मध्य प्रदेश के सागर जिले में बस के अंदर महिलाओं के साथ अश्लील हरकत करने वाले एक शख्स का वीडियो वायरल हो रहा है. इसके साथ आरोपी की पहचान को लेकर गलत सांप्रदायिक दावा किया जा रहा है और उसका नाम 'शाहिल' बताया जा रहा है.
बूम ने पाया कि सागर जिले के देवरी थाना क्षेत्र में हुई इस घटना में कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं है. देवरी थाना प्रभारी ने इस दावे का खंडन करते हुए स्पष्ट किया कि आरोपी का नाम नीतेश गोंड है.
हाल ही में सागर जिले के देवरी में बस के अंदर दो युवतियों के सामने एक युवक द्वारा अश्लील हरकत करने का एक सीसीटीवी वीडियो सामने आया. आरोप है कि युवक ने युवतियों के सामने अपनी पैंट की जिप खोल दी, जिसके बाद युवतियां उसे सबक सिखाते हुए थप्पड़ मारती नजर आईं.
वायरल दावा क्या है?
सोशल मीडिया पर लड़कियों की बहादुरी की सराहना करते हुए इस घटना का वीडियो व्यापक रूप से शेयर किया जा रहा है. इसी दौरान एक्स और फेसबुक पर कुछ यूजर्स ने आरोपी की पहचान को सांप्रदायिक रंग देते हुए उसका नाम 'शाहिल' बता दिया.
पोस्ट में दावा किया गया, 'शाहिल नाम का शैतान चलती बस में महिला के पास जाकर मास्टरबेट करने लगा. लेकिन महिला ने इस हवस के मौलवी का सारा हवशीपन वहीं निकाल दिया.' आर्काइव लिंक यहां और यहां देखें.
पड़ताल में क्या मिला:
वायरल सांप्रदायिक दावा गलत है
वीडियो से जुड़ी आजतक, ईटीवी भारत और एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक घटना 9 जुलाई को सागर के देवरी बस स्टैंड के पास हुई थी. युवक बस में चढ़ने के बाद युवतियों की सीट के पास जाकर अश्लील हरकतें करने लगा. हालांकि युवतियों द्वारा मारपीट करने के बाद वह बस से उतर गया. हमने पाया कि इन रिपोर्ट में आरोपी की पहचान नीतेश गोंड के रूप में की गई है.
रिपोर्ट में एसडीओपी अरुण उइके के हवाले से बताया गया कि युवतियों ने किसी तरह की लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई थी. इसलिए वीडियो वायरल होने के बाद देवरी पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए आरोपी की पहचान की और उसके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की.
देवरी थाना प्रभारी ने की पुष्टि
बूम ने वायरल दावे के संबंध में देवरी पुलिस से भी संपर्क किया. देवरी थाना प्रभारी हरिराम मानकर ने सांप्रदायिक दावे का खंडन करते हुए बताया, "आरोपी का नाम शाहिल नहीं, नीतेश गोंड है."
उनके अनुसार, घटना 9 जुलाई की है. पुलिस ने 11 जुलाई को स्वतः संज्ञान लेते हुए आरोपी को BNS की धारा 170 के तहत हिरासत में लेकर जेल भेज दिया. थाना प्रभारी ने यह भी बताया कि लड़कियां यात्री थीं, जो सागर से बस में सवार हुई यात्री थीं. अबतक उनकी पहचान नहीं हो सकी है.


