गुम हुई बच्ची, पहुंच चुकी है अपने परिवार के पास

बूम ने पाया कि वीडियो वायरल होने के तुरंत बाद 2018 में लड़की अपने परिवार के पास वापस पहुंच गई थी।

एक गुमशुदा बच्चे का लगभग दो साल पुराना वीडियो जो अपने परिवार के साथ फिर से मिल गई हैं, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसके साथ झूठा दावा किया जा रहा हैं की वह मंगलौर में भिखारियों के एक समूह के साथ पाई गई है।

बूम ने रॉकी भदौरिया से संपर्क किया जिन्होंने 2018 में वीडियो शूट किया था । उन्होंने बताया कि बच्ची उनके हाउसिंग काम्प्लेक्स से गुम हो गई थी लेकिन बाद में अपने परिजनों तक पहुंच गई थी।

38 सेकंड के वायरल वीडियो में लड़की से उसके पिता का नाम पूछा जा रहा है, जबकि बच्ची लगातार रो रही है।

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बूम को यह वीडियो हमारे व्हाट्सएप्प हेल्पलाइन नंबर (7700906111) पर मिला है जिसमें इसकी सत्यता के बारे में पूछा गया है।


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वीडियो को एक कैप्शन के साथ शेयर किया जा रहा है जिसमें लिखा है, "इस छोटी सी खूबसूरत लड़की को मंगलौर में तमिल भिखारियों के एक समूह के साथ देखा गया। कृपया जब तक यह सही माता-पिता तक नहीं पहुंचती और उसकी पहचान नहीं हो जाती है, इसे फॉरवार्ड करें। वह अपना नाम जानती है और खुद को सोनल बिपिन पटेल कहती। कृपया इस तस्वीर को अपने सभी ग्रुप्स पर पोस्ट करें। भिखारियों का कहना है कि वह मुंबई से आने वाली ट्रेन में मिली थी। हो सकता है कि इसकी जिंदगी इसे वापस मिल जाए।"

इसी क्लिप को गायिका रेखा भारद्वाज ने ट्विटर पर शेयर किया था, जिसे उन्होंने बाद में डिलीट कर दिया था, हालांकि उनकी इंस्टाग्राम पोस्ट अभी तक मौजूद है।


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फेसबुक पर वायरल

हमने फेसबुक पर इसी कैप्शन के साथ खोज की और पाया कि यह क्लिप भ्रामक कैप्शन के साथ वायरल हुई थी।


फ़ैक्ट चेक

हमने वीडियो को की-फ्रेम में तोड़ा और यांडेक्स का उपयोग करके रिवर्स इमेज सर्च किया, जिसमें पता चला कि वायरल वीडियो 2018 से घूम रहा है। एक ट्विटर यूजर अर्जुन चौधरी ने 30 जनवरी, 2018 को उसी वीडियो को पोस्ट किया था, जिसके साथ हिंदी में कैप्शन लिखा था, "यह किसकी बेटी है? वह मोहन नगर में पाई गई थी, अगर किसी को कोई जानकारी है, तो रॉकी भदौरिया से संपर्क करें।"

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गाज़ियाबाद पुलिस ने ट्वीट का जवाब देते हुए ट्वीट किया था कि रॉकी भदौरिया द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार वायरल वीडियो में दिखाई देने वाली लड़की वापस अपने परिवार के साथ मिल गई थी।


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बूम ने भदौरिया से संपर्क किया जिन्होंने पुष्टि दी कि लड़की अपने परिवार तक पहुंच चुकी थी। "मैंने लगभग एक साल पहले वीडियो शूट किया था, जब मैंने उसे मध्य प्रदेश के उज्जैन में अपनी कॉलोनी में पाया था।"

उन्होंने आगे बताया कि अपने घर ले जाने के बाद, उन्होंने वीडियो शूट किया और लड़की के माता-पिता की पहचान करने में मदद करने के लिए इसे व्हाट्सएप्प के माध्यम से शेयर किया। "उसके माता-पिता को उसके बारे में पता चला और वे तुरंत आ गए और उसे अपने घर ले गए।"भदौरिया ने हमें बताया कि माता-पिता ने उन्हें बताया कि वे पानी भर रहे थे जब बच्ची खेल रही थी और गुम हो गई।"

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भदौरिया ने कहा, "वीडियो फ़र्ज़ी दावों के साथ फैलाया गया है, और मुझे उसके हाल-चाल के लिए एक साल से फोन आ रहे हैं।"

इस वीडियो को पहले न्यूजचेकर ने खारिज किया था।

Updated On: 2019-12-26T17:23:39+05:30
Claim Review :   लड़की भिखारियों के एक समूह के साथ मैंगलोर में मिली
Claimed By :  Social Media
Fact Check :  False
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