असंबंधित तस्वीरें बिहार में कोविड-19 अस्पतालों की दुर्दशा बताकर वायरल

बूम ने पाया कि एक तस्वीर बिहार की है पर 2018 में ली गयी थी और दूसरी हैदराबाद की है

पुरानी और असंबंधित तस्वीरों का एक सेट फ़र्ज़ी दावों के साथ वायरल हो रहा है जिसमें कहा जा रहा है की बिहार के एक कोविड-19 हॉस्पिटल में बाढ़ का पानी भर जाने की वजह से मरीज़ परेशान हैं |

बूम ने पाया की दोनों में से एक तस्वीर बिहार की तो है पर 2018 में आये बाढ़ को दिखाती है और दूसरी तस्वीर हैदराबाद के ओस्मानिया हॉस्पिटल की है | तस्वीरों के साथ दावा किया गया है की यह बिहार के कोविड-19 हॉस्पिटल की हाल की बाढ़ के दौरान की स्थिति है जहाँ मरीज़ों का इलाज जारी है |

जी नहीं, ये तस्वीर सियाचिन में भारतीय सैनिक की हालत नहीं दिखाता है

शुरुआती मानसून वर्षा के चलते बिहार के कई हिस्सों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है और आम जीवन अस्त-व्यस्त है | राज्य की चार मुख्य नदियां अपने खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं जिससे कई हिस्सों में बाढ़ के लिए अलर्ट जारी है |

राज्य फ़िलहाल नोवेल कोरोनावायरस महामारी से भी जूझ रहा है और 17 जुलाई तक सक्रीय मामलों की संख्या 7,289 है |

ओस्मानिया हॉस्पिटल हैदराबाद की तस्वीर अंग्रेजी कैप्शन के साथ वायरल है जिसमें कहा गया है: "बिहार का कोविड हॉस्पिटल" |

इस पोस्ट का आर्काइव्ड वर्शन यहाँ देखें | दूसरी तस्वीर जो वायरल है उसके साथ कटाक्षपूर्ण दावा है की स्मार्ट सिटी पटना के हॉस्पिटल का हाल बुरा है | कैप्शन में लिखा है: "स्मार्ट सिटी बिहार सरकार द्वारा शुरू किये गए हॉस्पिटल कोविड-19 के दौरान | स्विमिंग पूल में इलाज |"

इसका आर्काइव्ड वर्शन यहाँ देखें |

फ़ैक्ट चेक

बूम ने पड़ताल के दौरान पाया कि एक तस्वीर बिहार से तो है पर कोविड-19 से करीब दो साल पहले की है । दूसरी तस्वीर जो बिहार के नाम पर वायरल है, वो हैदराबाद के ओस्मानिया हॉस्पिटल की है । यह हाल में ली गयी तस्वीर है ।

पहली तस्वीर


रिवर्स इमेज सर्च से पता चला कि यह तस्वीर 15 जुलाई 2020 को भारी बारिश के बाद हैदराबाद के ओस्मानिया हॉस्पिटल की स्थिति दर्शाती है ।

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तेलंगाना के हैदराबाद में भारी बारिश के चलते शहर के पुराने हॉस्पिटलों में से एक ओस्मानिया जनरल हॉस्पिटल के कई वार्डों में पानी घुस गया जिसके कारण मरीज़ों को दूसरे फ़्लोर पर ले जाना पड़ा । द न्यूज़ मिनट की एक वीडियो रिपोर्ट में देखा जा सकता है कि इसी हॉस्पिटल के कई हिस्से पानी से भरे दिख रहे हैं । वायरल तस्वीर जिस वार्ड की है उसे भी वीडियो में 19वें सेकंड पर देखा जा सकता है जहाँ मरीज़ अपनी तकलीफ़े साझा कर रहे हैं । रिपोर्ट में समान टाइल्स और दीवारें दिख रही हैं ।

दूसरी तस्वीर

इस तस्वीर को जब रिवर्स इमेज सर्च कर देखा तो हमें 2018 की न्यूज़ रिपोर्ट्स मिली । तस्वीर नालंदा मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल पटना को दिखाती है । 2018 में वहां भारी बारिश के कारण हॉस्पिटल की यह स्थिति हो गयी थी । तस्वीर का सोर्स पीटीआई को देते हुए इस तस्वीर को कई अख़बारों ने प्रकाशित किया था जिसमें मरीज़ बिस्तरों पर सोए हैं और एक महिला घुटने भर पानी में चलती नज़र आती है । हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट में सामान तस्वीर प्रकाशित है | नीचे देखें |


इस रिपोर्ट में आनंद प्रसाद सिंह, एन.एम.सी.एच के सुपरिंटेंडेंट, को कोट किया है जिन्होंने कहा है कि यह हमेशा की दिक्कत है ।

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जबकि वायरल तस्वीरें अभी की नहीं हैं पर न्यूज़ संस्थानों के मुताबिक़ कोविड-19 केअर सेंटर्स की स्थिति बिहार के जिलों में ठीक नहीं हैं । कुछ वीडिओज़ हैं जिसमें डॉक्टर्स साईकल और हाथगाड़ी में बैठ कर हॉस्पिटल जा रहे हैं ।


Claim Review :   बिहार में कोविड-19 हॉस्पिटलों में बाढ़ का पानी घुसा
Claimed By :  Facebook posts
Fact Check :  False
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