दिल्ली: दयालपुर मर्डर केस में गलत सांप्रदायिक दावा किया जा रहा शेयर
दिल्ली पुलिस ने वायरल दावे का खंडन करते हुए बताया कि आरोपी और पीड़ित दोनों एक ही समुदाय से आते हैं.

नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के दयालपुर में एक नाबालिग की हत्या की घटना सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक रंग देकर साझा की जा रही है. घटना से संबंधित एक वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि 16 वर्षीय मुस्लिम लड़के को उसके कुछ हिंदू दोस्तों ने घर से बाहर बुलाया और चाकू मारकर उसकी हत्या कर दी.
बूम ने पाया कि दयालपुर की इस घटना में कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं है और आरोपियों के हिंदू होने का दावा गलत है. पुलिस के मुताबिक पीड़ित और आरोपी एक ही समुदाय से आते हैं.
सोशल मीडिया पर क्या है वायरल?
वायरल हो रहे वीडियो में मृतक लड़के के परिजन घटना के बारे में बताते हुए रोते-बिलखते नजर आ रहे हैं. एक्स पर एक यूजर ने इस वीडियो को शेयर करते हुए सांप्रदायिक दावा किया और लिखा, 'हाफिजे कुरान 16 साल के सुभान मलिक को उसके ही कुछ हिंदू दोस्तों ने घर से बाहर बुलाया, उनपर चाकू मारकर उसकी हत्या करने का आरोप लगा है!' (आर्काइव लिंक)
फेसबुक पर भी इसके साथ यूजर इसी तरह का दावा करते हुए लिख रहे हैं कि 16 वर्षीय सुभान को उसके ही कुछ हिंदू दोस्तों ने घर से बाहर बुलाया और चाकू मारकर उसकी हत्या कर दी. (आर्काइव लिंक)
पड़ताल में क्या मिला:
दयालपुर की इस घटना से जुड़ी कई मीडिया रिपोर्ट मौजूद हैं. लाइव हिंदुस्तान, एबीपी न्यूज और दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली के दयालपुर में यह घटना 25 मार्च 2026 को हुई थी. प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आपसी रंजिश और बुलिंग के चलते तीन आरोपियों ने 15-16 वर्षीय लड़के शुभान मलिक पर चाकू से हमला किया, जिससे उसकी मौत हो गई.
Delhi Uptodate News के यूट्यूब चैनल पर 27 मार्च 2026 को प्रकाशित वीडियो रिपोर्ट में वायरल वीडियो वाला हिस्सा देखा जा सकता है, जिसमें परिजनों के साथ-साथ स्थानीय लोगों के बयान भी शामिल हैं.
घटना में शामिल आरोपी नाबालिग हैं
जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि इस वारदात को तीन नाबालिग आरोपियों ने मिलकर अंजाम दिया था, जिनकी उम्र 13 से 17 साल के बीच है. इस मामले में दयालपुर थाने में BNS की धारा 103(1) (हत्या) और 3(5) (सामान्य आशय) के तहत केस दर्ज कर पुलिस ने तीनों को हिरासत में ले लिया और हत्या में इस्तेमाल चाकू भी बरामद कर लिया. पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि मृतक उनमें से एक को अक्सर परेशान और बुली करता था, जिसकी वजह से नाराज लड़कों ने मिलकर उस पर हमला किया जिससे उसकी मौत हो गई.
भारत में Juvenile Justice (Care and Protection of Children) Act के तहत किसी भी नाबालिग आरोपी की पहचान सार्वजनिक करना प्रतिबंधित है. इसलिए किसी भी न्यूज रिपोर्ट में तीनों आरोपियों के नाम मौजूद नहीं हैं.
पुलिस ने किया वायरल दावे का खंडन
वायरल दावे की जानकारी के लिए हमने दयालपुर पुलिस से संपर्क किया. पुलिस ने बूम से बातचीत में वायरल सांप्रदायिक दावे का खंडन करते हुए बताया कि इस घटना में आरोपी और मृतक दोनों एक ही समुदाय से आते हैं.



