फ़ेक न्यूज़ अलर्ट: पिछले हफ़्ते वायरल हुईं पांच मुख्य फ़र्ज़ी ख़बरें

हमने पिछले हफ़्ते बड़े पैमाने पर वायरल हुईं पांच फ़र्ज़ी ख़बरों का फ़ैक्ट चेक किया है. इसमें सांप्रदायिक कोण, असंबंधित तस्वीर व वीडियो, पुरानी तस्वीरों के सहारे हिन्दू-मुस्लिम के दावे जुड़ी फ़र्ज़ी ख़बर शामिल है.

हमने पिछले हफ़्ते बड़े पैमाने पर वायरल हुईं पांच फ़र्ज़ी ख़बरों का फ़ैक्ट चेक किया है. इसमें दिल्ली के रोहिणी में पति द्वारा चाकू से गोदकर पत्नी की हत्या, बंगाल में हिन्दुओं के ख़िलाफ़ हिंसा, द्वारका में मंदिर के अंदर मूर्ति तोड़ने की घटना आदि से, छत्तीसगढ़ में नक्सली हमले में बीजेपी नेता का संबंध और कुंभ मेला की पुरानी तस्वीर से जुड़ी फ़र्ज़ी ख़बर शामिल हैं.

1. पति द्वारा पत्नी की चाकू से हत्या की वीडियो लव जिहाद के दावे के साथ वायरल


बूम ने अपनी जांच में पाया कि वायरल दावा फ़र्ज़ी है. सीसीटीवी फ़ुटेज में दिखने वाले दोनों पुरुष और महिला पति-पत्नी हैं और हिंदू धर्म से हैं. इस घटना में किसी प्रकार का सांप्रदायिक कोण या लव जिहाद का मामला नहीं है.

चाकू से गोदकर पत्नी की हत्या का वीडियो 'लव जिहाद' के दावे के साथ वायरल

2. पश्चिम बंगाल के हुगली में हिन्दुओं के ख़िलाफ़ ख़ुलेआम हिंसा


बूम ने जांच में कि यह वायरल तस्वीर बांग्लादेश में साल 2013 में हुए ईशनिंदा क़ानून की मांग को लेकर हुए एक प्रदर्शन की है. इसका हालिया हुगली हिंसा से कोई संबंध नहीं है.

नहीं, यह तस्वीर पश्चिम बंगाल में हिन्दुओं के ख़िलाफ़ हिंसा नहीं दिखाती

3. सुकमा नक्सली हमें में बीजेपी नेता गिरफ़्तार


वास्तविक ख़बर नवभारत टाइम्स में 5 अप्रैल 2021 को प्रकाशित हुई थी पर वायरल ख़बर में छेड़खानी की गयी है. न्यूज़ क्लिप में 'बीजेपी नेता समेत दो गिरफ़्तार' सब हैडिंग अलग से जोड़ी गयी है. इस ख़बर का हालिया हमले की घटना से कोई संबंध नहीं है.

सुकमा-बीजापुर नक्सल हमले में बीजेपी नेता नहीं हुए हैं गिरफ़्तार

4. दिल्ली में द्वारका के पास जिहादियों ने हनुमान मंदिर में घुसकर मूर्तियां तोड़ दीं


बूम ने इस घटना की वास्तविकता जानने के लिए द्वारका के डीसीपी से बात की जिसमें उन्होंने मामले में किसी तरह के सांप्रदायिक एंगल होने से इंकार कर दिया. उन्होंने स्पष्ट किया कि आरोपी युवक हिन्दू समुदाय से ही है.

मंदिर में टूटी मूर्तियां दिखाती इस वीडियो में कोई सांप्रदायिक कोण नहीं है

5. तस्वीर के साथ दावा किया गया कि यह हरिद्वार कुंभ मेला से हैं


बूम ने पाया कि वायरल हो रही इस तस्वीर का हरिद्वार कुंभ से कोई संबंध नहीं है. यह तस्वीर प्रयागराज (इलाहाबाद) में 2019 में हुए कुंभ को दर्शाती है.

प्रयागराज कुम्भ की तस्वीर शेयर कर नेटिज़ेंस ने किया गलत दावा

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