केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बयान वाला एक ग्राफिक सोशल मीडिया पर वायरल है. इसमें उनके हवाले से लिखा गया, ‘हमारे देश में कोई गरीब नहीं है लोग गरीब होने का दिखावा करते हैं, लोग खूब सोना-चांदी खरीद रहे हैं.'
बूम ने जांच में पाया कि मॉलिटिक्स के लोगो वाला यह वायरल ग्राफिक पूरी तरह से फर्जी है. निर्मला सीतारमण ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है. मॉलिटिक्स के एडिटर नीरज झा ने भी वायरल ग्राफिक को फेक बताया है.
सोशल मीडिया पर क्या है वायरल?
सोशल मीडिया पर वायरल इस ग्राफिक में मॉलिटिक्स वाला एक लोगो है और इसमें निर्मला सीतारमण की एक फोटो भी लगी है. एक्स पर एक यूजर ने इस ग्राफिक को शेयर करते हुए लिखा, ‘हमारे देश की हवा खराब नहीं है, एयर प्यूरीफायर हवा में खराब होने का दिखावा करता है. लोग खूब सांस ले रहे हैं.’
यह ग्राफिक सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे- फेसबुक और इंस्टाग्राम पर भी वायरल है.
पड़ताल में क्या मिला:
बूम ने इस वायरल ग्राफिक की पड़ताल की तो पाया कि यह फर्जी है. हमने निर्मला सीतारमण के हालिया बयानों और भाषणों के बारे में सर्च किया, लेकिन हमें इस बयान की पुष्टि करने वाली कोई भी विश्वसनीय न्यूज रिपोर्ट नहीं मिली.
वित्त मंत्री ने 1 फरवरी 2026 को संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया था. इस दौरान उन्होंने लगभग 1 घंटा 25 मिनट का भाषण दिया. बजट पेश करने के बाद उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की थी, जिसमें उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए बजट से जुड़े सवालों के जवाब दिए थे.
बजट पेश करने के बाद वित्त मंत्री ने कई अन्य न्यूज चैनल जैसे- सीएनबीसी को भी इंटरव्यू दिया पर इस दौरान भी उन्होंने ऐसा कुछ नहीं बोला जैसा कि सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया.
वित्त मंत्री का बजट भाषण गरीबी कम करने, युवा, महिला, किसान और गरीबों पर फोकस पर था लेकिन गरीबी से इनकार या दिखावा करने जैसा कुछ नहीं कहा था.
हमें मॉलिटिक्स के इंस्टाग्राम पेज पर वायरल ग्राफिक से मिलता-जुलता एक पोस्टर मिला, इसमें इकोनॉमिक सर्वे के हवाले से लिखा गया, ‘भारत में 15 वर्ष से अधिक उम्र के 56.2 करोड़ लोग रोजगार में हैं.’
निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट पेश करने से पहले 29 जनवरी 2026 को लोकसभा में आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया था. यह सर्वे अर्थव्यवस्था की स्थिति का आधिकारिक आंकलन देता है.
हमें इसी ग्राफिक एडिट किए जाने का संहेद हुआ. हमने अधिक स्पष्टिकरण के लिए हमने मॉलिटिक्स के एडिटर नीरज झा से संपर्क किया. उन्होंने बूम से कहा, “वायरल ग्राफिक फेक है.”


