं तो समझ लो कि मोदी जाएगा.”
बूम ने जांच में पाया कि मोहन भागवत ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है. वायरल वीडियो एआई जनरेटेड है, एआई डिटेक्टर टूल Deepfake-O-Meter और वॉइस डिटेक्टर टूल Hiya इस बात की पुष्टि भी करते हैं.
गौरतलब है कि बहुजन समाज से संंबंधित भारत मुक्ति मोर्चा और अन्य सहयोगी संगठन 22 फरवरी 2026 को नागपुर स्थित RSS के मुख्यालय पर राष्ट्रव्यापी महारैली आयोजित करने वाले हैं. अखिल भारतीय पिछड़ा और अल्पसंख्यक समुदाय कर्मचारी महासंघ (BAMCEF) के अध्यक्ष वामन मेश्राम ने अपने फेसबुक हैंडल पर इस बात की जानकारी दी है. यूजर इस डीपफेक वीडियो शेयर करते हुए रैली में जाने के लिए कह रहे हैं.
सोशल मीडिया पर क्या है वायरल?
वीडियो में मोहन भागवत कहते हैं, "हमने मोदी को अपना फैसला सुना दिया है कि अगर भारत की सेना को पवित्र रखना है तो उसका भगवाकरण करना होगा. भारतीय सेना से उन सभी अछूतों को निकालना होगा जो हमारी सेना को अंदर से खोखला कर रहे हैं. मोदी ने मेरे घुटने पकड़ कर कहा कि उन पर दबाव है लेकिन मैंने साफ कह दिया है कि अगर तुम 2028 तक भारतीय सेना से 50% से ज्यादा नॉन कास्ट हिंदुओं को नहीं निकालते तो समझ लो कि मोदी जाएगा और योगी आएगा. नीतीश कुमार हमारा बालक है और हमने मोदी से कह दिया है कि अगर नीतीश कुमार से इस्तीफा मांगा गया तो अगला इस्तीफा तुम्हारा ही होगा.”
फेसबुक पर एक यूजर (आर्काइव लिंक) ने मोहन भागवत के इस वीडियो को शेयर किया और 22 फरवरी 2026 को RSS मुख्यालय पर राष्ट्रव्यापी महारैली में शामिल होने का आह्वान किया. इंस्टाग्राम (आर्काइव लिंक) पर भी यह वीडियो वायरल है.
पड़ताल में क्या मिला:
भागवत के कोलकाता में दिए एक भाषण के वीडियो को एडिट किया गया
बूम ने वायरल वीडियो के कुछ कीफ्रेम को गूगल लेंस से सर्च किया. लेकिन हमें मोहन भागवत के इस बयान की पुष्टि करने वाली कोई भी विश्वसनीय न्यूज रिपोर्ट या वीडियो नहीं मिली. बल्कि हमें CNN-News18 के यूट्यूब चैनल पर 21 दिसंबर 2025 को शेयर किया गया एक वीडियो मिला. इस वीडियो में न्यूज18 क्लिक का वॉटरमार्क भी है, जो वायरल वीडियो में है.
मोहन भागवत ने 10 मिनट 15 सेकंड के इस वीडियो में बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ते अत्याचारों पर चिंता जताते हुए कई मुद्दों पर बात की थी. हालांकि इस पूरे वीडियो में कहीं पर भी मोहन भागवत ने भारतीय सेना के भगवाकरण करने और गैर हिंदुओं को बाहर करने जैसी कोई बात नहीं कही थी. कई अन्य मीडिया आउटलेट (रिपब्लिक भारत और एएनआई) ने भी यह वीडियो शेयर किया था.
वायरल वीडियो में एआई के जरिए छेड़छाड़
हमें वायरल वीडियो के एआई जनरेटेड होने का संदेह हुआ. हमने मोहन भागवत के इस वायरल वीडियो को एआई डिटेक्टर टूल Deepfake-O-Meter और वॉइस डिटेक्टर टूल Hiya पर चेक किया तो पाया कि इसमें एआई के जरिए छेड़छाड़ की गई है.
Deepfake-O-Meter के AVSRDD (2025) मॉडल के मुताबिक यह वीडियो 100 प्रतिशत तक फेक है और संभावित तौर पर एआई जनरेटेड है.
वहीं वॉइस डिटेक्टर टूल Hiya ने भी वायरल वीडियो के ऑडियो को 1/100 का ऑथेंटिसिटी स्कोर दिया है, जिसका मतलब है कि वीडियो के एआई से बने होने की संभावना बहुत अधिक है.


