वायरल पोस्ट्स का फ़र्ज़ी दावा की विकास दुबे नहीं उसके हमशक्ल का हुआ एनकाउंटर

बूम ने पाया की वायरल पोस्ट्स फ़र्ज़ी हैं और दोनों तस्वीरें अपराधी विकास दुबे की ही हैं न की उसके हमशक्ल की

वायरल हो रही पोस्ट्स जो दावा करती हैं की 10 जुलाई को कानपूर के पास विकास दुबे नहीं बल्क़ि उसका हमशक्ल मारा गया है, फ़र्ज़ी हैं | इस पोस्ट में अलग अलग वक़्त में ली गयी विकास दुबे की तस्वीरें हैं | इन तस्वीरों में एक उज्जैन में गिरफ्तारी के बाद की है |

दुबे उत्तर प्रदेश का एक मोस्ट वांटेड अपराधी था जिसका नाम कानपूर के पास बिकरू गांव में 8 पुलिसकर्मी उसके की हत्या से जुड़ा था | यह घटना 2-3 जुलाई के बीच की रात में हुई थी |

कुख्यात गैंगस्टर विकास दुबे के साथ नज़र आ रहे संबित पात्रा की ये तस्वीर फ़र्ज़ी है

विकास दुबे इस घटना के बाद फ़रार था | उसके ख़िलाफ़ उत्तर प्रदेश में 62 मामले दर्ज थे जिनमें से 5 हत्या के मामले थे | इस पोस्ट में दुबे की मास्क पहने हुए तस्वीर को फ़ेसबुक पर डुप्लीकेट कहा जा रहा है और एक अन्य तस्वीर को वास्तविक | इसी के साथ यह दावा भी वायरल है की वास्तविक विकास दुबे अभी ज़िंदा है और उसका हमशक्ल एनकाउंटर में मारा गया |

तस्वीरों के साथ एक कैप्शन वायरल है: "मैं तो पूरी गारंटी के साथ कह सकता हूं कि विकास दुबे अभी जिंदा है, जिसका इनकाऊंटर हुआ, वो एक निर्दोष व विकास दुबे का हमशक्ल था...क्योंकि जब वो उज्जैन में पकड़ाया, तो भी वो एक पागलों जैसी हरकत किया और बोला - "मैं विकास दुबे हूं कानपुर वाला" जबकि कोई भी कुख्यात अपराधी ऐसी हरकत नहीं करता। और जिसका इनकाऊंटर हुआ है, उसका एज भी असली वाले अपराधी से कम है... भाजपा सरकार जनता को चूतिया बनाना छोड़ दो और ठीक से कार्यवाही करो..."

नीचे कुछ पोस्ट्स देख सकते हैं और उनके आर्काइव्ड वर्शन यहाँ और यहाँ देखें |



यही दावे वीडियो फॉर्मेट में भी फेसबुक पर वायरल हैं |

फ़ैक्ट चेक

बूम यह पता लगाने में सक्षम था कि दोनों तस्वीरें अपराधी विकास दुबे की हैं । दोनो तस्वीरों के इस्तेमाल से हमनें 'फ़ेसिएल रिकॉग्निशन सॉफ्टवेयर' पर पाया कि दोनों चेहरे 99.79 प्रतिशत मेल खाते हैं ।


बायीं ओर की तस्वीर जिसमें दुबे फ़ेस मास्क लगाए दिख रहा है, हाल की गिरफ़्तारी के बाद ली गई है । यह तस्वीर न्यूज़ एजेंसी ए.एन.आई ने भी इस्तेमाल की थी । ए.एन.आई के ट्वीट के मुताबिक़ यह फ़ोटो मध्य प्रदेश पुलिस ने दी थी । इसके अलावा दायीं ओर की तस्वीर अपराधी की फ़ाइल फ़ोटो है ।

यही शर्ट पहने दुबे इस रिपोर्ट में भी देखा जा सकता है जो गिरफ्तारी के कुछ वक्त बाद कि है । यह तस्वीर न्यूज़ संस्थानों ने कई बार अपनी रिपोर्ट्स में इस्तेमाल की है ।

दूसरी तस्वीर 'वांटेड' पोस्टर में इस्तेमाल हुई थी । यह तस्वीर तब पोस्टर में लगाई गई जब उत्तर प्रदेश पुलिस ने कुख्यात अपराधी को पकड़ने के लिए इनाम रखा ।

यही तस्वीर हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट में भी प्रकाशित हुई है |



Updated On: 2020-07-16T16:26:19+05:30
Claim Review :   वायरल पोस्ट का दावा है की पुलिस ने विकास दुबे नहीं उसके हमशक्ल को मारा है
Claimed By :  Social media
Fact Check :  False
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