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फैक्ट चेक

मध्य प्रदेश में उपद्रवियों की परेड का वीडियो झूठे सांप्रदायिक दावे से वायरल

बूम ने पाया कि घटना उज्जैन की है, जहां अप्रैल 2026 में पुलिस ने उपद्रव के आरोप में किशन अहिरवार, विशाल और विकास सारोलिया को गिरफ्तार किया था और उन्हें घटनास्थल पर ले गई थी.

By -  Jagriti Trisha |

15 Jun 2026 2:18 PM IST

सोशल मीडिया पर मध्य प्रदेश में आरोपियों की परेड का एक वीडियो झूठे सांप्रदायिक दावे से वायरल हो रहा है. दावा किया जा रहा है कि वीडियो में दिखाई दे रहे तीनों युवकों के नाम मोहम्मद आरिफ, अशरफ अली और आसिफ खान हैं, जिन्हें स्कूल के बाहर लड़कियों से छेड़छाड़ करने के आरोप में पकड़ा गया है.

वीडियो में सिविल ड्रेस में एक पुलिसकर्मी तीन युवकों पर लाठी चलाता दिखाई दे रहा है, जबकि युवकों के हाथ रस्सी से बंधे हुए हैं. 

बूम ने पाया कि वीडियो के साथ किया जा रहा सांप्रदायिक दावा गलत है. मामला मध्य प्रदेश के उज्जैन का है, जहां इसी साल अप्रैल में तोड़फोड़ के आरोप में किशन अहिरवार, विशाल सारोलिया और विकास सारोलिया को गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद पुलिस जुलूस निकालते हुए उन्हें घटनास्थल तक लेकर गई थी.

सोशल मीडिया पर क्या है वायरल?

एक्स पर एक वेरिफाइड यूजर ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, "मोहम्मद आरिफ, अशरफ अली और आसिफ खान. उम्र 22 साल, तीनों का काम- स्कूल के बाहर लड़कियों को छेड़ना और गंदे इशारे करना. आज पुलिस ने उन्हें पकड़ा और उनकी अच्छी तरह से धुनाई कर दी." (आर्काइव लिंक)

फेसबुक पर एक अन्य यूजर ने इसी से मिलता-जुलता दावा करते हुए तीनों आरोपियों का नाम मोहम्मद समीर, मोहम्मद नदीम और मोहम्मद आसिफ अली बताया. (आर्काइव लिंक)

पड़ताल में क्या मिला:

घटना एमपी के उज्जैन की है

वीडियो के कीफ्रेम को संबंधित कीवर्ड के साथ रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें घटना से जुड़ी नवभारत टाइम्स और दैनिक भास्कर की 18 अप्रैल 2026 की रिपोर्ट मिली. रिपोर्ट में बताया गया कि घटना उज्जैन के बाफना पार्क कॉलोनी की है, जहां कार धोने से मना करने पर तोड़फोड़ करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने उनका जुलूस निकाला था.

मामला लड़कियों की छेड़छाड़ से जुड़ा नहीं था

यह घटना 16 अप्रैल 2026 की रात को हुई थी. एमआर-5 रोड पर वाशिंग सेंटर चलाने वाले शेरान अली ने समय की कमी के चलते आरोपियों की कार धोने से इनकार कर दिया था. इसके बाद देर रात लाठी-डंडों से लैस आरोपियों ने उनके वाहनों के शीशे तोड़ दिए और एक घर पर भी पथराव किया.

सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने 24 घंटे के भीतर पांच आरोपियों में से तीन को गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद घटनास्थल पर ले जाकर उनका जुलूस निकाला गया और लोगों के सामने उनपर लाठियां भी बरसाई गईं.

गिरफ्तार आरोपी मुस्लिम समुदाय से नहीं थे

आगे हमें घटना से जुड़ी रिपब्लिक भारत समेत कई स्थानीय मीडिया संस्थानों की वीडियो रिपोर्ट मिली, जिनमें उज्जैन पुलिस का बयान शामिल था. पुलिस ने बताया कि चिमनगंज मंडी थाना क्षेत्र में हुई इस तोड़फोड़ की घटना में गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम किशन, विकास और विशाल हैं.


Full View


हमने इस घटना की एफआईआर कॉपी भी निकाली. हमने पाया कि एफआईआर में भी पांचों आरोपियों के नाम ऋषि मिश्रा, साहिल गुर्जर, किशन अहिरवार, विकास सारोलिया और विशाल सारोलिया दर्ज हैं. 


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