नोट: इस स्टोरी में हत्या और हिंसा के विचलित करने वाले वीडियो का जिक्र शामिल है.
गुजरात के सूरत स्थित भेस्तान इलाके में 5 अगस्त को हिस्ट्रीशीटर सतीश मराठा की बेरहमी से हत्या कर दी गई, जिसका एक फुटेज अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इसके साथ दावा किया जा रहा है कि सतीश एक सामजिक कार्यकर्ता था, जिसकी मुस्लिम युवकों ने हत्या कर दी.
बूम ने पाया कि वायरल दावा गलत है. भेस्तान पुलिस इंस्पेक्टर एसबी देसाई ने दावे का खंडन करते हुए बूम से बताया कि हिस्ट्रीशीटर सतीश मराठा की हत्या में शामिल तीन नाबालिग समेत सभी आरोपी हिंदू हैं.
सोशल मीडिया पर क्या है वायरल?
वायरल फुटेज में कुछ लोग एक शख्स पर लगातार हमला करते नजर आ रहे हैं. वहीं वीडियो के दूसरे हिस्से में एक शख्स उसकी हत्या का बदला लेने की बात करता दिख रहा है.
एक्स पर हत्या के दौरान के इस फुटेज को शेयर करते हुए एक यूजर ने दावा किया, 'गुजरात के सूरत में सामाजिक कार्यकता सतीश मराठे नामक युवक को मुस्लिम युवकों ने झुग्गी के पास ले जाकर, फरसा से काटकर मार डाला. अभी तक दो युवकों, अरबाज और करीम बैरोन की गिरफ्तारी हुई है. बताया जा रहा है कि ये झुग्गी वाले बांग्लादेशी हैं, जिसकी जांच सतीश मराठे करा रहे थे और झुग्गी हटाने के लिए कह रहे थे फिर झुग्गी वाले मुस्लिम युवकों ने लूटपाट कर उनकी हत्या कर दी.' (आर्काइव लिंक)
पड़ताल में क्या मिला:
हत्या के पीछे आपसी रंजिश
हमने इस घटना से संबंधित मीडिया रिपोर्ट की तलाश की. न्यू इंडियन एक्सप्रेस, एनडीटीवी और दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक घटना 5 अगस्त को सूरत के भेस्तान इलाके में हुई. सतीश मराठा अपनी कार से जा रहा था तभी कुछ लोगों ने उसका पीछा कर कार की खिड़की तोड़ दी.
सतीश के बाहर निकलते ही अन्य हमलावरों ने घेरकर उसपर धारदार हथियारों से हमला किया. एक हमलावर ने कथित तौर पर गोली चलाई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. पुलिस के अनुसार सतीश के शरीर और चेहरे पर करीब 39 वार किए गए थे.
खबरों के मुताबिक सतीश की हत्या की साजिश पहले से रची गई थी और हमलावर उसकी गतिविधियों पर नजर रख रहे थे. सतीश और जेल में बंद आरोपी राहुल मंडल के बीच लंबे समय से वर्चस्व को लेकर विवाद था.
सांप्रदायिक दावा गलत है
सूरत पुलिस ने मामले में अब तक नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें तीन नाबालिग हैं. गिरफ्तार आरोपियों में केतन शिरसाठ, राहुल दुबे, करण दुबे, अजीत गोस्वामी, आकाश ठाकुर और राहुल कपूर शामिल हैं. वहीं FIR में अरुण यादव, राज पवार और बंटी पटेल जैसे नाम भी दर्ज हैं.
हमने पाया कि गिरफ्तार आरोपियों में कोई भी मुस्लिम नहीं है. वहीं मीडिया रिपोर्ट में दावे के विपरीत हत्या के पीछे का कारण आपसी रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई बताया गया है.
सूरत पुलिस ने किया खंडन
पुष्टि के लिए हमने भेस्तान पुलिस स्टेशन से संपर्क किया. भेस्तान पुलिस इंस्पेक्टर एसबी देसाई ने बूम से बताया कि सतीश एक हिस्ट्रीशीटर था. साथ ही उन्होंने सांप्रदायिक दावे का खंडन करते हुए कहा कि मामले में शामिल तीन नाबालिगों समेत सभी आरोपी हिंदू हैं और यह घटना आपसी दुश्मनी के चलते हुई.


