राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सदस्यों के पथ संचलन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर इस दावे से वायरल है कि तमिलनाडु के तिरुवन्नामलाई में कोर्ट के ऑर्डर के बाद पुलिस सुरक्षा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक का पथ संचलन हुआ.
बूम ने जांच में पाया कि यह वीडियो मध्य प्रदेश के रतलाम का है. आरएसएस के शताब्दी वर्ष के अवसर पर 5 अक्टूबर 2025 को शहर में यह पथ संचलन हुआ था. इस वीडियो का तमिलनाडु से कोई संबंध नहीं है.
सोशल मीडिया पर क्या है वायरल?
फेसबुक पर एक यूजर ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, ‘कोर्ट के ऑर्डर के बाद बेहद भारी पुलिस सुरक्षा में तिरुवन्नामलाई में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का पथ संचलन, किसी भी टीवी मीडिया में यह नहीं दिखाया गया.’ एक्स (आर्काइव लिंक) पर भी इसी दावे से यह वीडियो वायरल है.
पड़ताल में क्या मिला:
बूम ने दावे की पड़ताल के लिए वायरल वीडियो के कुछ कीफ्रेम को गूगल लेंस से सर्च किया. हमें सोशल मीडिया पर कई यूजर (यहां और यहां) द्वारा अक्टूबर 2025 में शेयर किया यह वीडियो मिला, जिसमें इसे मध्य प्रदेश के रतलाम का बताया गया.
आरएसएस के मुखपत्र ऑर्गनाइजर के एक्स हैंडल Organiser Weekly ने भी इसी जानकारी के साथ इस वीडियो को शेयर किया था.
गूगल पर संबंधित कीवर्ड से सर्च करने पर हमें इसकी कई मीडिया रिपोर्ट (न्यूज 18, अमर उजाला और दैनिक भास्कर) मिलीं. न्यूज 18 की रिपोर्ट के अनुसार, आरएसएस के शताब्दी वर्ष के अवसर पर 5 अक्टूबर 2025 को मध्य प्रदेश के रतलाम में भव्य पथ संचलन निकाला गया, जिसमें लगभग 20 हजार स्वयंसेवक शामिल हुए थे. शहरवासियों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया था. अमर उजाला और दैनिक भास्कर की रिपोर्ट में पथ संचलन वाले वीडियो देखे जा सकते हैं.
हमने गूगल मैप वायरल वीडियो में दिख रही लोकेशन की पुष्टि की तो पाया कि यह रतलाम का ही वीडियो है.
गौरतलब है कि 2022 में तमिलनाडु सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए RSS के कुछ प्रस्तावित मार्चों पर रोक लगाई थी, जिस पर हाईकोर्ट ने 6 संवेदनशील जगहों को छोड़कर 44 स्थानों पर मार्च की अनुमति दी थी. तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में इसके खिलाफ याचिका दायर की, जिसपर कोर्ट ने अप्रैल 2023 में हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए सरकार की याचिका खारिज कर आरएसएस को राज्य में पथ संचलन की अनुमति दी थी. हालांकि इसके बाद भी कई मौकों पर सरकार और आरएसएस के बीच विवाद नजर आया.
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