पटना के महावीर कैंसर संस्थान में मरीज़ों की भीड़ का वीडियो फ़र्ज़ी दावों के साथ वायरल

बूम ने डॉक्टर राणा सिंह से बात की और पता लगाया की ये वीडियो उन्होंने 15 जुलाई को महावीर कैंसर संस्थान में रिकॉर्ड किया था

एक हॉस्पिटल प्रांगण में लगी मरीज़ो की भीड़ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर इस दावे के साथ वायरल है की ये अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), पटना की खस्ता हालत दिखाता है | वीडियो ये भी दावा करता है की AIIMS पटना में सोशल डिस्टन्सिंग के नियमो की धज्जियां उड़ाई जा रही है |

बूम ने डॉक्टर राणा सिंह, जिन्होंने ये वीडियो रिकॉर्ड किया था, से बात की और पता लगाया की वीडियो AIIMS में नहीं बल्कि महावीर कैंसर संस्थान, फ़ुलवारीशरीफ़ पटना में बनाया गया है |

वीडियो ऐसी समय पर वायरल हो रहा है जब भारी वर्षा के कारण बिहार में जनजीवन अस्त-व्यस्त है | कोरोना वायरस से जूझ रहा बिहार अब बाढ़ की दोहरी मार झेल रहा है | बिहार में कोरोना के अब तक 26,380 से ज़्यादा पॉज़िटिव मामले सामने आये हैं | प्रदेश में बाढ़ की स्थिति जानने के लिए यहां और यहां क्लिक करें |

यही क्लिप अलग अलग कैप्शंस के साथ ये दावा करते हुए वायरल है की वीडियो विक्टोरिया हॉस्पिटल बैंगलोर, या फिर दिल्ली या पुणे के किसी हॉस्पिटल से है |

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लगभग 34-सेकंड लम्बे इस वीडियो में एक हॉस्पिटल के वेटिंग एरिया में कई पेशेंट्स खड़े नज़र आ रहे हैं | हालांकि सबने मास्क पहन रखा है पर सोशल डिस्टन्सिंग के नियमो की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं |

वीडियो बना रहे शख्स को अंग्रेजी में ये कहते सुना जा सकता है 'मैम, ये रूम नंबर 5, ओ.पी.डी ग्राउंड फ़्लोर पर मरीज़ों की संख्या है | मरीज़ों की संख्या को देखते हुए साफ़ कहा जा सकता है की ये सभी डॉक्टर्स, स्टाफ़ और यहां तक की मरीज़ों के लिए भी बहुत ही खतरनाक स्थिति है | इसीलिए मैं ये वीडियो आपको फ़ॉरवर्ड कर रहा हूँ मैम | मैं डॉक्टर राणा सिंह हूँ | धन्यवाद मैम | यहां रूम नंबर ओपीडी 5 के आगे करीब सौ से ज़्यादा लोग खड़े हैं | कृपया जल्द से जल्द कोई समाधान निकाला जाए |'

(असल संवाद: Ma'am this is the amount of rush that we are getting at room number 5, OPD ground floor. Looking at the amount of patients here, it is a complete threat to all the doctors and staffs of the hospital including the patients. So that is why I am forwarding you this video to you Ma'am. This is doctor Rana Singh here. Thank you, Ma'am. This is the entire amount of people standing right in front of room number OPD 5. More than hundred in number. Please take an immediate action as soon as possible'.

वायरल वीडियो नीचे देखें और आर्काइव यहां |

इसी क्लिप को दिल्ली के किसी हॉस्पिटल से जोड़ कर ट्विटर (आर्काइव) पर भी वायरल किया गया है |

इसी वीडियो के साथ एक अन्य कैप्शन ट्विटर पर इसे पुणे के किसी हॉस्पिटल की दयनीय हालत बताता है |

फ़ेसबुक (आर्काइव) पर इसी वीडियो को विक्टोरिया हॉस्पिटल, बैंगलोर का भी बताया गया है |

हालाँकि बगलोर सिटी पुलिस कमिश्नर ने ट्वीट करके बताया की ये दावा फ़र्ज़ी है और इस वीडियो को गलत कैप्शन के साथ वायरल करने वाले के ख़िलाफ़ कार्यवाही भी की गयी है |

