यूपी में हिंदू कट्टरपंथियों द्वारा मुस्लिम युवक की पिटाई के सांप्रदायिक दावे से वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि वीडियो उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ का है. अलीगढ़ पुलिस ने बूम से बताया कि घटना में कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं है.

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में हुई मारपीट का एक वीडियो गलत सांप्रदायिक दावे से वायरल हो रहा है. यूजर्स वीडियो को शेयर करते हुए कह रहे हैं कि कुछ हिंदूवादी कट्टरपंथी एक मुस्लिम युवक की पिटाई कर रहे हैं.
बूम ने जांच में पाया कि घटना अलीगढ़ के बन्नादेवी थाना क्षेत्र की है, जहां 2 जून 2026 को नुमाइश ग्राउंड में सोनू नामक एक युवक और एक युवती के साथ मारपीट की गई थी. घटना में शामिल दोनों पक्ष एक ही समुदाय से ताल्लुक रखते हैं.
बूम से बातचीत में क्षेत्राधिकारी धनंजय ने भी स्पष्ट किया कि मामले में किसी प्रकार का सांप्रदायिक एंगल नहीं है.
सोशल मीडिया पर क्या है दावा:
वायरल 19 सेकंड के इस वीडियो में दो-तीन युवक एक युवक को बेल्ट से पीटते हुए दिखाई दे रहे हैं. इसी दौरान वे बीच-बचाव करने आई एक युवती के साथ भी मारपीट करते हुए नजर आते हैं.
ऑल इंडिया मुस्लिम फोरम ने अपने एक्स अकाउंट पर वीडियो को शेयर करते हुए अंग्रेजी कैप्शन में दावा किया कि 'हिंदुत्ववादी कट्टरपंथियों ने एक मुस्लिम युवक की पिटाई की, जब एक महिला उसे बचाने आई तो उसे भी पीटा गया.' (आर्काइव लिंक)
पड़ताल में क्या मिला:
मामला यूपी के अलीगढ़ का है
पड़ताल के दौरान हमें घटना से जुड़ी दैनिक भास्कर की रिपोर्ट मिलीं, जिसमें वायरल वीडियो के विजुअल मौजूद थे. रिपोर्ट में बताया गया कि घटना अलीगढ़ के बन्नादेवी थाना क्षेत्र की है, जहां 2 जून 2026 को नुमाइश ग्राउंड में एक युवक और युवती के साथ मारपीट की गई थी.
हिंदुस्तान और अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार पीड़ित युवक का नाम सोनू है. सोनू अपने एक दोस्त के साथ नुमाइश ग्राउंड स्थित मंगल बाजार गया था, जहां एक परिचित युवती से बातचीत के दौरान कुछ लोगों ने उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी. इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों- आकाश, अंकुर और आशीष को गिरफ्तार किया था.
युवक-युवती के साथ घूमने की वजह से हुई मारपीट
ईटीवी भारत की रिपोर्ट में युवक और युवती को प्रेमी युगल बताया गया. रिपोर्ट के मुताबिक युवती के परिजनों ने ही उनके साथ मारपीट की थी.
अलीगढ़ पुलिस के आधिकारिक एक्स हैंडल पर भी घटना से संबंधित एक पोस्ट देखा जा सकता है, जिसमें क्षेत्राधिकारी नगर द्वितीय धनंजय की बाइट भी शामिल है. इस बाइट में उन्होंने घटना की जानकारी देते हुए स्पष्ट किया है कि युवती के साथ घूमने से नाराज उसके परिजनों ने ही युवक के साथ मारपीट की थी.
अलीगढ़ पुलिस ने किया सांप्रदायिक दावे का खंडन
घटना की एफआईआर कॉपी में भी पीड़ित का नाम सोनू और उसके पिता का नाम हरीश कुमार दर्ज है. इससे साफ है कि युवक को मुस्लिम बताकर किया जा रहा सांप्रदायिक दावा गलत है.
पुष्टि के लिए हमने क्षेत्राधिकारी धनंजय कुमार से भी संपर्क किया. उन्होंने बूम से बातचीत में स्पष्ट किया कि इस घटना में किसी भी प्रकार का सांप्रदायिक एंगल नहीं है.



