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फैक्ट चेक

ICC ने पाकिस्तान पर एक साल का प्रतिबंध नहीं लगाया, वायरल प्रेस रिलीज फेक है

बूम ने पाया कि ICC द्वारा पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड पर एक साल का प्रतिबंध लगाने का दावा झूठा है. वायरल मीडिया रिलीज फर्जी है. ICC ने फिलहाल इस तरह की कोई नोटिस जारी नहीं की है.

By -  Jagriti Trisha |

5 Feb 2026 6:12 PM IST

पुरुष टी-20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान ने 15 फरवरी को होने वाले ग्रुप ए मैच में भारत के खिलाफ से इनकार कर दिया है. इस विवाद के बीच सोशल मीडिया पर अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) द्वारा पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) पर एक साल का प्रतिबंध लगाए जाने के दावे से एक फेक प्रेस रिलीज वायरल हो रही है.

इस मीडिया रिलीज में कहा गया है कि आईसीसी ने एक बैठक में 14-2 के मत से पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) पर एक साल का प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया है. इसके साथ ही इसमें पाकिस्तान के सालाना रेवेन्यू के हिस्से को 5.75 प्रतिशत से घटाकर 2.25 प्रतिशत किए जाने की भी बात कही गई है.

बूम ने जांच में पाया कि आईसीसी ने नाम पर वायरल हो रही यह प्रेस रिलीज फेक है और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड पर एक साल का प्रतिबंध लगाए जाने का दावा झूठा है. 

गौरतलब है कि पाकिस्तान ने टी-20 वर्ल्ड कप में 15 फरवरी को कोलंबो में होने वाले मैच में भारत के खिलाफ नहीं खेलने का ऐलान किया है. पाकिस्तान के इस बॉयकॉट और चुनिंदा मैच खेलने के फैसले पर आईसीसी ने आगाह करते हुए इसे नियमों और खेल भावना के विरुद्ध बताया है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने कहा कि यह फैसला आईसीसी द्वारा बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर किए जाने के बाद उसके समर्थन में लिया गया है.

सोशल मीडिया पर क्या है वायरल?

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इस मीडिया रिलीज में अंग्रेजी में आईसीसी के हवाले से पाकिस्तान पर प्रतिबंध लगाए जाने और उसके रेवेन्यू के हिस्से को घटाने की बात कही गई है. साथ ही यह भी कहा गया है कि पाकिस्तान को साल 2040 तक किसी भी ICC टूर्नामेंट की मेजबानी की अनुमति नहीं होगी. इस कथित रिलीज पर आईसीसी चेयरमैन जय शाह का हस्ताक्षर भी मौजूद है.

एक्स और फेसबुक पर इस रिलीज को वास्तविक मानकर शेयर करते हुए यूजर्स लिख रहे हैं कि ICC ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को एक साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया है. (आर्काइव लिंक)

पड़ताल में क्या मिला:

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड पर प्रतिबंध का दावा झूठा है

सबसे पहले हमने ICC की ऐसी किसी नोटिस से संबंधित मीडिया रिपोर्ट की तलाश की. हमें ICC की तरफ से इस तरह की कोई नोटिस जारी किए जाने या पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड पर प्रतिबंध लगाए जाने से संबंधित कोई विश्वसनीय रिपोर्ट नहीं मिली.

खबरों में बताया गया कि आईसीसी ने पाकिस्तान के भारत के खिलाफ मैच न खेलने के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए इस नियमों और खेल भावना के विरुद्ध बताया है. हालांकि कुछ खबरों में कयास लगाया गया कि आईसीसी पाकिस्तान के सालाना राजस्व का हिस्सा (लगभग 3.5 करोड़ डॉलर) रोक सकता है, लेकिन इनमें कहीं भी किसी प्रतिबंध का जिक्र नहीं था.

आगे हमने आईसीसी की आधिकारिक वेबसाइट और सोशल मीडिया अकाउंट की जांच की पर वहां भी हमें ऐसी कोई मीडिया रिलीज नहीं मिली. साफ था कि आधिकारिक तौर पर आईसीसी ने ऐसी कोई रिलीज जारी नहीं की है.

आईसीसी की मूल रिलीज में प्रतिबंध की बात नहीं कही गई

हमें आईसीसी की वेबसाइट पर पाकिस्तान के फैसले को लेकर एक फरवरी को जारी की गई मीडिया रिलीज मिली. इस रिलीज में आईसीसी ने लिखा, "ICC ने पाकिस्तान सरकार के उस बयान पर ध्यान दिया है जिसमें उसने अपनी टीम को ICC मेन्स T20 वर्ल्ड कप 2026 में चुनिंदा रूप से हिस्सा लेने का निर्देश देने के फैसले के बारे में कहा है. चुनिंदा हिस्सेदारी प्रतियोगिताओं की भावना और पवित्रता को कमजोर करती है."

रिलीज में आगे यह भी कहा गया कि "आईसीसी को उम्मीद है कि पीसीबी अपने देश में क्रिकेट के लिए इसके जरूरी और दीर्घकालिक प्रभावों पर विचार करेगा क्योंकि इससे ग्लोबल क्रिकेट इकोसिस्टम पर असर पड़ने की संभावना है, जिसका वह स्वयं सदस्य और लाभार्थी है. उम्मीद है कि पीसीबी ऐसा समाधान निकालेगा जो सभी को मंजूर हो और जिससे सभी स्टेकहोल्डर्स के हितों की रक्षा हो." हमने पाया कि आधिकारिक रिलीज में कहीं भी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड पर प्रतिबंध की बात नहीं कही गई.

वायरल मीडिया रिलीज एडिटेड है

आगे रिवर्स इमेज सर्च की मदद से हमें दूरदर्शन स्पोर्ट्स के आधिकारिक एक्स हैंडल पर मूल मीडिया रिलीज मिली. हमने पाया कि इसी रिलीज को एडिट कर वायरल मीडिया रिलीज को तैयार किया गया है.

इस मूल रिलीज में ICC द्वारा जारी किए गए बयान को दोहराया गया है और कहा गया है कि चुनिंदा भागीदारी का यह रुख वैश्विक खेल आयोजन के मूल सिद्धांतों के साथ मेल नहीं खाता, जहां सभी टीमों से तय कार्यक्रम के अनुसार समान शर्तों पर प्रतिस्पर्धा करने की अपेक्षा की जाती है.

नीचे वायरल मीडिया रिलीज और मूल रिलीज के बीच तुलना देखी जा सकती है. तुलना के दौरान हमने पाया कि वायरल रिलीज का फॉन्ट मूल रिलीज से बिलकुल अलग है और इसमें नीचे आईसीसी के चेयरमैन जय शाह के हस्ताक्षर भी नहीं हैं.



इंडियन एक्सप्रेस की 5 फरवरी की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के खिलाफ मैच से अंतिम समय में अपना नाम वापस लेने पर आईसीसी द्वारा प्रतिबंधों की आशंका की स्थिति में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड 'फोर्स मेज्योर' क्लॉज का इस्तेमाल कर सकती है. फोर्स मेज्योर क्लॉज आमतौर पर उन अप्रत्याशित परिस्थितियों पर लागू होता है, जिनकी वजह से कोई पक्ष अपने कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों को पूरा नहीं कर पाता.

इसके अलावा बूम ने ईमेल के माध्यम से आईसीसी से संपर्क किया है. जवाब आने पर स्टोरी को अपडेट किया जाएगा.


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