नोट - इस स्टोरी में विचलित करने वाले दृश्य का विवरण है.
खून से लथपथ जमीन पर पड़े तीन शवों की एक तस्वीर सोशल मीडियो पर वायरल है. इसमें दावा किया जा रहा है कि ओडिशा के मयूरभंज जिले में ईसाई धर्म में आस्था रखने की वजह से एक ईसाई पति, पत्नी और बेटी की हत्या कर दी गई.
बूम ने जांच में पाया कि यह दावा भ्रामक है. ट्रिपल मर्डर की यह घटना ओडिशा के केओंझार जिले के घसीपुरा थाना क्षेत्र की है. घसीपुरा पुलिस ने बूम से इस वायरल तस्वीर की पुष्टि करते हुए बताया कि यह घटना 25 जनवरी 2026 की घसीपुरा थाना क्षेत्र के निलीझरण गांव की है.
पुलिस अधिकारी ने बताया कि परिवार के कुछ सदस्यों ने आपसी जमीन विवाद को लेकर अपने ही परिवार के तीन लोगों की हत्या कर दी थी. पूरा परिवार आदिवासी समुदाय से है. इसके अलावा आरोपी और पीड़ित किसी के भी ईसाई होने या ईसाई धर्म में रखने के कारण हत्या करने का दावा गलत है.
सोशल मीडिया पर दावा?
बूम की व्हाट्सएप टिपलाइन (7700906588) पर कई यूजर ने हमें इस तस्वीर को भेजा, जिसमें अंग्रेजी भाषा में लिखा है, ‘ओडिशा में बेरहमी से हत्या की घटना. रविवार को ओडिशा के मयूरभंज में ईसाई धर्म में आस्था रखने की वजह से एक ईसाई पति, पत्नी और बेटी की हत्या कर दी गई. कृपया ओडिशा के लिए प्रार्थना करें.’ (हिंदी अनुवाद)
पड़ताल में क्या मिला:
बूम ने दावे की पड़ताल के लिए संबंधित कीवर्ड से मीडिया रिपोर्ट सर्च कीं. हमें इस जानकारी से जुड़ी एक घटना की कई मीडिया रिपोर्ट मिलीं.
आजतक की रिपोर्ट के अनुसार, 25 जनवरी की शाम लगभग 5 बजे ओडिशा के केओंझार जिले के घसीपुरा थाना क्षेत्र में आने वाले निलीझरण गांव में एक परिवार में आपसी जमीन विवाद के कारण तीन लोगों की हत्या कर दी गई थी. मृतकों की पहचान जितेंद्र सोरेन, उनकी पत्नी मालती सोरेन और उनकी नाबालिग बेटी सस्मिता सोरेन के रूप में की गई.
रिपोर्ट में बताया गया कि इस हत्या का मुख्य आरोपी जितेंद्र का बड़ा भाई लक्ष्मण सोरेन है. पीड़ित पक्ष की शिकायत के आधार पर बैद्य सोरेन उनके बेटे सुदाम सोरेन और लक्ष्मण सोरेन को इस मामले में आरोपी बनाया गया.
रिपोर्ट में केओंझार के एसपी नितिन के हवाले से बताया कि तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनसे पूछताछ जारी है. उन्होंने कहा कि हत्या के पीछे पारिवारिक और जमीन विवाद जैसे कई कारण सामने आ रहे हैं.
टाइम्स ऑफ इंडिया, पीटीआई, OTV News English और Kanak News पर भी इस घटना की रिपोर्ट को देखा जा सकता है. हालांकि इन रिपोर्ट में वायरल फोटो शामिल नहीं थी.
ओडिशा पुलिस ने वायरल दावे का किया खंडन
बूम ने अधिक स्पष्टिकरण के लिए घसीपुरा थाना इंचार्ज इंस्पेक्टर किशोर चंद्र प्रधान जी से बात की. उन्होंने बूम से स्पष्ट किया कि वायरल फोटो 25 जनवरी 2026 को निलीझरण गांव में हुए ट्रिपल मर्डर की ही है.
उन्होंने बताया, "परिवार के कुछ सदस्यों ने आपसी जमीन विवाद को लेकर अपने ही परिवार के तीन लोगों की हत्या कर दी थी. पूरा परिवार आदिवासी समुदाय से है. आरोपी और पीड़ित किसी के भी ईसाई होने या ईसाई धर्म में विश्वास रखने के कारण हत्या करने का दावा पूरी तरह से गलत है."


