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फैक्ट चेक

फैक्ट चेक: बांग्लादेश में मुस्लिम कट्टरपंथी ने काटे हिंदू महिला के बाल? जानें सच्चाई

बूम ने पाया वीडियो के साथ किया गया सांप्रदायिक दावा गलत है. घटना 2 मार्च 2026 की है, जहां बांग्लादेश के रूपगंज में चोरी के आरोप में तीन मुस्लिम महिलाओं के बाल काट दिए गए थे.

By -  Jagriti Trisha |

5 Jun 2026 6:26 PM IST

नोट: इस रिपोर्ट में महिलाओं के साथ हुई प्रताड़ना से जुड़े विवरण शामिल हैं.

बांग्लादेश में मुस्लिम कट्टरपंथियों द्वारा जबरन हिंदू महिलाओं के बाल काटने के सांप्रदायिक दावे से एक वीडियो वायरल है. वीडियो में एक शख्स रस्सी से बंधी एक महिला के बाल काटता दिखाई दे रहा है, जबकि महिला छोड़ देने की गुहार लगाती नजर आ रही है.

बूम ने पाया कि वीडियो के साथ किया गया सांप्रदायिक दावा गलत है. घटना में शामिल सभी महिलाएं मुस्लिम हैं. घटना 2 मार्च 2026 की है, तब बांग्लादेश के रूपगंज में चोरी के आरोप में तीन महिलाओं के साथ मारपीट की गई थी और उनके बाल काट दिए गए थे.

सोशल मीडिया पर क्या है वायरल?

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कई यूजर्स इस वीडियो को बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे कथित अत्याचार का उदाहरण बताते हुए शेयर कर रहे हैं और लिख रहे हैं कि मुस्लिम कट्टरपंथी हिंदू महिला को बांधकर जबरन उसके बाल काट रहे हैं. (आर्काइव लिंक)

एक यूजर ने वीडियो के साथ दावा किया, "बांग्लादेश में 40 वर्षीय हिंदू महिला के साथ बलात्कार के बाद कट्टरपंथी ने महिला को बांधकर उसके बाल काट दिए." (आर्काइव लिंक)

पड़ताल में क्या मिला:

वीडियो बांग्लादेश के रूपगंज का है

संबंधित बांग्ला और अंग्रेजी कीवर्ड सर्च की मदद से हमें इस घटना से जुड़ी कई न्यूज रिपोर्ट मिलीं, जिनमें वायरल वीडियो के विजुअल भी मौजूद थे. खबरों के मुताबिक घटना में शामिल तीनों महिलाएं मुस्लिम समुदाय से ताल्लुक रखती हैं.

Times of Bangladesh, Ittefaq और Daily Star की रिपोर्ट के अनुसार घटना 2 मार्च 2026 की है. बांग्लादेश के नारायणगंज जिले के रूपगंज में चोरी के आरोप में तीन महिलाओं को बांधकर उनकी पिटाई की गई थी और उनके बाल काट दिए गए थे.

सांप्रदायिक दावा झूठा है

रिपोर्ट में कहा गया कि रूपगंज के दहरगांव इलाके में तीन महिलाएं सलीम मियां नामक एक शख्स के घर में घुस गईं. स्थानीय लोगों ने उन्हें चोरी के आरोप में पकड़ लिया और उनके साथ मारपीट की. इन तीनों महिलाओं की पहचान सुमैया अख्तर, इति अख्तर और शर्मिन अख्तर के रूप में हुई थी.

इस घटना का वीडियो उस समय खूब वायरल हुआ था. हालांकि तीनों महिलाओं ने चोरी के आरोपों से इनकार करते हुए कहा था कि वे घर किराए पर लेने के सिलसिले में वहां गई थीं. मकान के किराए को लेकर हुए विवाद के बाद उन पर झूठा आरोप लगाकर उन्हें बंधक बना लिया गया. खबरों में स्थानीय पुलिस का बयान भी देखा जा सकता है.

Jugantor की 3 मार्च की रिपोर्ट के अनुसार इस मामले में दो अलग-अलग केस दर्ज किए गए थे- एक महिलाओं की ओर से और दूसरा आरोपी सलीम भुइयां की पत्नी की ओर से. पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता सलीम भुइयां के साथ-साथ तीनों महिलाओं को भी गिरफ्तार किया था.

ATN Bangla News के यूट्यूब चैनल पर इस घटना की वीडियो रिपोर्ट भी देखी जा सकती है.


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