उत्तराखंड के कोटद्वार निवासी दीपक कश्यप का नाम बीते दिनों से काफी चर्चा में है, बजरंग दल के कार्यकर्ताओं से उनकी बहस का वीडियो काफी वायरल हुआ था. इसी बीच भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी के बयान के दावे से जी न्यूज के लोगो वाला एक ग्राफिक काफी वायरल है. इसके हवाले से दावा किया जा रहा है कि अंसारी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को अपने नाम के आगे मोहम्मद लगाने की सलाह दी है.
ग्राफिक में हामिद अंसारी के हवाले से लिखा गया है, "मोहम्मद दीपक की तरह हर एक कांग्रेसी को अपने नाम के आगे मोहम्मद लगाना चाहिए. हर हिंदू कांग्रेसी परिवार अपना बड़ा बेटा मुसलमान बनाए और बड़ी बेटी मुसलमान के घर ही ब्याहे."
बूम ने जांच में पाया कि जी न्यूज के लोगो वाला और हामिद अंसारी की कांग्रेसियों को नाम के आगे मोहम्मद लगाने की सलाह के दावे से वायरल हो रहा ग्राफिक फर्जी है.
26 जनवरी को उत्तराखंड के दीपक कश्यप अचानक सुर्खियों में आ गए, उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ जिसमें वह अपना नाम मोहम्मद दीपक बताते हुए हिंदुत्ववादी संगठन बजरंग दल के कार्यकर्ताओं से तीखी बहस करते हुए दिखाई दिए. आरोपों के अनुसार बजरंग दल से जुड़े कुछ कार्यकर्ता कोटद्वार की एक दुकान जिसका नाम “बाबा स्कूल ड्रेस एंड मैचिंग सेंटर” है पर पहुंचे और दवाब बनाने लगे कि दुकान के नाम से बाबा शब्द हटाया जाए. दीपक के हस्तक्षेप के बाद बजरंग दल के लोग वापस लौट गए. 31 जनवरी को बजरंग दल से जुड़े दर्जनों लोगों ने कोटद्वार पहुंचकर दोबारा हंगामा काटा. घटनाक्रम के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की, जिसमें दीपक का नाम भी शामिल है. दुकान के मालिक 75 वर्षीय वकील अहमद हैं.
क्या है वायरल दावा :
फेसबुक यूजर ने ग्राफिक को शेयर करते हुए लिखा है, " ये भी देख लो खांग्रेसी चमचों, तुम्हारे भाई जान क्या कह रहा है, तुम उसकी बात मानोगे या नहीं ?" आर्काइव लिंक
एक्स पर भी यह ग्राफिक वायरल है. आर्काइव लिंक
पड़ताल में क्या मिला :
दावे की नहीं हुई पुष्टि :
पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने यदि ऐसा कोई बयान दिया होता तो इसकी चर्चा मीडिया में जरूर होती, अपनी जांच में हमें वायरल दावे की पुष्टि करने वाली कोई विश्वसनीय न्यूज रिपोर्ट नहीं मिली. हमने जी न्यूज के सोशल मीडिया अकाउंट को भी खंगाला और वहां भी हमें ऐसा कोई ग्राफिक नहीं मिला.
एडिटेड है ग्राफिक :
ग्राफिक को रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें हामिद अंसारी के बयान पर आधारित जी न्यूज द्वारा 30 जनवरी 2026 को शेयर किया गया असली ग्राफिक मिला. जी न्यूज की तरफ से लिखा गया है कि हामिद अंसारी ने एक इंटरव्यू के दौरान मुस्लिमों पर अपनी प्रतिक्रिया दी.
वायरल ग्राफिक में टेक्स्ट का फॉन्ट जी न्यूज के ग्राफिक में इस्तेमाल किए जाने वाले फॉन्ट से अलग है. इससे संकेत मिला रहा है वायरल ग्राफिक एडिटेड और फर्जी है.
जी मीडिया ने ग्राफिक को फेक बताया
अधिक स्पष्टीकरण के लिए हमने जी मीडिया के डिजिटल विंग के ग्रुप एडिटर अनुज खरे से संपर्क किया. उन्होंने बूम को बताया कि वायरल ग्राफिक फर्जी है, जी न्यूज की तरफ से ऐसा कोई ग्राफिक शेयर नहीं किया गया है.


