सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसके साथ दावा किया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में 6 मस्जिदों को ध्वस्त कर दिया गया और करीब 52 मुस्लिमों के घर जला दिए गए.
बूम ने पाया कि वीडियो के साथ किया जा रहा दावा गलत है. वीडियो मेरठ से सटे जिले हापुड़ का है, जहां शनिवार (9 मई) को महाराणा प्रताप की जयंती के दौरान दो समुदायों के बीच विवाद के बाद हिंसा भड़क गई थी.
पुष्टि के लिए हमने मेरठ पुलिस से भी संपर्क किया. उन्होंने हाल के दिनों में किसी भी मस्जिद को ध्वस्त किए जाने की घटना से इनकार किया.
सोशल मीडिया पर क्या है वायरल?
सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो में भीड़ का एक हिस्सा छत पर चढ़कर तोड़फोड़ और मारपीट करता नजर आ रहा है. भीड़ में कई लोगों के हाथों में भगवा झंडे भी दिखाई दे रहे हैं.
एक्स पर Anushi Tiwari नाम के एक हैंडल ने इस वीडियो को शेयर करते हुए इसके अंग्रेजी कैप्शन में दावा किया कि मेरठ शहर में 6 मस्जिदें ध्वस्त कर दी गईं और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पर ईशनिंदा का आरोप लगा, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई. 52 मुस्लिम घरों में आग लगा दी गई और कई मुसलमान जिंदा जल गए. (आर्काइव लिंक)
फेसबुक पर भी यह वीडियो इसी मिलते-जुलते दावे के साथ वायरल है. (आर्काइव लिंक)
पड़ताल में क्या मिलाः
वीडियो यूपी के हापुड़ जिले का है
वीडियो के कीफ्रेम को रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें अमर उजाला, दैनिक जागरण और दैनिक भास्कर जैसे आउटलेट की रिपोर्ट मिलीं. हमने पाया कि यह वीडियो मेरठ का नहीं बल्कि हापुड़ का है.
मामला 9 मई का है, जब हापुड़ में महाराणा प्रताप जयंती के मौके पर निकाली गई शोभा यात्रा के दौरान एक विवाद के बाद हिंसा भड़क गई. घटना में एक दरोगा समेत सात लोग घायल हो गए. पांच किलोमीटर लंबी इस यात्रा में लगभग 100 बाइक और कारें शामिल थीं.
घटना थाना धौलाना क्षेत्र के देहरा गांव में हुई. उस समय महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया जा रहा था. इसी दौरान यात्रा में शामिल एक युवक का एक दुकानदार जाहिद से सामान लेने को लेकर विवाद हो गया, जो देखते ही देखते इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच मारपीट शुरू हो गई.
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कुछ देर बाद दोनों ओर से पथराव शुरू हो गया. कुछ युवक बचने के लिए छत पर चढ़ गए, इस क्रम में एक युवक को गिरा दिया गया और उसके साथ मारपीट की गई.
घटना पर हापुड़ पुलिस का बयान
एफआईआर की कॉपी में दोनों समुदायों के आरोपियों के नाम मौजूद हैं. पुलिस ने मारपीट में शामिल लोगों की पहचान- नेक मोहम्मद, नौशेर, जाहिद, मेहताब, दानिश, सरफराज और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के रूप में की. वहीं दूसरे पक्ष से गौरव और अंकित राणा जैसे लोगों के नाम सामने आए, जिनके द्वारा छत पर चढ़कर अन्य समुदाय के लोगों के साथ मारपीट की गई थी.
हापुड़ पुलिस के आधिकारिक एक्स हैंडल पर भी इससे संबंधित पोस्ट देखा जा सकता है, जिसमें हापुड़ पुलिस अधीक्षक का बयान भी शामिल है. पुलिस के मुताबिक इस मामले में अब तक तीन लोगों- जाहिद, मेहताब और नौशेर को गिरफ्तार किया गया है जबकि पांच अन्य लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.
मेरठ पुलिस ने किया दावे का खंडन
हमने वायरल दावे से जुड़ी खबरों की भी तलाश की लेकिन हमें मेरठ में छह मस्जिदों को ढहाने या 52 मुस्लिम परिवारों के घरों में आगजनी से संबंधित कोई विश्वसनीय न्यूज रिपोर्ट नहीं मिली.
पुष्टि के लिए हमने मेरठ पुलिस से भी संपर्क किया जिन्होंने बातचीत में हाल के दिनों में किसी भी मस्जिद को ध्वस्त किए जाने की घटना से इनकार किया.


