सोशल मीडिया पर करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना का एक वीडियो वायरल है, इसमें वह एक मंच से लोगों को संबोधित कहते हुए कह रहे हैं कि 'इस देश में राष्ट्रपति भी वो होगा जो हम बनाएंगे और प्रधानमंत्री भी वो होगा जो हम बनाएंगे.' यूजर इस वीडियो को जातिगत भेदभाव के खिलाफ यूजीसी की नई गाइडलाइंस के विरोध में करणी सेना के प्रदर्शन का बताकर शेयर कर रहे हैं.
बूम ने जांच में पाया कि करणी सेना ने यूजीसी की नई गाइडलाइंस का विरोध किया था पर यह वीडियो दिसंबर 2025 का है, जब मध्य प्रदेश के हरदा में करणी सेना ने 21 सूत्रीय मांगों को लेकर जनक्रांति न्याय आंदोलन किया.
गौरतलब है कि यूजीसी ने उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव कम करने के लिए 13 जनवरी 2026 को एक नोटिफिकेशन जारी किया था. इसमें शिक्षण संस्थानों में एक समान अवसर केंद्र (EOC) और इसी के तहत एक 'इक्विटी कमेटी' और 24*7 इक्विटी हेल्पलाइन बनाए जाने सहित कई अन्य कदम उठाने की बात कही गई थी.
हालांकि 29 जनवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने अपनी तीखी टिप्पणियों के साथ इन नियमों पर रोक लगा दी है और अगली सुनवाई के लिए 19 मार्च 2026 की तारीख तय की है.
सोशल मीडिया पर क्या है वायरल?
इस वीडियो में महिपाल सिंह मकराना कहते हैं, "देश में राष्ट्रपति भी वो होगा जो हम बनाएंगे. इस देश में प्रधानमंत्री भी वो होगा जो हम बनाएंगे और हर एक राज्य का मुख्यमंत्री नियुक्त करने का अधिकार भी हमको होगा अगर रजवाड़े मांग लिए तो."
इंस्टाग्राम पर एक यूजर (आर्काइव लिंक) ने यूजीसी रोलबैक और राजपुताना एकता के हैशटैग के साथ इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, ‘राजवाड़े वापस लिए तो सत्ता भी हमारी होगी - प्रधानमंत्री से राष्ट्रपति तक राजपूत बनाएंगे.’
इंस्टाग्राम (आर्काइव लिंक) पर कई अन्य यूजर ने भी इसी दावे से यह वीडियो शेयर किया है.
पड़ताल में क्या मिला?
वायरल वीडियो के लेफ्ट कॉर्नर में 21 दिसंबर 2025 की तारीख और हरदा की लोकेशन वाला वाटरमार्क है. बूम ने दावे की पड़ताल के लिए वायरल वीडियो के कुछ कीफ्रेम को गूगल लेंस से सर्च किया. हमें दिसंबर 2025 के कई सोशल मीडिया पोस्ट में यह वीडियो मिला.
वीडियो से संबंधित कीवर्ड से सर्च करने पर हमें इसकी कई मीडिया रिपोर्ट ( नवभारत टाइम्स, न्यूज24 एमपी छत्तीसगढ़, दैनिक भास्कर और ईटीवी ) भी मिलीं.
दैनिक भास्कर की 21 दिसंबर 2025 की रिपोर्ट में बताया गया कि मध्य प्रदेश के हरदा के नेहरू स्टेडियम में 21 सूत्रीय मांगों को लेकर करणी सेना ने जनक्रांति न्याय आंदोलन किया. यह आंदोलन करीब 11 घंटे तक चला और इसमें लगभग 20 हजार से अधिक कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए.
इंडिया टुडे ग्रुप के प्लेटफॉर्म 'एमपी तक' के यूट्यूब चैनल पर इस कार्यक्रम का एक लाइव वीडियो शेयर किया गया, जिसमें 1:38:34 के टाइमफ्रेम से 1:39:14 के बीच वायरल वीडियो वाले हिस्से को देखा जा सकता है.
हालांकि कई मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक करणी सेना ने यूजीसी के द्वारा लाए गए नियम के विरोध में कई जगह (दिल्ली, जयपुर, फिरोजाबाद और हापुड़) पर प्रदर्शन किया था.


