Bharat bandh: किसान नेताओं ने किया एलान, जानिए क्या खुला रहेगा, क्या रहेगा बंद

कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों ने 27 सितंबर को 'भारत बंद' बुलाया है. कांग्रेस सहित कई राजनीतिक दलों ने बंद का समर्थन किया है.

किसान संगठनो और कई राजनैतिक दलों द्वारा कल, यानि कि 27 सितम्बर को, भारत बंद का आह्वान किया गया है. आंदोलनकारी किसानों ने 27 सितंबर को भारत बंद की पूरी तैयारी कर ली है. सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक दिल्ली बॉर्डर के सभी रास्तों पर किसान धरने पर बैठेंगे.

पिछले हफ़्ते वायरल हुईं पांच मुख्य फ़र्ज़ी ख़बरें

संयुक्त किसान मोर्चा (Samyukt Kisan Morcha) के आह्वान पर सिंघु (Siinghu), टीकरी (Tikri), ग़ाज़ीपुर (Ghazipur) बॉर्डर सहित देश भर की किसान यूनियन और सामाजिक राजनैतिक दलों को भारत बंद सफल कराने का आह्वाहन किया गया है.

Bharat Bandh के दौरान कौन सी सुविधाएँ चालु रहेंगी?

संयुक्त किसान मोर्चा ने जानकारी दी कि भारत बंद के दौरान अस्पताल, मेडिकल स्टोर, एंबुलेंस और मेडिकल सेवाओं को निर्बाध रूप से चलने दिया जायेगा.

इसके अलावा किसी भी तरह की सार्वजनिक सेवा जैसे- फायर ब्रिगेड, आपदा राहत आदि या व्यक्तिगत इमरजेंसी (मृत्यु, बीमारी, शादी आदि) को भी भारत बंद के दौरान आवाजाही की पूरी छूटी होगी. सबसे प्रमुख ये कि अगर किसी परीक्षार्थी की परीक्षा है तो उसे भी पूरी छूट दी जायेगी.

संयुक्त किसान मोर्चा के इस भारत बंद को Communist Party of India (M) सहित congress और आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी समर्थन दिया है.

Operation Blue Freedom: 8 दिव्यांगजनों के बुलंद हौसलों की उड़ान


इसके अलावा कई बैंक यूनियन और रेलवे की कई यूनियनों ने भी अपनी अपनी माँगों के साथ संयुक्त किसान मोर्चा के इस सामूहिक भारत बंद का समर्थन किया है.

मालवाहक मोटर गाड़ियों को दिल्ली के अंदर या बाहर नहीं जाने दिया जाएगा. संयुक्त किसान मोर्चा के समर्थन में कई प्राइवेट ट्रांसपोर्ट असोसिएशन फिर से जुड़ गए हैं. इस कारण उस दिन देश की सड़कों पर हैवी मोटर गाड़ियां जैसे ट्रक आदि की संख्या नहीं के बराबर दिखाई देने की सम्भावना है.

दिल्ली: रेस्टोरेंट ने साड़ी पहनकर आई महिला को नहीं दी एंट्री, क्या है पूरा मामला

वहीं दूसरी तरफ़ पुलिस का कहना है कि उनकी ओर से सुरक्षा के सारे बंदोबस्त कर लिये गये हैं. किसी भी तरह के उपद्रव पर पुलिस कड़ी कार्रवाई करने के लिये तैयार और शांति भंग होने पर सख़्ती से निपटने की तैयारी भी है.

Show Full Article
Next Story
Our website is made possible by displaying online advertisements to our visitors.
Please consider supporting us by disabling your ad blocker. Please reload after ad blocker is disabled.