राम मंदिर चंदा चोरी विवाद से जोड़कर भाजपा नेता स्मृति ईरानी और सांसद मनोज तिवारी के नाम पर दो मनगढ़ंत बयान वायरल हो रहे हैं. न्यूज24 के एक कथित पोस्टकार्ड में दावा किया गया कि स्मृति ईरानी ने कहा है कि भगवान राम उनके सपने में आए और उन्हें चंदा चोरी मामले के दोषियों का पर्दाफाश करने के लिए कहा.
वहीं नवभारत टाइम्स के नाम से वायरल पोस्टकार्ड में कहा गया कि मनोज तिवारी ने बयान दिया है कि "राम मंदिर हमने बनवाया है, हम लूटें या बेच दें, विपक्ष को क्या लेना-देना."
बूम ने पाया कि वायरल हो रहे दोनों ग्राफिक्स फर्जी हैं. न्यूज24 या नवभारत टाइम्स ने इस तरह का कोई पोस्टकार्ड जारी नहीं किया है. दोनों ग्राफिक्स में कई वर्तनी की गलतियां भी देखी जा सकती हैं.
इसके अलावा न्यूज 24 और नवभारत टाइम्स ने भी इनका खंडन करते हुए इन्हें फेक बताया है.
अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी मामले की जांच के लिए 13 जून को एसआईटी का गठन किया गया था, जिसे 15 जुलाई तक अपनी रिपोर्ट सौंपनी है. खबरों के अनुसार जांच के दौरान एसआईटी ने गणना में शामिल करीब 150 लोगों से पूछताछ की है. शुरुआती जांच के आधार पर अब तक आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. वहीं मामले को लेकर उठ रहे सवालों के बीच राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है.
सोशल मीडिया पर क्या है वायरल?
ग्राफिक एक
न्यूज24 के इस ग्राफिक में स्मृति ईरानी के हवाले से लिखा है, "कल रात सपने मे राम जी आए और ललकारते हुए बोले स्मृति तेरा बनवास आज पूरा हुआ ... उठ और अयोध्या के मंदिर में हुई डैकेती मे जिस जिस का हाथ है उनका पर्दा फ़ाश कर घबराना नही.. चाहे मोदी नाम भी आए तो बख्शना मत ! सबको नंगा कर देना!"
इंस्टाग्राम पर इस ग्राफिक को शेयर करते हुए एक यूजर ने लिखा, "आपको क्या लगता है स्मृति ईरानी से किसी बड़े नेता का नाम लिया जाएगा क्या? या केवल TRP लेने के लिए सपने का बहाना है?" (आर्काइव लिंक)
ग्राफिक दो
नवभारत टाइम्स के नाम पर वायरल इस ग्राफिक में मनोज तिवारी के हवाले से कहा गया, "राम मंदिर हमने बनवाया है, हम लूटे, चोरी करे या बेच दे, विपक्ष को क्या लेना-देना..." इसे शेयर करते हुए एक यूजर ने लिखा कि अब तो 'रिंकिया' के पापा ने कबूल भी कर लिया." (आर्काइव लिंक)
पड़ताल में क्या मिला:
स्मृति ईरानी का यह बयान मनगढ़ंत है
हमें ऐसी कोई विश्वसनीय रिपोर्ट नहीं मिली जिसमें कहा गया हो कि स्मृति ईरानी ने राम मंदिर चंदा चोरी मामले का पर्दाफाश करने को लेकर सार्वजनिक रूप से ऐसा कोई बयान दिया है.
हमें न्यूज24 के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर भी ऐसा कोई ग्राफिक नहीं मिला. इस दौरान हमें स्मृति ईरानी के एक अलग बयान का पोस्टकार्ड मिला, जो इससे मिलता-जुलता था. हमने पाया कि वायरल ग्राफिक को न्यूज24 के मूल टेम्पलेट में छेड़छाड़ कर बनाया गया है.
न्यूज24 ने किया वायरल पोस्टकार्ड का खंडन
वायरल ग्राफिक में कई स्पष्ट त्रुटियां नजर आती हैं. उदाहरण के तौर पर कई शब्दों में अनुस्वार का प्रयोग नहीं है. इसके अलावा इस्तेमाल किया गया फॉन्ट न्यूज24 के मूल फॉन्ट से मेल नहीं खाता. वहीं ग्राफिक में वायरल बयान वाला टेक्स्ट भी अलग से चिपकाया गया प्रतीत होता है. ये सभी संकेत बताते हैं कि वायरल ग्राफिक फर्जी है और इसमें स्मृति ईरानी के नाम से मनगढ़ंत बयान जोड़कर प्रसारित किया गया है.
पुष्टि के लिए हमने न्यूज24 के एग्जीक्यूटिव एडिटर मानक गुप्ता से संपर्क किया. उन्होंने भी वायरल पोस्टकार्ड का खंडन करते हुए इसे फेक बताया.
मनोज तिवारी ने भी ऐसा कोई बयान नहीं दिया
जांच के दौरान हमें सांसद मनोज तिवारी के भी ऐसे किसी बयान से जुड़ी कोई रिपोर्ट नहीं मिली. हमने पाया कि मनोज तिवारी ने राम मंदिर चंदा विवाद के विषय में बोलते हुए कहा कि आरोप लगा है तो इसकी जांच होगी और दोषियों को सजा दी जाएगी.
इसके अलावा हमने पाया कि नवभारत टाइम्स के इस कथित पोस्टकार्ड में भी कई भाषाई त्रुटियां मौजूद हैं. और इस ग्राफिक का फॉन्ट भी नवभारत टाइम्स के मूल फॉन्ट से मेल नहीं खाता.
नवभारत टाइम्स ने भी किया खंडन
नवभारत टाइम्स ने अपने सोशल मीडिया पर इस पोस्टकार्ड का खंडन करते हुए लिखा कि NBT के नाम से फर्जी पोस्ट वायरल की जा रही है और गलत जानकारी फैलाने की कोशिश की जा रही है. मनोज तिवारी ने भी अपने एक्स हैंडल से NBT के इस पोस्ट को रीशेयर किया है.
साथ ही वायरल ग्राफिक पर रिप्लाई करते हुए मनोज तिवारी ने कार्रवाई की मांग की और कहा कि मैंने ऐसा कोई स्टेटमेंट नहीं दिया है.