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फ़ैक्ट चेक

बूम ने वायरल पोस्ट्स के कमैंट्स सेक्शन को गौर से देखा तो पाया की कई लोगों ने वीडियो को AIIMS पटना और महावीर कैंसर संस्थान, पटना का बताया है | हमने दोनों हॉस्पिटल्स से संपर्क करने की कोशिश की पर किसी ने फ़ोन नहीं उठाया |

इसके बाद हमें फ़ेसबुक पर शेयर किये गए इसी वीडियो के कमैंट्स सेक्शन में डॉक्टर राणा सिंह का मैसेज दिखा जिसमे उन्होंने साफ़ तौर पर लिखा था की वीडियो उन्होंने बनाया था |



डॉक्टर सिंह ने लिखा था 'मेरा नाम डॉ राणा सिंह है और ये वीडियो मैंने खुद बनाया है ...महावीर कैंसर संस्थान में मैं डॉक्टर हूँ और मेडिकल अफसर के पोस्ट पर हूँ ...ये वीडियो मैने कल 15/7/20को लिया जब मरीज़ों की भीड़ कोरोना स्क्रीनिंग ओपीडी नंबर 5 के पास अनकंट्रोलड हो गयी .... (डॉ राणा सिंह, मेडिकल अफसर, महावीर कैंसर संस्थान, पटना)'.

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बूम ने इसके बाद डॉक्टर राणा सिंह से संपर्क किया जिन्होंने हमें बताया की वीडियो उनके द्वारा जुलाई 15 को तब बनाया गया था जब महावीर कैंसर संस्थान के कोरोना स्क्रीनिंग ओ.पी.डी नंबर 5 के आगे मरीज़ों का भारी जमावड़ा हो गया था |

"हालात हाथ से बाहर हो रहे थे और हम सिर्फ़ चार-पांच डॉक्टर कोरोना स्क्रीनिंग ओ.पी.डी में मौजूद थे | पेशेंट्स की भारी भीड़ इकट्ठा हो गयी थी | इसीलिए मुझे ये वीडियो बनाना पड़ा ताकि मैं इसे हॉस्पिटल मैनेजमेंट को भेज सकू और जल्द से जल्द कोई उपाय निकाला जा सके," डॉ सिंह ने बूम को बताया |

बाद में त्वरित कार्यवाही की गयी और हालात काबू में आ गए थे, उन्होंने आगे बताया |

डॉ सिंह ने हमें ये भी बताया की हॉस्पिटल पहले बंद था क्यूंकि कुछ मेडिकल स्टाफ़ और करीब तीन-चार मरीज़ कोवीड पॉज़िटिव पाए गए थे | "हॉस्पिटल को सैनिटाइज़ करने के लिए चार-पांच दिनों के लिए बंद किया गया था | हॉस्पिटल खुलने के बाद से मरीज़ों की संख्या बढ़ी हुई थी," डॉ सिंह ने बताया |

गौरतलब है की महावीर कैंसर संस्थान कोवीड-19 के लिए चिन्हित हॉस्पिटल नहीं है | यहां एडमिट होने वाले पेशेंट्स को कोरोना वायरस के लिए स्क्रीन किया जाता है |

"हम इस बात की पुष्टि करते हैं की हॉस्पिटल में इलाज करा रहा कोई मरीज़ कोवीड-19 पॉज़िटिव ना हो | इसके लिए हम स्क्रीनिंग करते हैं | अगर हमें कोई सस्पेक्टेड केस मिलता है तो हम उसे पटना AIIMS या NMCH पटना या अन्य कोवीड-19 चिन्हित हॉस्पिटल भेजते हैं ताकि आगे का प्रोसीजर पूरा हो सके," डॉक्टर ने बूम को बताया |

यही क्लिप इंडिया टीवी पर जुलाई 18, 2020 को पब्लिश एक रिपोर्ट में भी दिखाई गयी है |

इंडिया टीवी के यूट्यूब चैनल पर अपलोड किये गए वीडियो का शीर्षक है 'भारत में टॉप स्पीड में कोरोना, Bihar Mahavir अस्पताल में COVID-19 टेस्ट के लिए लोगों की भारी भीड़'.

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Updated On: 2020-07-27T15:13:31+05:30
Claim Review :   पटना एम्स में उड़ी लॉकडाउन की धज्जियां, मरीजों को खड़े रहने तक की जगह नहीं
Claimed By :  Social media
Fact Check :  False
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