नेटफ़्लिक्स से लेकर सेक्स तक: अजीब ट्वीट्स कर रहे हैं सी.ए.ए हेल्पलाइन को प्रमोट

ट्वीट में बताया गया नंबर बीजेपी की सीएए समर्थन हेल्पलाइन है। हैंडल अब दावा करता है कि ट्वीट एक शरारत का हिस्सा थे।

विवादास्पद नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के समर्थन में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सोशल मीडिया अभियान पर शनिवार को सवालिया निशान तब उठा जब कई ट्वीटर यूज़र्स ने मुफ़्त डेटा, सेक्स और नेटफ़्लिक्स के साथ टोल-फ्री नंबर को प्रमोट करने वाले कई ट्वीटों की ओर इशारा किया।

हालाँकि, अन्य ट्विटर यूज़र्स ने जल्द ही यह बताया कि दिया गया नंबर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा शुरू किया गया एक टोल-फ्री नंबर है, जिस पर लोग केवल एक मिस्ड कॉल दे कर नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) अभियान के पक्ष में अपना समर्थन दर्ज़ कर सकते हैं। यह नंबर पार्टी द्वारा 2 जनवरी, 2020 को नंबर लॉन्च किया गया था, जिसे गृह मंत्री अमित शाह ने भी ट्वीट किया था और लोगों से सीएए के लिए अपना समर्थन दिखाने के लिए एक मिस्ड कॉल देने को कहा था।

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कॉल मी ...मैं अभी फ्री हूँ

कीवर्ड, 'कॉल मी...8866288662' के साथ ट्वीटर खोज करने पर हमने पाया कि पिछले 40 घंटों में कई ट्वीट्स में यह नंबर शेयर की गई थी, जिनमें से अधिकांश महिला नाम के अकाउंट थे, जिनमें कहा गया था कि वे बात करने के लिए फ्री हैं।

अर्काइव देखने के लिए यहां क्लिक करें।

बाद में हटाए गए ट्वीट्स में से एक ने दावा किया कि नंबर पर कॉल करने पर 6 महीने की मुफ़्त नेटफ़्लिक्स सदस्यता का लाभ उठाया जा सकता है।


लेकिन बहुत जल्द, नेटफ़्लिक्स इंडिया ने इस ऑफर को फ़र्ज़ी बताते हुए ख़ारिज कर दिया और इस पर प्रतिक्रिया भी दी।


जैसे-जैसे ट्वीट सवालों के घेरे में आया, ये नंबर ट्वीट करने वाली एक यूज़र, Shreena (@RubyOnASplurge) ने दावा किया कि यह एक 'शरारत' थी। ट्विटर अकाउंट अब निष्क्रिय हो गया है।

बूम ने नंबर ट्वीट करने वाले हैंडल की जांच की और पाया कि वे बीजेपी समर्थक प्रतीत होते हैं। हम प्रतिक्रिया के लिए भाजपा के आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय से संपर्क किया लेकिन उन्होंने हमारी पूरी बात सुने बगैर ही फोन काट दिया। प्रतिक्रिया मिलने पर लेख को अपडेट किया जाएगा।

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वोडाफोन ने 5 जनवरी, 2020 को एक आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी की, जिसमें पुष्टि की गई कि संख्या (8866288662) को अपने मिस्ड कॉल अभियान के लिए भाजपा को सौंपा गया है। प्रेस रिलीज़ में कहा गया है कि इस नंबर को फरवरी 2017 से कॉस्मिक इन्फर्मेशन एंड टेक्नोलॉजी लिमिटेड को सौंपा गया था, जिसने मिस्ड कॉल अभियान के लिए नंबर का इस्तेमाल किया गया था।


पिछले कुछ हफ्तों में, 11 दिसंबर को संसद द्वारा पारित किए गए सीएए अधिनियम, 2019 को लेकर भाजपा को विरोधियों की भारी आलोचना का सामना करना पड़ा है और जिसके चलते पूरे देश में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए हैं। यह अधिनियम धार्मिक उत्पीड़न से भागकर शरणार्थी के रूप में भारत आने वाले छह गैर-मुस्लिम धार्मिक अल्पसंख्यकों को भारतीय नागरिकता पाने की अनुमति देता है। जबकि अधिनियम के विरोधियों का कहना है कि यह भेदभावपूर्ण है, सरकार का कहना है कि यह असहाय शरणार्थियों के लिए कानूनी मदद है जिनके पास जाने के लिए कोई और जगह नहीं है।

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