क्या ये सीएए के विरोधियों पर पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही है?

बूम ने पाया कि वीडियो नवंबर 2019 का है, जब किसानों ने कथित तौर पर जमीन के लिए कम मुआवज़ा मिलने पर विरोध किया था।

नवंबर 2018 में उत्तर प्रदेश के उन्नाव में किसान आंदोलन हुआ| एक वीडियो रिकॉर्ड किया गया जिसे अब ग़लत दावों के साथ शेयर किया जा रहा है। वीडियो में पुलिस को प्रदर्शनकारियों को बुरी तरह पीटते हुए देखा जा सकता है। दावा किया जा रहा है कि वीडियो हाल ही का है जिसमें नागरिकता संशोधन अधिनियम का विरोध करने वालों को यूपी पुलिस द्वारा पिटाई करते हुए दिखाया गया है।

बूम ने पाया कि वीडियो उन्नाव का है| इसमें यूपी पुलिस और किसानों के बीच झड़प देखि जा सकती है| यह टकराव कथित तौर पर अधिग्रहित भूमि के लिए मुआवजा ना मिलने पर हुआ था| किसान सरकार के ख़िलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। वीडियो को कैप्शन के साथ शेयर किया जा रहा है, जिसका हिंदी अनुवाद है, "देखो हिन्दुत्व का असली चेहरा. हिन्दुत्व पुलिस ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर हमला किया। एक व्यक्ति पुलिस हिंसा से बेहोश हो गया था और हिंदुत्व पुलिस अभी भी बेहोश व्यक्ति की पिटाई कर रही है। #CAA_NRC_NPR "

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पोस्ट नीचे देखा जा सकता है| इनके अर्काइव वर्शन तक यहां और यहां पहुंचा जा सकता है।


फ़ैक्ट चेक

बूम से यह पता लगाने में सक्षम था की यह वीडियो नवंबर 2019 से है| सीएबी पास होने और देश भर में व्यापक विरोध प्रदर्शन से पहले का है। हमें नवंबर से कई ट्वीट मिले जिसमें उन्नाव पुलिस पर बर्बरता करने और एक किसान के बेहोश हो जाने तक पिटाई करने का आरोप लगाया गया था।

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आरोपों के जवाब में, उन्नाव पुलिस ने 19 नवंबर, 2019 को उसी घटना का एक अन्य वीडियो जारी किया जो दूसरे कोण से शूट किया गया था। वीडियो में उसी व्यक्ति को कुछ ही मिनटों बाद उठते और जान बचा कर भागते दिखाया गया था, जिसके लिए कहा गया था कि पुलिस ने उसकी बेहोश हो जाने तक पिटाई की है।

जैसा कि ऊपर के वीडियो में देखा जा सकता है कि, वह व्यक्ति उठ कर भाग रहा है।

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उन्नाव पुलिस द्वारा ट्वीट किए गए एक वीडियो बाइट में पुलिस अधीक्षक, उन्नाव, एमपी वर्मा ने कहा,"उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम, यूपीएसआईडीसी, द्वारा निर्माण कार्य शुरू किया गया था। इस बीच, कुछ ग्रामीणों सहित कई उपद्रवियों ने पुलिसकर्मियों और यूपीएसआईडीसी के कार्यकर्ताओं पर हमला और पथराव किया। अराजकता के बीच, एक व्यक्ति जमीन पर गिर गया और देखा जा सकता है कि एक पुलिसकर्मी उसे डंडे से...पटक रहा है। उसी समय का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें पुलिस को एक जमीन पर गिरे हुए और अधमरे आदमी को पीटते हुए दिखाया गया है। लेकिन, इस घटना की जांच में पता चला है कि वह व्यक्ति 'अधमरा' नहीं था। कुछ समय बाद वह खड़ा हुआ और भाग गया। हम मामले की जांच कर रहे हैं और उचित कार्रवाई करेंगे।"

ट्वीट तक आप यहां पहुंच सकते हैं।

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पहले भी वायरल हुआ वीडियो

घटना के कुछ दिनों बाद, वीडियो वायरल हुआ था जिसमें यूपी के उन्नाव में किसानों पर पुलिस की बर्बरता का दावा किया गया था।

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विरोध के बारे में समाचार रिपोर्टों से पता चलता है कि किसान ट्रांस गंगा सिटी परियोजना के लिए अपनी भूमि के अधिग्रहण के ख़िलाफ आंदोलन कर रहे थे और कथित तौर पर उन्हें पर्याप्त मुआवजा नहीं मिल रहा था। द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, "यूपी में उन्नाव जिले के तीन गांव, जहाँ शनिवार को ज़मीन अधिग्रहण की हलचल के दौरान पुलिस ने किसानों पर लाठीचार्ज किया, सोमवार को भी तनाव बना रहा जैसा कि भारी पुलिस तैनाती के बाद ,कोई विरोध प्रदर्शन नहीं हुआ। किसानों ने दावा किया कि जिला प्रशासन उन्हें विरोध प्रदर्शन करने पर परेशान कर रहा था और गिरफ़्तारी के डर से युवा अपने घरों से भाग गए हैं। लेकिन पुलिस ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं कि कानून और व्यवस्था की समस्या फिर से न हो।"

Claim Review :  सीएए के ख़िलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस की बर्बरता, एक शख़्स अधमरा होने पर भी मारा
Claimed By :  Twitter
Fact Check :  False
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