सोशल मीडिया पर एक-दूसरे को किस करते लोगों का एक वीडियो वायरल हो रहा है. इसे जंतर-मंतर पर जारी कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन का बताया जा रहा है.
बूम ने पाया कि वीडियो के साथ किया जा रहा दावा गलत है. यह वीडियो साल 2014 का और दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) का है. उस समय JNU समेत देशभर में मोरल पुलिसिंग के खिलाफ 'किस ऑफ लव' कैंपेन चलाया गया था.
गौरतलब है कि देशभर में लगातार हो रहे पेपर लीक के विरोध में केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी पिछले 13 दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दे रही है. वहीं सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक समेत प्रदर्शन में शामिल कई छात्र संगठनों के लोग 28 जून से भूख हड़ताल पर हैं.
सोशल मीडिया पर क्या है वायरल?
एक्स और फेसबुक जैसे माध्यमों पर एक-दूसरे को किस करते युवक-युवतियों के इस वीडियो को CJP प्रोटेस्ट का हिस्सा बताकर शेयर किया जा रहा है. आर्काइव लिंक यहां और यहां देखें.
पड़ताल में क्या मिला:
वायरल वीडियो 12 साल पुराना है
संबधित कीवर्ड सर्च करने पर हमें यूट्यूब पर 12 नवंबर 2014 का अपलोड किया गया यह वीडियो मिला, जोकि वायरल वीडियो का लंबा वर्जन था. वीडियो के टाइटल में इसे जेएनयू के 'किस ऑफ लव' प्रोटेस्ट का बताया गया था. इससे एक बात तो स्पष्ट थी कि वीडियो हाल-फिलहाल का नहीं है.
इस वीडियो में 1 मिनट 31 सेकंड पर एक शख्स को जेएनयू का जिक्र करते हुए सुना जा सकता है.
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में हुआ था यह आयोजन
आगे हमें जेएनयू में आयोजित इस कार्यक्रम से जुड़ी कई न्यूज रिपोर्ट भी मिलीं. टाइम्स ऑफ इंडिया, द हिंदू, इंडिया न्यूज और आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक जेएनयू में 'किस ऑफ लव' का यह आयोजन 9 नवंबर 2014 को हुआ था. उस दिन शाम करीब साढ़े चार बजे गंगा ढाबा के पास बड़ी संख्या में छात्र-युवा इकट्ठा हुए और मोरल पुलिसिंग के विरोध में एक-दूसरे को किस कर अपना विरोध दर्ज कराया.
टाइम्स ऑफ इंडिया की फोटो गैलरी में इस आयोजन की कई तस्वीरें देखी जा सकती हैं, जोकि वायरल वीडियो के दृश्यों से मेल खाती हैं.
NNIS नाम के एक चैनल पर इस प्रदर्शन में शामिल छात्र-छात्राओं के बयान भी देख सकते हैं, जिसमें वे 'किस ऑफ लव' कैंपेन के उद्देश्य और उसके पीछे की वजह बताते नजर आते हैं.
इसके अलावा Kiss Of Love के फेसबुक पेज पर भी गंगा ढाबा के पास आयोजित इस कार्यक्रम की कई तस्वीरें मौजूद हैं. इनमें वायरल वीडियो में नजर आ रहे युवक-युवतियों की तस्वीरें भी शामिल हैं.
क्या था 'किस ऑफ लव' कैंपेन
'किस ऑफ लव' अपने तरह का एक अनोखा और अहिंसक कैंपेन था. इसकी शुरुआत 2014 में केरल के कोझिकोड में हुई एक घटना के बाद हुई थी, जहां कपल के गले मिलने और किस करने का वीडियो सामने आने के बाद कुछ लोगों ने इसे भारतीय संस्कृति के खिलाफ बताते हुए कैफे में तोड़फोड़ की थी.
इसके विरोध में शुरू हुआ यह कैंपेन केरल, दिल्ली, कोलकाता, मुंबई समेत देशभर में फैल गया. इसके तहत युवा सार्वजनिक रूप से अपने साथियों को गले लगाकर या किस कर मोरल पुलिसिंग के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराते थे.


